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केदारनाथ में पहली पूजा के बाद डा. प्रदीप भारद्वाज द्वारा ली गई गर्भ गृह की तस्वीर

केदारनाथ में पहली पूजा के बाद डा. प्रदीप भारद्वाज द्वारा ली गई गर्भ गृह की तस्वीर

-केदारनाथ में तैनात झज्जर के डा. प्रदीप भारद्वाज से विशेष बातचीत

-केदारनाथ में मेडिकल सेवाएं देने को बनाया गया है अस्पताल

-सिर्फ धार्मिक परम्परा के निवर्हन को इस बार हो रही है केदारनाथ यात्रा

@संजय मेहरा, गुरुग्राम। कोरोना संक्रमण काल(Covid-19) में इस बार बहुत कुछ बदल गया है। हमारी धार्मिक परम्पराएं, जीने-मरने की परम्पराएं और सबसे बड़ी बात हम वेस्टर्न कल्चर का त्याग कर अभी तक तो वापस अपनी भारतीय संस्कृति की ओर आकर्षित हुए हैं। बात करें केदारनाथ यात्रा (Kedarnath Yatra) की तो इस बार की यह यात्रा मात्र धार्मिक परम्पराओं के निर्वहन के लिए ही हो रही है। कोरोना के भय से भीड़ नहीं है। फिर भी अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए वहां चिकित्सा सेवाएं लेकर तैनात है सिक्स सिग्मा गु्प।

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सिक्स सिग्मा गु्प की अगुवाई कर रहे हैं मूलरूप से झज्जर के रहने वाले एवं सिक्स सिग्मा हेल्थकेयर के सीईओ एवं मेडिकल डायरेक्टर डॉ. प्रदीप भारद्वाज। केदारनाथ से बातचीत में डा. प्रदीप भारद्वाज ने बताया कि बुधवार को बाबा केदारनाथ मंदिर के कपाट जरूर खुल गए, लेकिन सिर्फ और सिर्फ धार्मिक परम्पराओं का निर्वहन करने के लिए। क्योंकि कोरोना संकट काल में इस बार यहां श्रद्धालुओं का आना नहीं हो पा रहा।

देश में लॉकडाउन चल रहा है। इसलिए इतिहास में यह पहला अवसर था जब बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने पर सन्नाटा था। बिना मुख्य पुजारी के ही बाबा केदारनाथ की पूजा-अर्चना हुई। 14 दिन के क्वारंटाइन में रह रहे मुख्य पुजारी के स्थान पर उनके प्रतिनिधि ने पूजा कराई।

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डा. प्रदीप भारद्वाज का कहना है कि केदारनाथ में कोरोना संक्रमण के चलते बेशक भीड़ ना हो, लेकिन हर साल की तरह इस बार भी सिक्स सिग्मा गु्रप की टीम चिकित्सा सेवाओं के लिए तैनात है। डा. प्रदीप भारद्वाज ने बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने से पहले के धार्मिक रीति-रिवाजों के बारे में बताया कि सबसे पहले केदारनाथ के लिए ऊखीमठ से बाबा केदार की डोली रवाना हुई थी।

मंदिर के इतिहास में पहली बार गाड़ी में डोली विदा हुई। डोली को पहले गौरीकुंड ले जाया गया। इसके बाद 27 अप्रैल को डोली पैदल मार्ग होते हुए रात्रि विश्राम के लिए भीमबली पहुंची। 28 अप्रैल को डोली केदारनाथ धाम पहुंची। 29 को बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खोल दिए गए। कोरोना संक्रमण के चलते केदार डोली के साथ लोगों को जाने की अनुमति नहीं थी। यह कहा जा सकता है कि इस वर्ष केदारनाथ यात्रा का संचालन केवल धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के लिए हो रहा है।

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धार्मिक यात्राओं में निशुल्क चिकित्सा सेवाएं देती है संस्था

वर्ष 2013 से संस्था सिक्स सिग्मा हाई ऑल्टीट्यूड मेडिकल सर्विस के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों श्री केदारनाथ धाम, श्री अमरनाथ धाम, श्री कैलाश मानसरोवर में होने वाली धार्मिक यात्राओं में नि:शुल्क मेडिकल सेवा प्रदान कराती है। इसके अलावा देश में किसी भी हिस्से में होने वाली प्राकृतिक आपदाओं में भी अपनी सेवाएं देती है। सिक्स सिग्मा ने केदारनाथ में 20 बेड का स्थाई अस्पताल भी स्थापित किया हुआ है। देश में फैली कोरोना-19 माहमारी से लडऩे में सिक्स सिग्मा हेल्थकेयर के सैनिक भी पीछे नहीं है।

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