लागत लेखाकार की कृषि एवं खनन में भूमिका विषयक सेमीनार का आयोजन

बीकानेर। द इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाऊंटेंट ऑफ इंडिया की नॉर्दन इंडिया रीजनल कौंसिल के तत्वावधान में विषय ‘लागत लेखाकार की कृषि एवं खनन में भूमिका’ पर सेमीनार का आयोजन स्थानीय रानीबाजार स्थित गोयल क्लासेज में किया गया। जिसमें एनआईआरसी के वाईस चेयरमैन सीएमए रवि कुमार साहनी ने बताया कि बीकानेर कृषि एवं माइनिंग क्षेत्र का हब होने के कारण एवं यहां के लागत लेखाकार की सेवाओं के माध्यम से इस क्षेत्र को मजबूती मिल सकती है। लागत लेखाकार की सेवाओं से कृषि क्षेत्र में आने वाली उच्च लागतों को नई-नई तकनीक का उपयेाग कर कम किया जा सकता है एवं कृषि क्षेत्र में नई ऊंचाईयों को छूआ जा सकता है। उन्होंने बताया कि मेक इन इंडिया अवधारणा के बाद भारत में अभुतपूर्ण संभावनाएं हैं। जिसमें मैन्यूफैक्चरिंग सर्विस एवं कृषि क्षेत्र तीनों मुख्य आधार है। जिसमें कृषि क्षेत्र में नई संरचनात्मक तकनीकी बदलाव की आवश्यकता है। जो लागत लेखाकारों की प्रोफेशनल सेवाओं के द्वारा किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि माइनिंग क्षेत्र बढ़ रही लागत एवं घट रही कीमतों के समय में तकनीकी बदलाव द्वारा लागत कम करके ही लाभदायकता को बढ़ाया जा सकता है। लागत कम करने के लिए नए तकनीकी आयाम एवं परिवर्तन लाना बहुत जरुरी है। सेमीनार के आयोजक राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर रहे सीएमए राजेन्द्र सिंह भाटी ने बताया कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित मेक इन इंडिया कार्यक्रम में सरकार द्वारा आधारभूत संरचनाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है तो हमारा भी यह दायित्व बनता है कि हम नए-नए औद्योगिक क्षेत्रों के बारे मे विचार-विमर्श करें एवं इसी कड़ी में यह सेमीनार आयोजन करके कृषि एवं खनन के क्षेत्र में पेशेवर लोगों द्वारा नए आयामों पर विचार-विमर्श किया गया। सेमीनार के विशिष्ट अतिथि जोधपुर चैप्टर ऑफ कॉस्ट अकाऊंटेंट के चेयरमैन सीएमए के.के.व्यास, सीएमए एस.के.हर्ष चेयरमैन सीएस चैप्टर्स बीकानेर, सीएमए वाई.के.शर्मा उपस्थित रहे। सीएमए नन्दकिशोर गोयल को 54 वर्ष की आयु में सीएमए कोर्स करने पर उन्हें सम्मानित किया गया। सीएमए मनीष शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।