डेल्टा हत्याकांड में मुख्यमंत्री आरएसएस के दबाव में – डूडी

– आरोपी ईश्वरचंद बैद आरएसएस का कार्यकर्ता, इसलिए सरकार ’’ क्लीन चिट ’’ देने पर आमादा

जयपुर। राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने कहा है कि नोखा के डेल्टा हत्याकांड में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( आरएसएस) के दबाव में है क्योंकि एक आरोपी ईश्वरचंद बैद आरएसएस का कार्यकर्ता है। इसलिए मुख्यमंत्री, गृहमंत्री से लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष तक सभी इस मामले को दबाने में लगे हैं और आरोपियों को ’’ क्लीन चिट ’’ देने पर आमादा है। डूडी ने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे डेल्टा हत्याकांड में सभी को गुमराह कर रही हैं।
नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र नोखा के श्री जैन आदर्श शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान में 29 मार्च को पानी के कुंड में दलित छात्रा डेल्टा मेघवाल की लाश मिली थी। उसने 28 मार्च की रात को अपने पिता महेन्द्राराम मेघवाल को फोन कर अपने साथ दुष्कर्म के हादसे की जानकारी देते हुए अपनी जान खतरे में बताई थी। डूडी ने कहा कि डेल्टा इस संस्थान में बीएसटीसी द्वितीय वर्ष की छात्रा थी और संस्थान के हॉस्टल में ही रहती थी। डेल्टा के पिता महेन्द्राराम मेघवाल ने बाड़मेर के गडरा रोड स्थित अपने गांव त्रिमोही से 30 मार्च को नोखा आकर संस्थान के प्रबंधक ईश्वरचंद बैद, पीटीआई विजेन्द्र सिंह और हॉस्टल की वार्डन प्रिया शुक्ला के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने कहा कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी के नेता आरोपियों को बचाने में लग गये। मृतका डेल्टा मेघवाल का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक ने मौत की वजह पानी के कुंड में डूबने से नहीं होना बताया था। लेकिन आरोपी ईश्वरचंद बैद के भाजपा और आरएसएस से गहरे रिश्तों के कारण इस मामले में चिकित्सक पर ’’ रि-ओपिनियन ’’ का दबाव बनाया गया और लिखवाया गया कि डेल्टा की मौत पानी के कुंड में डूबने से हो सकती है।
रामेश्वर डूडी ने कहा कि जिस पानी के कुंड में डेल्टा मेघवाल की लाश बरामद हुई है। वह इतना बड़ा नहीं है कि सत्रह वर्षीय एक छात्रा उसमें खुदकुशी कर सके। लेकिन बीकानेर में पुलिस के आला अफसर तक इस मामले को आत्महत्या बता रहे हैं क्योंकि उन पर प्रदेश के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया और भाजपा प्रदेषाध्यक्ष अशोक परनामी का भारी दबाव है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का 14 अप्रैल को जयपुर में यह कथन कि यदि डेल्टा के परिजन चाहेंगे तो वे तत्काल सीबीआई जांच कराने के आदेश दे देंगी, बहुत हैरानी भरा है। डूडी ने कहा कि डेल्टा के परिजन तो शुरू से यह मांग कर रहे हैं कि उनके साथ न्याय नहीं हो रहा है इसलिए डेल्टा की मौत की सीबीआई जांच कराई जाये। रामेश्वर डूडी ने कहा कि 7 अप्रैल को वे और प्रदेश कांग्रेेस अध्यक्ष सचिन पायलट जब डेल्टा के घर बाड़मेर जिले के त्रिमोही गांव गये थे। तब उनके पिता महेन्द्राराम मेघवाल ने उन्हें एक ज्ञापन सौंपा था जिसमें उनकी पुत्री डेल्टा की मौत की सीबीआई जांच की मांग की गई थी।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 4 अप्रैल को जयपुर में विधानसभा में बाड़मेर के प्रमुख लोगों जिसमें सभी वर्गों के प्रतिनिधि शामिल थे, उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। ये लोग डेल्टा हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से मिले थे, लेकिन तब मुख्यमंत्री ने उन्हें दुत्कारते हुए डेल्टा के चरित्र को लेकर कई अनर्गल बातें कही थी। रामेश्वर डूडी ने कहा कि डेल्टा मेघवाल के पिता महेन्द्राराम मेघवाल ने भी जयपुर में दलित एवं महिला संगठनों के साथ एक पत्रकार वार्ता में अपनी पुत्री की मौत की सीबीआई जांच की मांग की थी। लेकिन मुख्यमंत्री ने डेल्टा के पिता की गुहार नहीं सुनी।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे का डेल्टा हत्याकांड को लेकर जो रवैया है, उससे प्रतीत होता है कि वे आरएसएस के दबाव में है और इसी दबाव में आरोपियों को बचाने में लगी हैं। डूडी ने कहा कि यह पहला मामला है जिसमें एक दलित छात्रा की उसके शैक्षणिक परिसर में दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी जाये और पूरी सरकार आरोपियों को ’’ क्लीन चिट ’’ देने में लग जाये। जिस तरह भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी दावा कर रहे हैं कि डेल्टा मेेघवाल ने आत्महत्या की है, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बयान है। डूडी ने कहा कि अभी डेल्टा मेघवाल की चिता की राख भी ठंडी नहीं हुई है और भारतीय जनता पार्टी के सरकार और संगठन में बैठे आला नेताओं ने डेल्टा के दुष्कर्मियांें और हत्यारों को जिस तरह ’’ क्लीन चिट ’’देने का अभियान छेड़ा है, वह सिर्फ उक्त शैक्षणिक संस्थान के प्रबंधक ईश्वरचंद बैद को बचाने की मुहिम है क्योंकि बैद आरएसएस का कार्यकर्ता है। डूडी ने कहा कि बैद को बचाने के लिए पूरे मामले को गलत दिषा दी जा रही है ताकि अन्य आरोपी भी बच सकें।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे इस मामले में सभी को गुमराह कर रही हैं। जब डेल्टा के परिजन शुरूआत से सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं तो मुख्यमंत्री को अब किस मुहूर्त का इंतजार है। डूडी ने कहा कि प्रदेश के तमाम दलित, महिला एवं मानवाधिकार संगठन भी इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर चुके हैं। वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने 13 अप्रैल को बाड़मेर में त्रिमोही गांव जाकर डेल्टा के परिजनों से मुलाकात की है। वहां भी परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग उठाई है। इसलिए मुख्यमंत्री को चाहिए कि वह दलित व शोषित वर्ग की गुहार को सुनें और ’’ राजधर्म’’ निभाते हुए तत्काल सीबीआई जांच के आदेश जारी करें।