आईपीएल मामलाः प्रदेश में महाराष्ट्र से बेहतर नहीं सूखे के हालात-राजस्थान हाईकोर्ट

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने आईपीएल मामले में कहा है कि प्रदेश में पेयजल की उपलब्धता महाराष्ट्र से कतई बेहतर नहीं है। इसलिए ऐसी परिस्थिति में यंहा आईपीएल मैच में पानी की बर्बादी किया जाना राजस्थान राज्य जलनीति-2010 के खिलाफ मानते हुए गुरुवार को राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान किक्रेट एसोसियेशन, बीसीसीआई, राज्य सरकार के साथ युवा एवं खेल मामलों के विभाग से 27 अप्रेल 2016 तक सुनवाई के लिए रखते हुए जवाब देने के निर्देश दिए।
अधिवक्ता प्रतीक कासलीवाल की याचिका पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अजय रस्तोगी की अदालत में सुनवाई हुई। याचिका पर सुनवाई के दौरान कासलीवाल ने अदालत को बताया कि राजस्थान राज्य जलनीति-2010 के के अनुसार पानी का पहला उपयोग पीने में उसके बाद मवेशी, कृषि और उद्योग के लिए किया जा सकता है। इसके बाद भी पानी शेष रहने पर उसका दूसरे कार्यों में उपयोग संभव है। उन्होने बताया कि प्रदेश में पेयजल का संकट गर्मी शुरु हेाते ही शुरु हेा गया है। वंही अधिकांश बांधों में जलस्तर घटा है, मानसून को लेकर स्थिति साफ नहीं है। महाराष्ट्र में पानी की कमी के चलते मैच पर रोक लगाई गई है, ऐसे में प्रदेश में मैच करवाने की कवायद करना पूरी तरह से गलत है।
इस पर अदालत ने कहा कि प्रदेश में सूखे के हालात महाराष्ट्र से बेहतर नहीं है और बांधों की स्थिति सबके सामने हैं। इसलिए हाईकोर्ट इस मामले से संबंधित सभी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब देने के आदेश दिए।