सावन का आखिरी शनि प्रदोष व्रत, आज का दिन: आपकी राशि और ऐसे करें शिव की आराधना

Pradosh Vrat , Pradosh Vrat katha, Pradosh Vrat photo

आज 01 अगस्त 2020 को आषाढ़ माह, श्रावण,शुक्लपक्ष, त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 31 जुलाई से रात 10.42 मिनट से आज रात 09.54 मिनट तक है। सूर्योदय सुबह 05.43 मिनट पर और सूर्यास्त शाम को 07.12 मिनट पर होगा। कौलव करण पूर्वाह्न 10.19 मिनट तक उपरांत गर करण का आरंभ अर्थात हाथी के स्वभाव की तरह आज के दिन का स्वभाव होगा, आज चंद्रमा दिन-रात धनु राशि पर संचार करेगा।

एक गांव ऐसा, जहां अनहोनी के भय से राखी नहीं बांधती बहनें

राहुकाल
राहुकाल सुबह 09ः05 बजे से दिन में 10ः46 बजे तक और दोपहर 12 बजे से 12ः54 बजे तक होगा।

चंद्रोदय और चंद्रास्त
त्रयो​दशी के दिन चंद्रोदय शाम को 05.34 मिनट पर और चंद्रास्त 02 अगस्त को तड़के 04.06 मिनट पर होगा।

शनि प्रदेाष
शनिदेव की उपासना करें (Pradosh Vrat )और दिव्‍यांगजनों को यथाशक्ति दान करें। आज शनि प्रदोष है इसका मनुष्य योनि में बहुत महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, संतान प्राप्ति के लिए शनि प्रदोष व्रत किया जाता है। भगवान शिव की कृपा से संतान की कामना करने वालों को पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है। भगवान शिव के साथ माता पार्वती की भी पूजा करनी चाहिए।

आज सावन (Sawan) माह का 28वां दिन है। सावन माह में अब तीन दिन ही शेष हैं। आज आप शिव परिवार की आराधना करें तो आपके लिए कल्याणकारी रहेगा। यह शिव आराधना उन लोगों के लिए काफी लाभकारी होता है जिन पर शनि की साढ़ेसाती लगी होती है।

शास्त्रों में भगवान शिव को शनि देव का गुरु और आराध्य बताया गया है। इस कारण सावन के महीने में शनि देव और भगवान शिव की पूजा से मनोकामना पूरी होती हैं, शनि प्रदोष के दिन पूजा, दान करने से सुख और सौभाग्य बढ़ता है। शारीरिक परेशानियां दूर होती हैं। शनि प्रदोष के दिन जरूरतमंद लोगों को कपड़े और अन्न के साथ पादुका (जूते-चप्पल) का दान करने से जाने-अनजाने में हुए पाप समाप्त हो जाते हैं। उनकी आराधना से नौकरी, व्यवसाय में लाभ के साथ दीर्घायु और पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है।

*डॉ ब्रह्म भाटिया, पामिस्ट

राम मंदिर पर अक्षरा सिंह का गाना स्वागत है श्री राम का जल्द होगा रिलीज

www.hellorajasthan.com की ख़बरें फेसबुकट्वीटर और सोशल मीडिया पर पाने के लिए हमें Follow करें.