इंडिया स्टोन मार्ट-2019 : प्राकृतिक खनिजों के दोहन में आधुनिक एवं वैज्ञानिक तरीके अपनाएं जाएं : मुख्यमंत्री

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जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि किसी भी देश एवं प्रदेश के विकास में वहां उपलब्ध प्राकृतिक संपदा का महत्वपूर्ण योगदान होता है  खनिज संपदा भण्डारों के मामले में राजस्थान काफी भाग्यशाली है। खनिजों की प्रचुर उपलब्धता के कारण प्रदेश का देशभर में एक अलग स्थान है। पोटाश जैसे कुछ खनिज तो सिर्फ राजस्थान में ही पाये जाते हैं। प्रदेश में उपलब्ध इस खनिज संपदा का वैज्ञानिक तरीके से दोहन एवं आधुनिक तकनीक के साथ प्रोसेसिंग करनी होगी ताकि प्रदेश को इसका लाभ मिल सके।
श्री गहलोत गुरूवार को सीतापुरा स्थित जयपुर एक्जीबीशन एण्ड कन्वेन्शन सेन्टर  (जे.ई.सी.सी.) में इंडिया स्टोन मार्ट-2019 के उद्घाटन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 20 साल पहले शुरू हुआ इंडिया स्टोन मार्ट सभी की मेहनत और समर्पित भाव से किए गए प्रयासों के कारण आज अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान कायम कर चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी पिछली सरकार ने मार्बल एवं ग्रेनाइट पॉलिसी बनाई थी जो काफी कामयाब हुई थी। सिंगल विन्डो सिस्टम, आसान ऋण सुविधा, खनन उद्योग को विशेष सुविधाएं देने एवं मशीनीकृत खनन को उद्योग का दर्जा दिलाने के संबंध में नीतिगत फैसले लिये गये थे, इससे उद्योगपतियों के लिए आसानी हुई थी। हमारे प्रयासों से प्रदेश में उद्योगों के अनुकूल वातावरण तैयार हुआ था एवं निवेशकों की राह आसान हुई थी। उन्होंने कहा कि इस बार भी पत्थर उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले खनन के बाद अधिकतर पत्थर आधुनिक तकनीक के अभाव में वेस्टेज हो जाता था, लेकिन तकनीक में सुधार के कारण आज पत्थर उद्योग नये आयाम स्थापित कर रहा है। एक्सपोर्ट क्वालिटी के पत्थर तराशकर यहां से विदेशों में भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले राजस्थान की पहचान मार्बल एवं सैण्ड स्टोन के कारण थी। आज ग्रेनाइट एवं कोटा स्टोन ने भी अपनी एक अलग पहचान कायम की है। आधुनिक तकनीक के उपयोग से अन्तर्राष्ट्रीय गुणवत्ता के उत्पाद तैयार हो रहे हैं, इसमें सीडॉस, फिक्की एवं रीको का भी भरपूर सहयोग रहा है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि पत्थर उद्योग को आगे बढ़ाने में राज्य सरकार की ओर से पूरा सहयोग मिलेगा। इस उद्योग से जुडे़ उद्यमियों की राह आसान करने और निवेश बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
श्री गहलोत ने कहा कि आज देश में आधे से ज्यादा आबादी युवाओं की है। इन युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना और उन्हें कुशल बनाना आज बड़ी चुनौती है। उद्योग एवं व्यापार जगत इस दिशा में पहल करते हुए नयी पीढ़ी को खुद का उद्योग स्थापित करने और युवाओं की क्षमता का उपयोग सही दिशा में करने में सहयोग करें।India Stone Mart -2019
श्री गहलोत ने देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आए प्रतिनिधियों का इंडिया स्टोन मार्ट-2019 में स्वागत किया और प्रदर्शनी की कामयाबी के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने ऑल इंडिया स्टोन आर्किटेक्ट अवार्ड विजेताओं को ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र एवं नकद पुरस्कार भी प्रदान किए।

कार्यक्रम में उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि स्टोन मार्ट प्रदर्शनी के आयोजन का उद्देेश्य देश-विदेश में पत्थर उद्योग को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के लिए अपार संभावनाएं हैं। पत्थर व्यवसाय से जुड़े उद्यमी आधुनिक तकनीक अपनाने के साथ इस व्यवसाय से जुड़े मजदूरों के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण का ध्यान रखते हुए खनन करें। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि ऎसा माहौल बनाया जाये कि उद्योगों से जुड़ी मंजूरी लेने के लिए उद्योगपतियों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पडे़ें और उन्हें आसानी से ऋण मिल सके।

उद्घाटन समारोह में मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता एवं रीको के चैयरमेन कुलदीप रांका ने प्रतिभागियाें का स्वागत किया और उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार अरविन्द मायाराम, सलाहकार गोविन्द शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग सुबोध अग्रवाल, फिक्की राजस्थान के अध्यक्ष अशोक कजारिया एवं सीडॉस के वॉइस चैयरमेन अशोक कुमार धूत सहित देश-विदेश से आए आर्किटेक्ट, उद्यमी एवं अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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