देशभर में 1 अप्रेल 2016 से तंबाकू उत्पादेां पर 85 प्रतिशत सचित्र चेतावनी 

जयपुर । देशभर में 1 अप्रेल 2016 से तंबाकू उत्पादों पर 85 प्रतिशत सचित्र चेतावनी को लागू किया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालpwय भारत सरकार ने 1 अप्रेल 2016 से 85  प्रतिशत सचित्र चेतावनी का एफिडेविट राजस्थान हाईकेार्ट को दे दिया है। जिसके तहत आज से देशभर में सभी प्रकार के तंबाकू उत्पादेां पर दोनों तरफ सचित्र चेतावनी वाले उत्पाद ही बाजार में उपलब्ध होंगे। वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल जोशी ने राजस्थान हाइकोर्ट में सचित्र चेतावनी को लेकर याचिका दायर की थी।

वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल जोशी ने बताया कि स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्रालय की और से आर.एस.नेगी ने राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशानुसार 1 अप्रेल 2016 से 85 प्रतिशत सचित्र चेतावनी का एफिडेविट 28 मार्च 2016 को दाखिल किया। जिसमें बताया गया है कि सभी प्रकार के तंबाकू उत्पादों पर 1 अप्रेल 2016 से 85 सचित्र चेतावनी को लागू कर दिया गया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस एफिडेविट के पेरा नंबर 4 में कहा कि देश के समस्त तंबाकू कपंनियों को 1 अप्रेल 2016 तक पुराने सचित्र चेतावनी के स्टाक को खत्म करने का समय दिया था। इसलिए अब 1 अप्रेल 2016 से नई चेतावनी लागू हो रही है।

जोशी ने बताया कि हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने 6 अगस्त 2015 को राजस्थान हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि लोकसभा की अधिनस्थ नियमों की समिति (सीओएसएल) जो कि कोटपा अमेंडमेंट 2014 की जांच कर रही है।  उक्त कमेटी की इस मामले में जांच करने में थोड़ा समय और लग रहा है। इसके साथ ही प्रार्थना पत्र में कहा गया था लोकसभा के सचिवालय से आफिस मेमेारेंडम स्वास्थ्य मंत्रालय के पास 16 मार्च 2016 को आया। जिसमें कहा गया कि सीओएसएल की 11 वीं रिपोर्ट  सिगरेट एंव अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम अमेंडमेंट 2014, लोकसभा में 15 मार्च 2016 को पेश किया गया। सीओएसएल कमेटी की लोकसभा में पेश की गई रिपोेर्ट स्वास्थ्य मंत्रालय के पास जांच के लिए रखी गई है। इससे पूर्व 3 जुलाई 2015 को राजस्थान हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य मंत्रालय भाजरत सरकार को कहा था कि सभी प्रकार के तंबाकू उत्पादों पर 85 प्रतिशत सचित्र चेतावनी दोनों भागों में तुंरत लागू करों। इसके जवाब में सरकार अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि सचित्र चेतावनी को तुंरत करना कठिन है क्येां कि देशभर में डिस्ट्रिब्यूटर, निर्माता को पुराने स्टॉक को बेचने और इस नई चेतावनी को प्रिंट कराने में भी समय लगेगा।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने आदेश को मानते हुए जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 24 सिंतबर 2015 को नोटिफिकेशन जारी कहा कहा कि 85 प्रतिशत सचित्र चेतावनी को 1 अप्रेल 2016 से लागू किया जाएगा। जब स्वास्थ्य मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी किया उसके साथ ही इसे लागू करने के लिए सचित्र चेतावनी की सीडी व अन्य जानकारियां देश के समस्त तंबाकू उत्पादकों, निर्यातकेंा व कंपनी मालिकों को भेजी गई। और इसे  कड़ाई से लागू करने को कहा गया है। इसके साथ ही नोटिफिकेशन की प्रति को स्वास्थ्य मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी डाला गया। इसके साथ ही 19 फरवरी 2016 को राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय समाचार पत्रों के माध्यम से सचित्र चेतावनी का पब्लिक नोटिस जारी किया गया। जिसमें 1 अप्रेल 2016 से लागू होने वाली नई सचित्र चेतावनी के बारे में जानकारी दी गई।

