जयपुर में मासूम से दुष्कर्म का आरोपी निकला सीरियल रेपिस्ट

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@जी.एस.धालीवाल,जयपुर। राजधानी के शास्त्रीनगर में 7 साल की मासूस से दुष्कर्म करने के आरोपी की गिरफतारी के बाद कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई है। अब तक इस सीरियल रेपिस्ट 25 से अधिक मासूमों को हवस का शिकार बना चुका है। इसके साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी, चोरियां करने की बात भी रेपिस्ट ने कबूली है।

पुलिस आयुक्त आनंद श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक मासूम से दुष्कर्म के आरोपी से हुई पूछताछ में सामने आया कि करीब 25 नाबालिग बालकों के साथ अप्राकृतिक बलात्कार एवं लगभग 35 से 40 पुरूषों एवं किन्नरों के साथ अप्राकृतिक यौनाचार किया है। आमतौर पर इसे महिलाओं की अपेक्षा पुरूषों के प्रति ज्यादा आकषर्ण रहा है और न्यायिक अभिरक्षा के दौरान भी वहां पर आने वाले अपेक्षाकृत कम उम्र के यूवको को यह अपना शिकार बनाता रहा है। नाबालिग लडको एवं लडकियों के साथ बलात्कार करने के दौरान जीवाणु का आचरण अत्यंत हिसंक हुआ करता है और आम तौर पर यह उनके साथ मारपीट भी करता है।

आरेापी के है कई नाम
उन्होने बताया कि जीवाणु को भिन्न पुलिसथाना क्षैत्रों में भिन्न नामों में जाना जाता रहा है जो कि इसका पुलिस से बचने का एक तरीका रहा है। इसे मुरलीपुरा में काले खां, भट्टा बस्ती में सिंकदर, नाई की थडी में जाहिद और पुलिस विभाग में जीवाणु के नाम से जाना जाता है। सिंकदर के साथ रफीक नाम का एक चोर इसी क्षैत्र में चोरी किया करता था। दोनों के मध्य कौन एक रात में अधिक वारदात करता है, इस बात की प्रतिस्पर्दा होती रहती थी जिसमें सिकंदर उर्फ जाहिद जीत जाया करता था इसी कारण से सिंकदर का नाम जीवाणु और रफीक का नाम किटाणु पड गया था। जीवाणु ने यह भी बताया कि उसने एक रात में अधिकतम 13 घरों के ताले तोडे हैं।

जीवनयापन का प्रमुख साधन नकबजनी और चोरी
पुलिस आयुक्त ने बताया कि सिकंदर उर्फ जीवाणु के जीवन यापन का प्रमुख साधन नकबजनी और चोरी की वारदाते थी। चोरी और नकबजनी में इसके प्रमुख साथी शानू और ईशाक प्रमुख साथी थे। इसके अलावा सिंकदर झालावाड से मादक पदार्थो की तस्करी करके जयपुर के परकोटा क्षैत्र में सप्लाई भी किया करता था और इसके माध्यम से भी धनोपार्जन करता था।

शास्त्रीनगर की वारदात के बाद का घटनाक्रम
पुलिस आयुक्त श्रीवास्तव ने बताया कि जीवाणु 1 तारीख की वारदात के पश्चात 1 तारीख की रात और 2 तारीख को नाई की थडी एवं उसके आसपास ही छिपता रहा और जब समाचार पत्रों में सीसीटीवी फूटेज में उसे अपने कपडे वाली फोटो दिखाई तो अपने मोबाइल बंद करके वहां से सांगानेर भाग गया और वहां पर मजदूरों के साथ फूटपाथ पर सो गया। दोनों वारदातों में आरोपी ने जिस मोटरसाईकिल का प्रयोग किया वह चोरी की थी तथा उसने अपनी मोटरसाईकिल की नंबर प्लेट पर पानी डालकर मिट्टी छिडक दिया था जिससे उसके नम्बर प्लेट की पहचान नही हो पाये।
उन्होने बताया कि 4 जुलाई को सुबह अपने मित्रों से धन प्राप्ति के लिये फोन पर सम्पर्क किया परन्तु पुलिस के डर से वापस नाई की थडी आने की बजाय टोंक की ओर चला गया। फोन इसने किसी राह चलते हुये व्यक्ति से मांगकर किया था और फोन करने के बाद उसे वापिस लौटा दिया। इसी दिन शाम को टोंक पहुंचकर एक खंडहरनुमा ढाबे पर रूका और वहीं पर सो गया। पांच तारीख को वहां से ये कोटा के लिये निकला और अपने नकबजी गैंग के साथी शानू और ईशाक को भी जरिये अज्ञात टेलिफोन वहां पहुचने के लिये बताया।

रास्ते में शराब की दुकान पर झगड़ा कर नकदी लूटी
कोटा जाने के रास्ते में उसने देवली टांेक स्थित एक शराब के ठेके पर सोहनलाल गुर्जर ग्राम गावडी की दुकान पर लगभग 12 बजे शराब लेने गया और वहां पर सोहनलाल जो ठेके का मैनेजर था उससे शराब की ब्रांड को लेकर गाली गलौच होने पर उसको गोली मार दी और उसके गल्ले में रखे 20 हजार रुपए व कान की सोने की मुर्किया लूटकर फरार हो गया। जिस संदर्भ में थाना देवली जिला टोंक में एफआईआर 276/19 धारा 307, 394, 397 भादस व 3/25 आर्म्स एक्ट में दर्ज है। उक्त वारदात में प्रयोग हथियार एवं लूट के माल के विषय में जीवाणु से पूछताछ की जा रही है।

दुष्कर्मी यौन दरिंदा
उन्होने बताया कि जीवाणु की पूछताछ से यह तथ्य सामने आया है कि जीवाणु एक प्रकार का यौन दरिन्दा है। इसकी यौन लिप्सा इसे लगातार कोई न कोई शिकार ढंूढने के लिये अभिप्रेत करती थी और अवसर मिलने पर यह किसी भी पुरूष, किन्नर, नाबालिग बालक, महिला अथवा किसी नाबालिग बालिका के साथ प्राकृतिक या अप्राकृतिक अथवा दोनों यौन क्रिया, को अंजाम देता था।

अवैध हथियार
जीवाणु ने कुछ दिन पहले एक पिस्टल और कुछ राउंड अवैध रूप से प्राप्त किया था, जिसका उदेषय यौन हिंसा में लोगो को डराने और समपर्ण न करने पर उन्हे मार देने के लिये उपयोग करने के मकसद से अपने पास रखा था। जीवाणु ने एक सदाम नाम के व्यक्ति जो मूलतः गुजरात का रहने वाला है, जयपुर में कुछ दिनों पहले सूनसान जगह पर गोली चलाना स्वीकार किया है।

पुलिस को सूचना देने वालों से लेगा बदला
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पूछताछ में जीवाणु ने यह भी बताया कि जिन लोगो ने उसकी सूचना पुलिस को दी है और उसे पकडा है, उनसे तथा उनके परिजनों पर वो मौत के कहर के रूप में जेल से निकलते ही टूट पडेगा और अपना बदला पूरा करेगा।

उम्रकैद की सजा में हुआ है बरी
जीवाणु उर्फ सिंकदर उर्फ जाहिद जो कि 377, 302 भादस में पूर्व में सजायाफता था वह 4 फरवरी 2014 को उम्रकैद सजा के विरूद्ध उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी जिसके फैसले में वह 4 फरवरी 2015 को बरी कर दिया गया था।

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