दीपावली पर्व पर गुलजार हुए प्रदेश के बाजार

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-ज्वैलरी, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक कारोबार में बूम के आसार
-कर्मचारियों को वेतन व बोनस पहले मिलने से उत्साह में हैं दुकानदार
@ गुरजंटसिंह धालीवाल

जयपुर। दीपावली पर्व पर प्रदेश के बाजार सज धज कर पूरी तरह से तैयार है और यंहा आने वाले सभी ग्राहकों की आवश्यकता का हर सामान तैयार है। व्यापारियेां ने अधिकतर जिलों में अपने स्तर पर लाईटिंग और रंग बिरंगी लड़िया लगा कर रास्तों केा भी चकमक कर दिया है। दीपावली के त्यौहार को लेकर राजधानी के बाजार सज धजकर तैयार हो गये हैं। धनतेरस के दिन ही कर्मचारियों को बोनस व वेतन तथा रिटायर कर्मियों को पेंशन मिलने के कारण बाजार में जमकर शॉपिंग होने का अनुमान है। मार्केट में चाइनिज सामान के बहिष्कार के चलते देश में निर्मित उत्पादों की खूब खरीदारी के आसार हैं। बेहतर खरीदारी की उम्मीद से हीदीपावली पर्व पर गुलजार हुए प्रदेश के बाजार 1 शहर में इलैक्ट्रॉनिक, ऑटोमोबाइल, मोबाइल, कम्प्यूटर, सोना-चांदी के जेवरात का कारोबार करने वाले दुकानदारों ने तैयारी कर ली है। खास बात ये है कि बड़ी कंपनियों ने ग्राहकों के लिए लुभावने ऑफर देने की घोषणाएं भी की हुई हैं। माना जाता है कि दीपावली और धनतेरस के त्योहार का अपना ही विशेष महत्व है। इन दोनों त्योहारों पर धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। माना जाdiwaliता है कि इस दिन समृद्धि प्राप्ति के लिए किया गया कोई भी उपाय ज्यादा फलदायी होता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई कोई भी वस्तु शुभ फल प्रदान करती है और लंबे समय तक चलती है। लेकिन अगर भगवान की प्रिय वस्तु पीतल की खरीदारी की जाए तो इसका तेरह गुना अधिक लाभ मिलता है।
क्यों भगवान धनवंतरी के पूजन का इतना महत्व
शास्त्रों के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान त्रयोदशी के दिन भगवान धनवंतरी प्रकट हुए थे, इसलिए इस दिन को धन त्रयोदशी कहा जाता है। धन और वैभव देने वाली इस त्रयोदशी का विशेष महत्व माना गया है। कहा जाता है कि समुद्र मंथन के समय बहुत ही दुर्लभ और कीमती वस्तुओं के अलावा शरद पूर्णिमा का चंद्रमा, कार्तिक द्वादशी के दिन कामधेनु गाय, त्रयोदशी को धनवंतरी और कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को भगवती लक्ष्मी जी का समुद्र से अवतरण हुआ था। यही कारण है कि दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजन और उसके दो दिन पहले त्रयोदशी को भगवान धनवंतरी का जन्म दिवस धनतेरस के रूप में मनाया जाता है।
धनतेरस के पूजन का ये समय श्रेष्ठ
दीपावली पर्व पर गुलजार हुए प्रदेश के बाजार 2पत्रकार कॉलोनी निवासी ज्योतिषाचार्य डॉ. योगेश व्यास के अनुसार, इस बार धरतेरस व पुष्य नक्षत्र से पहले ही बेहतर योग हैं। धनतेरस के दिन सूर्यास्त के पहले खरीदारी करना शुभ माना जा रहा है। सूर्यास्त के पहले धनतेरस के दिन प्रदोष काल का संयोग बन रहा है, जिसमें खरीदारी करना शुभ है। उन्होंने बताया कि धनतेरस के पूजन का शुभ मुहुर्त प्रात: 8 बजे से 10 बजकर 47 मिनट तक तथा सायं 5 बजकर 40 मिनट से 6 बजकर 55 मिनट तक है। इस दिन सोना, चांदी के गहने, सिक्के, पीतल, कांसा के बर्तन, हीरा, कम्प्यूटर आदि की खरीदी शुभ रहेगी। केसर, चंदन की भी खरीदारी कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। इसी दिन से 5 दिवसीय दीपावली पर्व आरंभ हो जाता है। इस बार ये पर्व 28 अक्टूबर को है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी करने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है और घर में धन की देवी लक्ष्मी का वास होता है।