वर्तमान स्थिति

वर्तमान में बाजार में बिक रहे सभी प्रकार के तंबाकू उत्पादेां पर 40 प्रतिशत सचित्र चेतावनी एक साईड में आ रही है। सचित्र चेतावनी मामले में भारत की रैकिंग 139 में से 136 वी रैंक पर है। जबकि देश के पड़ौसी देश नेपाल (90 प्रतिशत),थाईलेंड में (85 प्रतिशत), पाकिस्तान (85प्रतिशत), श्रीलंका (80 प्रतिशत), म्यमांर (75 प्रतिशत) दोनेां भागों में सचित्र चेतावनी है।

सचित्र चेतावनी का मामला कुछ इस तरह से चला

– 15 अक्टूबर 2015 को पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डा.हर्षवर्द्वन ने सभी प्रकार के तंबाकू उत्पादों पर 85 प्रतिशत सचित्र चेतावनी को लागू करने का नोटिफिकेशन जारी किया।

– 26 मार्च 2015 को स्वास्थ्य मंत्रालय ने सचित्र चेतावनी के नोटिफिकेशन को यह कहते हुए रोक दिया कि मामला अभी सीओएसएल कमेटी के पास विचाराधीन है। इसलिए इसे लागू नही किया जा सकता।

– 3 जुलाई 2015 को राजस्थान हाइकोर्ट ने स्वास्थ्य मंत्रालय को आदेश दिया कि तुरंत प्रभाव से सभी तंबाकू उत्पादों पर 85 प्रतिशत सचित्र चेतावनी को लागू किया जाए।

– 24 सितंबर 2015 को राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश के कारण स्वास्थ्य मंत्रालय ने नया नोटिफिकेशन जारी कर कहा कि 1 अप्रेल 2016 से सभी प्रकार के तंबाकू उत्पादों पर 85 प्रतिशत सचित्र चेतावनी को लागू किया जाएगा।

वायॅस ऑफ टोबेको विक्टमस (वीओटीवी) के संजय सेठ ने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट और स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार का यह निर्णय आमजन के लिए हितकारी साबित होगा और इसका संदेश दुनियंाभर में जाएगा। अब देश में सभी प्रकार की तंबाकू कंपनियों को अपने अपने तंबाकू उत्पादेां पर दोनों और 85 प्रतिशत सचित्र चेतावनी को लागू करना होगा। इन उत्पादेां पर बड़ी सचित्र चेतावनियां हत्तेात्साहित करेंगी।इससे पूर्व 653 चिकित्सकेां , विधवाअेां, ने प्रधानमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर सभी प्रकार के तंबाकू उत्पादेां पर सत्रिच चेतावनी को 85 प्रतिशत करने की मांग की थी।

वायॅस ऑफ टोबेको विक्टिमस के राजस्थान पेटर्न व सवाई मानसिंह अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ एवं सर्जन डा. पवन सिंघल ने बताया कि संभी प्रकार के तंबाकू उत्पादेां के दोनों और 85 प्रतिशत सचित्र चेतावनी के प्रकाशित होने से इसके उपयोगकर्ताओं में कमी आएगी वंही सरकार का इससे होने वाली बीमारियेां पर जो खर्च आ रहा है उसमें भी कटौति हेागी। डा.सिंघल ने कहा, “तंबाकू पैकेटों पर बडे आकार में चित्रात्मक चेतावनी युवाओं को इसका इस्तेमाल शुरू करने से रोकने वाली और मौजूदा प्रयोगकर्ताओं को इसकी लत छोडने के लिए प्रेरित करने वाली सबसे ज्यादा किफायती रणनीति है। एक ऐसे देश में, जहां प्रयोगकर्ताओं का एक बडा तबका कम पढा लिखा है, वहां प्रभावी चित्रात्मक चेतावनी का भारी महत्व है।” इसलिए तंबाकू उत्पादों पर  सचित्र चेतावनी इन खतरों को कम कर देती है।