Rajasthan : पशुओं में शल्य चिकित्सकीय उपायों की गहन जरूरत: प्रो. पाठक

Bikaner Vatiornary University

बीकानेर। पंड़ित दीनदयाल उपाध्याय पशुचिकित्सा एवं विज्ञान विश्वविद्यालय मथुरा के कुलपति प्रो. के.एम.एल. पाठक ने कहा कि पशुओं में शल्य चिकित्सकीय उपायों की गहन जरूरत है। राजुवास देश के पांच प्रमुख पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालयों में शामिल है जहां पशुओं की सी.टी. स्केन, सहित डाॅयग्नोस्टिक इमेजेज की आधुनिकतम उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रो.पाठक अखिल भारतीय नेटवर्क कार्यक्रम के तहत डिमस्का परियोजना में वेटरनरी विश्वविद्यालय में श्वानों के दंत रोगों के निदान और उपचार पर शल्य चिकित्सा विशेषज्ञों की दो दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

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Bikaner Vatiornary University प्रो.पाठक ने कहा कि ऊंटों की शल्य क्रिया चिकित्सा में यहां उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। प्रो. पाठक ने कहा कि अत्याधुनिक उन्नत उपकरणों से पशु शल्य क्रिया की उपयोगिता पर संस्थानों की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि पंचगव्य, पशओं से मनुष्य में फैलने वाले रोगों, औषधियों की प्रतिजैविकी प्रतिरोधकता जैसे विषयों पर आयुष विभागों के साथ साझा अनुसंधान की आवश्यकता है। मथुरा का पंडित दीनदयाल उपाध्याय पषुचिकित्सा एवं विज्ञान विश्वविद्यालय, राजुवास के साथ आपसी करार के द्वारा पशचिकित्सा और उपचार के अनुसंधान कार्यों में सहयोगी बनेगा।

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वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने कहा कि वेटरनरी विश्वविद्यालय द्वारा पशओं के व्यापक हित में उन्नत उपकरणों से क्लिनिकल और शल्य चिकित्सा सेवाएं सुलभ करवाई गई है। इनके माध्यम से राज्य के पशचिकित्सकों, अन्य विश्वविद्यालय के पशचिकित्सा विशेषज्ञों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ-साथ राज्य के पशपालकों को भी इसका लाभ मिल रहा है। प्रो. शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालयों के अलावा विभिन्न विभागों के साथ समन्वित परियोजनाओं पर कार्य करने की जरूरत है। पशओं के कल्याण कार्यक्रम को जयपुर के स्नातकोतर पशुचिकित्सा संस्थान और नवानियां (उदयपुर) के वेटरनरी काॅलेज में भी लागू किया जा रहा है। कार्यशाला के संयोजक और शल्य चिकित्सा प्रमुख डाॅ. प्रवीण बिश्नोई ने बताया कि दो दिवसीय कार्यशाला में मेडिकल दंत चिकित्सक डाॅ. ध्रुपथ माथुर, शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ डाॅ. टी.के. गहलोत और राजुवास शल्य चिकित्सा फैकल्टी के विशेषज्ञ प्रषिक्षण देंगे। Bikaner Vatiornary University कार्यशाला में श्वानों के दांतों के डेन्टल एक्स-रे, डेन्टल स्टेशन, स्केलिंग आदि तकनीकों के प्रायोगिक कार्य और व्याख्यान आयोजित किये जायेंगे। वेटरनरी काॅलेज के अधिष्ठाता प्रो. राकेश राव ने स्वागत भाषण किया और डाॅ. टी.के. गहलोत ने राजुवास में श्वानों की आंखों और दातों की शल्य चिकित्सा सेवाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर अतिथियों ने शल्य चिकित्सा विभाग द्वारा तैयार की गई “स्मारिका” का विमोचन किया। समारोह में कार्यशाला में गुरू अंगददेव पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, लुधियाना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशुचिकित्सा एवं विज्ञान विश्वविद्यालय, मथुरा, स्नातकोतर पशुुचिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, जयपुर, वेटरनरी काॅलेज नवानियां और बीकानेर के 15 शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ, राजुवास के डीन डायरेक्टर, अधिकारी और फैकल्टी सदस्य मौजूद थे।

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