सरकार के खिलाफ शहीद स्मारक पर डटे विद्यार्थी मित्र

मंत्री युनुस खान के आश्वासन के बाद भी नहीं माने
सरकार के खिलाफ शहीद स्मारक पर डटे विद्यार्थी मित्र 1जयपुर। स्थायीकरण की मांग को लेकर पिछले तीन साल से आंदोलनरत विद्यार्थी मित्र अब सरकार के आश्वासन पर भरोसा नहीं कर रहे हैं। बार-बार मिले रहे झूठे आश्वासनों ने तंग आकर बुधवार को प्रदेशभर से आए हजारों विद्यार्थी मित्रों ने शहीद स्मारक पर दोपहर बाद पड़ाव डाल दिया। देर रात तक सरकार की ओर से कोई लिखित में मांगें स्वीकार नहीं किए जाने के कारण विद्यार्थी मित्र ठंड में ही बैठे रहे। राजस्थान विद्यार्थी मित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र चौधरी ने बताया कि दोपहर बाद शासन सचिवालय परिसर में परिवहन मंत्री युनूस खान के साथ प्रतिनिधिमण्डल की वार्ता हुई थी। इस वार्ता में मंत्री ने आश्वासन दिया कि दो दिसंबर को सब कमेटी की बैठक होगी। इस बैठक में विद्यार्थी मित्रों को भरोसा दिया गया कि दो दिसंबर को उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंत्री के इस आश्वासन से विद्यार्थी मित्र संतुष्ट नहीं हुए इसलिए सभी ने शहीद स्मारक पर दो दिसंबर तक पड़ाव डालने का निर्णय लिया।
इससे पहले विद्यार्थी मित्रों ने भाजपा के प्रदेश कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। आक्रोशित विद्यार्थी मित्रों ने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सांवल सिंह राठौड़, सुनील बिश्नोई, महेंद्र विडेल, संयोजक अशोक सिहाग ने बताया कि भाजपा ने प्रदेश की सत्ता संभालने दौरान ही विद्यार्थी मित्रों को स्थायी करने की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद से विद्यार्थी मित्र सरकार को धरना-प्रदर्शनों के जरिये अपनी मांग के लिए अवगत करा रहे हैं लेकिन अभी तक केवल आश्वासन ही दिये जा रहे हैं। अब विद्यार्थी मित्र सरकार से आरपार की लड़ाई लडऩे के लिए तैयार हो चुके हैं। अशोक सिहाग ने बताया कि तीन साल में आर्थिक तंगी से जूझ रहे 22 विद्यार्थी मित्रों की मौत हो चुकी है। अब प्रदेशभर के विद्यार्थी मित्र आर्थिक तंगी जूझते हुए इतना परेशान हो चुके हैं कि वे अब सरकार के किसी भी तरह के रूख का सामना करने के लिए सडक़ों पर उतर आये हैं।

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