रत्न एवं आभूषणों की बिक्री में बढोतरी की उम्मीद
सर्राफा कारोबारी सुभाष गुप्ता ने बताया कि राजधानी जयपुर में इस बार धनतेरस पर रत्न एवं diwali lighting at mi road (4)आभूषणों की बिक्री में करीब 10 से 15 प्रतिशत बढ़ोतरी की उम्मीद है। बेहतर मानसून तथा उपभोक्ता दीपावली पर्व पर गुलजार हुए प्रदेश के बाजार 3मांग बढऩे की वजह से धनतेरस पर आभूषणों की बिक्री में बढ़ोतरी होगी। हालांकि अभी तक सर्राफा कारोबार में कुछ खास उछाल नहीं है लेकिन पुष्य नक्षत्र व धनतेरस के दिन आभूषण की खरीद में बूम की उम्मीद जतायी जा रही है। गुप्ता ने कहा कि बाजार धारणा मजबूत दिख रही है। कीमतें काफी हद तक स्थिर हुई हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल दीपावली पर करीब 500 करोड़ का कारोबार हुआ था इस बार करीब 600 करोड़ के कारोबार की उम्मीद बरकरार है।
सज-धजकर तैयार है बाजार
पुष्य नक्षत्र व धनतेरस पर धनवर्षा की उम्मीद लिए दुकानदारों ने ग्राहकों के स्वागत की पूरी तैयारियां कर ली हैं। अग्रवाल फार्म व्यापार मण्डल के अध्यक्ष आलोक शर्मा ने बताया कि मार्केट की सडक़ों पर जगह-जगह स्वागत द्वार बनाये गए हैं। इसके अलावा प्रत्येक दुकानदार भी सजावट में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है। बेहतरीन सजावट वाले दुकानदार को सम्मानित किया जाएगा। मानसरोवर के अलावा वॉलसिटी, वैशालीनगर, सोडाला, शास्त्रीनगर, राजापार्क, आदर्शनगर, मालवीयनगर सहित अन्य बाजार की सडक़ों पर जगह-जगह पर स्वागत द्वार बनाये गए हैं। हालांकि दीपावली से दस दिन पहले से ही सडक़ों पर सजावटी द्वार बनने शुरू हो गये थे जो कि अब ये पूरी तरह से खिल उठे हैं। रात को लडिय़ों की खूबसूरत जगमगाहट देखते ही बनती है।
धनतेरस पर यूं रहेगी ट्रेफिक व्यवस्था
धनतेरस के अवसर पर शहर में पर्यटकों एवं खरीददारों की आवाजाही के कारण यातयात का अत्यधिक दबाव रहेगा। शहर के मुख्य बाजारों में होने वाली सजावट को ध्यान में रखते हुए यातायात की विशेष व्यवस्था की गई है। पुलिस उपायुक्त (यातायात) हैदर अली जैदी ने बताया कि 28 से 31 अक्टूबर तक शाम के समय जयपुर से दिल्ली व आगरा जाने वाली बसें नारायण सिंह तिराहा से पुलिस मैमोरियल, जे.डी.ए सर्किल, शान्ति पथ, टीला नम्बर-7 जवाहर नगर बाईपास से आएंगी व जाएंगी।
इसके अलावा धनतेरस के दिन 28 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से सिटी बस, मिनीबस, व अन्य छोटे बड़े वाहन बड़ी चौपड़ से छोटी चौपड़ के मध्य एवं सांगानेरी गेट से बड़ी चौपड़ के मध्य नही चल सकेंगे।
यहां रहेगी नो-एंट्री
28 से 31 अक्टूबर तक चांदपोल बाजार, त्रिपोलिया बाजार, जौहरी बाजार में भारी वाहनों की 24 घन्टे नो-एंट्री रहेगी। इस दौरान वॉलसिटी में ग्राहकों व दुकानदारों के वाहनों की पार्किंग संजय बाजार, सांगानेरी गेट परकोटा, आतिश मार्केट, जलेबी चौक, रामलीला मैदान एवं रामनिवास बाग में की जा सकेगी। जौहरी बाजार एवं चौड़ा रास्ता में पार्किंग सुविधा 2 घण्टे के लिये उपलब्ध रहेगी।