स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के कार्यान्वयन में उत्कृष्टता के लिए बीकानेर जिले को मिला प्रधानमंत्री पुरस्कार

नई दिल्ली। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित 10वें सिविल सेवा दिवस समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजस्थान के बीकानेर जिले को प्रधानमंत्रीपुरस्कार से सम्मानित किया। यह पुरस्कार बीकानेर जिले को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के कार्यान्वयन में उत्कृष्टता हासिल करने हेतु दिया गया है।
प्रधानमंत्री के हाथों यह पुरस्कार नई दिल्ली में राजस्थान सरकार की प्रमुख आवासीय आयुक्त डॉ. सविता आनंद एवं बीकानेर जिले के स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के जिला परियोजना समन्यवक महेन्द्र सिंह शेखावत ने ग्रहण किया।
पुरस्कार ग्रहण करने के बाद श्री शेखावत ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत् बीकानेर जिले की कुल 219 ग्राम पंचायतें पूर्ण रूप से ओ.डी.एफ. (खुले में शौच मुक्त) की जा चुकी है। जिनका अक्टूबर, 2015 में पूर्ण सत्यापन हो चुका है।स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के कार्यान्वयन में उत्कृष्टता के लिए बीकानेर जिले को मिला प्रधानमंत्री पुरस्कार 1
उन्होंने बताया कि राजस्थान के बीकानेर जिला को देश का दूसरा एवं राजस्थान का प्रथम ओ.डी.एफ. जिला होने का गौरव प्राप्त हुआ है। पिछले तीन वर्षों में जिले में 2 लाख से भी अधिक शौचालयों का निर्माण करवाया गया है। ’बंकों बीकाणों‘ अभियान के तहत् चलाए गय इस सघन कार्यक्रम के तहत् जिले के जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिया गया, संबंधित संस्थागत तंत्रा को मजबूत किया गया साथ ही जिला संसाधन समूहों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के कई कार्यक्रम आयोजित किये गये।
जिले में ’बंको बीकाणों‘ अभियान के तहत् बनाई गई ट्रिगरिंग कार्य नीतियों में स्थानीय लोगों को खुले में शौच के नुकसानों से अवगत करवाया गया, इनमें महिलाओं की गरिमा, पुरूषों के गौरव को विशेष रूप से स्पष्ट किया गया। जन जागृति फैलाने के लिए स्थानीय भाषा और रीति रिवाजों का उपयोग भी किया गया जैसे ’’ताबर टोली लोग लुगाई, खुले में तू शौच न जाई’’ इत्यादि।
श्री शेखावत ने बताया कि बीकानेर जिले में शौचालयों के निर्माण के दौरान शौचालयों का मॉडल चुनने की परिवारों को पूर्ण आजादी दी गई तथा निम्न लागत के विकल्पों की सूचनाएं दी भी गई, शौचालयों के स्वामित्व की भावना को बढ़ावा दिया गया, निर्धनतम व्यक्तियों को सामुदायिक सहायता के अवसर उपलब्ध करवाए गए तथा पानी की कमी को ध्यान में रखते हुए शौचालयों में पेयजल से इतर जल के प्रयोग, निक्षालन गड्ढा प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा दिया गया जिसका आम जनता को भरपूर फायदा हुआ।
विज्ञान भवन में पुरस्कार समारोह के दौरान बीकानेर जिले के हाजी अल्ला दित्ता खान की शौचालय निर्माण में सफलता की कहानी का लघु वृत्त चित्रा भी प्रधानमंत्राी नरेन्द्र मोदी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जिसमें श्री खान को ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण के एक प्रेरणा स्त्रोत के रूप में दिखाया गया।