Rajasthan : चिकित्सा मंत्री ने किया मिनिमिली एन्वेसिव लाईव न्यूरो सर्जरी वर्कशॉप का शुभारंभ

Health News : Minimally Invasive Live Neuro Surgery Workshop in Rajasthan
जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने शनिवार को सायं महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी द्वारा एशियन-आस्ट्रेलियन सोसायटी ऑफ न्यूरोलॉजिकल सर्जन्स के सहयोग से आयोजित एज्युकेशन कोर्स एवं मिनिमिली एन्वेसिव लाईव न्यूरो सर्जरी वर्कशॉप का दीप प्रज्ज्वलित कर व उद्घाटन किया।
डॉ. शर्मा ने वर्कशॉप में देश विदेश से आये न्यूरोलॉजिस्ट का स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वागत किया। उन्होंने इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिये महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन डॉ. एम.एल. स्वर्णकार, ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. बी.एस. शर्मा, ऑर्गेनाइजिंग-को चेयरमैन डॉ. बी.डी. सिन्हा एवं आर्गेनाइजिंग सेकरेट्री डॉ. जितेन्द्र सिंह वर्मा  को बधाई दी।
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि  चिकित्सा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन हो रहे हैं एवं न्यूरो सहित सुपर स्पेशिलिटी सेवाओं का निरन्तर विकास हो रहा है। सड़क दुर्घटनाओं सहित अन्य दुर्घटनाओं के साथ ही न्यूरो संबंधित कॉप्लीकेशन्स के चलते न्यूरो सर्जरी की ब्रांच अत्यंत महत्वपूर्ण हो गयी है। उन्होंने बताया कि एसएमएस में प्रतिवर्ष 5 हजार से अधिक न्यूरोसर्जरी के ऑपरेशन किये जाते हैं। इसमें से लगभग 2 हजार सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्तियों की न्यूरोसर्जरी शामिल हैं।

डॉ. शर्मा ने कहा कि गंभीर दुर्घटना  एवं सिर की चोट के व्यक्तियों को अतिशीघ्र न्यूरो क्रिटिकल केयर प्रदान करके ही उनकी जान बचायी जा सकती है। आज देश में लगभग 4 हजार न्यूरो विशेषज्ञ हैं। राजस्थान में न्यूरोलॉजिस्ट एवं न्यूरोसर्जन मिलाकर 100 से अधिक न्यूरो विशेषज्ञ अपनी सेवायें दे रहे हैं। यह संख्या बहुत कम है। इनकी संख्या बढ़ाने के लिये नये मेडिकल कॉलेज प्रारम्भ करने के साथ ही स्पेशलाइज्ड ब्रांच की सीटों को बढ़ाने का विशेष प्रयास कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने Pulwama Terror Attack पर कहा ” पाकिस्तान आंतकवाद का पर्याय बन चुका है”

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों को गोल्डन ऑवर में ट्रीटमेन्ट के लिये ट्रोमा सेन्टर विकसित करने के साथ ही एम्बुलेंस सेवा 108 में व्यापक सुधार कर रहे हैं।  प्रदेश में लकवे की बीमारी एक बड़ी समस्या है। प्रति लाख व्यक्तियों में से लगभग 200 इस बीमारी से ग्रसित हो जाते हैं। मिर्गी से ग्रस्त लोग झाड़फूक वाले इलाज से अपनी जान तक गवां बैठते हैं। इन्हें क्रिटिकल केयर की आवश्यकता होती है।
डॉ. शर्मा ने बताया कि  प्रदेशवासियों को राइट-टू-हैल्थ देने की दिशा  में अनेक कार्य प्रारम्भ किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने पिछले कार्यकाल में निःशुल्क दवा योजना प्रारम्भ की थी और अब इस दवा योजना के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 3 लाख मरीजों को निःशुल्क दवा उपलब्ध करवायी जा रही है। अब इस योजना में कैंसर, हृदय व किडनी की महंगी दवाओं को भी शामिल किया जा रहा है।  उन्होंने न्यूरो चिकित्सकों से  न्यूरो से संबंधित समस्त उपचार आम आदमी को उचित कीमतों पर उपलब्ध कराने की दिशा में भी गहन चिंतन करने का आव्हान किया।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि आम आदमी का न्यूरो से संबंधित उपचार उचित दरों पर सुलभ कराने की दृष्टि से अधिक चिंतन की जरूरत है। उन्होंने वर्कशॉप के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इससे भावी न्यूरो चिकित्सको को नवीनतम तकनीक सीखने का अवसर मिलेगा।
इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, विधायक श्रीमती गंगा देवी, वेदप्रकाश सोलंकी व ओमप्रकाश हुड़ला, आरयूएचएस के फोर्मर वाइस चांसलर डॉ. अशोक पनगड़िया एवं एसएमएस मेडिकल कॉलेज के फोर्मर प्रिंसिपल डॉ. एस.आर. धारकर सहित देश विदेश से आये चिकित्सकगण मौजूद थे।

PM Modi ने कहा देश सुरक्षित हाथों में, मैं देश नही झूकने दूंगा

www.hellorajasthan.com की ख़बरें फेसबुकट्वीटर और सोशल मीडिया पर पाने के लिए हमें Follow करें.

Leave a Reply