सावधान : अब आपके कंप्यूटर पर रहेगी सरकार की नजर

Please aware CYBER Crime : Rajasthan Police

सुरक्षा व खुफिया एजंसियों को मिले अधिकार
नई दिल्ली। कंप्यूटर सिस्टम में डाटा स्टोर रखने वालों के लिए एक बड़ी खबर है, जिसमें आपके सिस्टम को केंद्र सरकार ने दस एजेंसियां डाटा की निगरानी करने और उन्हे देखने का अधिकार दे दिया है। वर्ष 2009 में तैयार की गई नियमावली और तब से लेकर प्रभावी नियमों के अनुसार वैधानिक आदेश गृह सचिव राजीव गाबा ने जारी किया है।
ये है 10 सुरक्षा व खुफिया एजेंसियां
इनमें नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), खुफिया ब्यूरो(आईबी), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बेार्ड (सीबीडीटी), राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रा), दिल्ली पुलिस और सिंग्नल खुफिया निदेशालय (जम्मू कश्मीर, पूर्वोत्तर और असम में सक्रिय) शामिल है।

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सूचना प्रौद्योगिकी (सूचना खंगालने, निगरानी करने और जांच करने के लिए प्रक्रिया और सुरक्षा) नियमावली 2009 के नियम 4 में यह प्रावधान है कि ‘सक्षम अधिकारी किसी सरकारी एजेंसी को किसी कम्प्यूटर संसाधन में सृजित, पारेषित, प्राप्त अथवा संरक्षित सूचना को अधिनियम की धारा 69 की उप धारा (1) में उल्लेखित उद्देश्यों के लिए खंगालने, निगरानी करने अथवा जांच करने के लिए अधिकृत कर सकता है’। वैधानिक आदेश 20.12.2018 के द्वारा किसी सुरक्षा अथवा कानून का अमल करने वाली एजेंसी को कोई नया अधिकार नहीं दिया गया है।
मौजूदा आदेशों को कूटबद्ध करने के लिए आईएसपी, टीएसपी, मध्यवर्तियों आदि को अधिसूचित करने के लिए अधिसूचना जारी की गई है।

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खंगाले जाने, निगरानी से जुड़े और जांच से जुड़े प्रत्येक मामले के लिए सक्षम अधिकारी यानि केन्द्रीय गृह सचिव द्वारा मंजूरी प्राप्त करनी होगी। सूचना प्रौद्योगिकी (सूचना खंगालने, निगरानी करने और जांच करने हेतु प्रक्रिया और सुरक्षा) नियमावली 2009 के अनुसार राज्य सरकारों में भी सक्षम अधिकारी के पास ये शक्तियां उपलब्ध हैं।
सूचना प्रौद्योगिकी (सूचना खंगालने, निगरानी करने और जांच करने हेतु प्रक्रिया और सुरक्षा) नियमावली 2009 के नियम 22 के अनुसार, खंगालने अथवा निगरानी करने अथवा जांच करने के ऐसे सभी मामले को मंत्रिमंडल सचिव की अध्यक्षता में समीक्षा समिति में रखना होगा, जिसकी ऐसे मामले की समीक्षा के लिए दो माह में कम से कम एक बार बैठक होगी। राज्य सरकारों के मामले में ऐसे मामले की समीक्षा संबंधित मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा की जाएगी।
इससे यह सुनिश्चित करना कि किसी कम्प्यूटर संसाधन के माध्यम से किसी सूचना को खंगाले जाने, निगरानी करने अथवा जांच करने का कार्य यथोचित कानूनी प्रक्रिया के साथ किया गया है।

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इन शक्तियों का प्रयोग करने के लिए अधिकृत एजेंसियों के बारे में और किसी एजेंसी, व्यक्ति अथवा मध्यवर्ती द्वारा इन शक्तियों का किसी रूप में अनधिकृत इस्तेमाल की रोकथाम के बारे में अधिसूचना जारी करना।
उपर्युक्त अधिसूचना यह सुनिश्चित करेगी कि कम्प्यूटर संसाधन को कानूनी तरीके से खंगाला गया है अथवा निगरानी की गई है और इस दौरान कानून के प्रावधानों का पालन किया गया है।

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