पूर्णानन्द महाराज की 50 वीं पुण्यतिथि पर ‘स्वर्ण महोत्सव’ का होगा आयोजन

शिव महापुराण कथा का वाचन करेंगे गुजरात के गिरी बापू महाराज
पूर्णानन्द महाराज की 50 वीं पुण्यतिथि पर ‘स्वर्ण महोत्सव’ का होगा आयोजन 1बीकानेर। श्री श्री 1008 की उपाधी से सुशोभित श्री पूर्णानन्द महाराज (बापजी)की 50 वीं पुण्यतिथि पर श्री पूर्णेश्वर महादेव मंदिर, भीनासर के सत्संग प्रेमी स्वर्ण महोत्सव का आयोजन करने जा रहे हैं। यह महोत्सव मुरली मनोहर मैदान भीनासर स्थित श्री पूर्णेश्वर महादेव मंदिर स्थित बंशीलाल राठी के बगेची में 3 अप्रेल से 9 अप्रेल तक प्रतिदिन आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में जानकारी देने के उद्देश्य से पूर्णेश्वर महादेव मंदिर भीनासर में एक प्रेसवार्ता का आयोजन हुआ। जिसमें आयोजन समिति से जुड़े गौरीशंकर सारडा ने बताया कि भारतीय दर्शन का उद्देश्य जीवन के असंतोष, दुख एवं क्लेश को मिटाकर सद्चित और आनन्द प्रदान करना है। संतो का आश्वासन है कि गुरुकृपा से पिपीलिका भी विहंगम मार्ग की अधिकारिणी हो जाती है। आध्यात्मिक की इसी चेतना को प्रवाहमान करने के लिए इस महोत्सव में सांवरकुंडला गुजरात के विश्व वि यात कथा वाचक गिरी बापू कृपापूर्वक ‘श्री शिव महापुराण’ पर मंगलमय कल्याणकारी प्रवचन देंगे। दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक चलने वाले शिव महापुराण कथा से जनमानस उर्जावान व तरोताजा होगी। शिव महापुराण के बारे में कहा जाता है कि जब प्राणी के जन्म जन्मांतर के पुण्यों का उदय होता है। तभी शिव पुराण कथा श्रवण करने का अवसर मिलता है। जमनादास सारडा ने बताया कि स्वर्ण महोत्सव के अन्तर्गत अनेक कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। इसकी शुरुआत 31 मार्च को शाम 4 बजे गणेश महाराज एवं श्री पूर्णेश्वर महादेव पूजन के साथ होगी। इसके बाद 1 अप्रेल को रात 8 से 10 बजे तक बापजी के भजनामृत वाणी का कार्यक्रम होगा, 2 अप्रेल को सुबह 9 बजे कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसी दिन शाम 4 बजे से सामूहिक सुन्दरकाण्ड का आयोजन किया जाएगा। दिनांक 3 से 9 अप्रेल तक प्रतिदिन सुबह 10 से 12 बजे तक रुद्राभिषेक, दोपहर 2 बजे आरती एवं दोपहर 1 से 2 बजे तक एवं रात 8 से 10 बजे तक सामूहिक कीर्तन एवं रात 10 से 12 बजे तक भक्ति संगीत का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 8 अप्रेल को पूर्णेश्वर महादेव का सहस्त्र जलाभिषेक कार्यक्रम होगा जो सुबह 8 बजे से एक हजार घड़ों से अभिमंत्रित वेदो के मंत्रोच्चारणों के साथ किया जाएगा। आठ अप्रेल को रात दस बजे भजन कलाकार प्रकाश माली रात्रि जागरण देंगे। गोकुलदास सारडा ने बताया कि 11 कुंडीय रुद्री यज्ञ 3 से 9 अप्रेल तक सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक चलेगा। शनिवार 9 अप्रेल को 12.30 बजे से भण्डारा प्रसाद एवं दोपहर 2 बजे महाआरती व रात दस बजे से स पूर्ण रात्रि रुद्राभिषेक कार्यक्रम होगा। उन्होंने बताया कि 10 अप्रेल को शाम 7 बजे गणगौर मेला होगा जिसका समापन नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ होगा। अवधूत श्री पूर्णानन्दजी महाराज की 50 वीं पुण्यतिथि पर होने वाले आयोजन को सफल बनाने के लिए सत्संग प्रेमी रामनारायण राठी, जमनादास सारडा, गौरीशंकर सारडा, लक्ष्मणसिंह राठौड़, सुर्यप्रकाश मावतवाल, राधेश्याम सारडा, पुरुषोत्तम, गोकुलदास, जगदीश सारडा(दिल्ली), पप्पू, चन्द्रमोहन, दाऊ, अनुराग, गोपाल, धीरज, ललित बंग, विजयरतन डागा, लालचन्द गहलोत, श्रीराम सुथार, प्रभू गहलोत, तुलसीराम शर्मा दिन रात तैयारियों में जुटे हैं। स्वर्ण महोत्सव में भाग लेने पुर्णानन्द महाराज के शिष्य भी अन्य राज्यों और महानगरों से पहुंच रहे हैं।