डूडी ने दुष्कर्म मामले पर रोष जताया

जयपुर। राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने बीकानेर जिले के नोखा कस्बे में 29 मार्च को एक दलित छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना को लेकर गहरा रोष जताया है। डूडी ने इस मामले को राजस्थान विधानसभा में भी सदन में उठाया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि दलित छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या के इस संगीन मामले में उसके कॉलेज के संचालक और पीटीआई तथा हॉस्टल की वार्डन के खिलाफ नामजद एफआईआर मृतका के पिता ने दर्ज कराई है। इसके बावजूद पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। नेता प्रतिपक्ष ने मृतका के परिजनों को मुआवजा देने और इस प्रकरण में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के निलंबन की भी मांग की है।

नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र नोखा के श्री जैन आदर्ष बीएड कॉलेज में बाड़मेर जिले की निवासी नाबालिग दलित छात्रा बीएससी द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत थी। होली के बाद जब वह गांव से लौटी तो उसके पष्चात हॉस्टल में दुष्कर्म किया गया। जिसकी शिकायत छात्रा ने अपने पिता को फोन पर की और कॉलेज संचालक व पीटीआई सहित हॉस्टल वार्डन से अपनी जान के खतरे का अंदेशा जताया। डूडी ने कहा कि मामले का राज खुलने के भय से इस छात्रा की हत्या कर दी गई। छात्रा की लाश कॉलेज परिसर में स्थित जलकुण्ड में मिली है। छात्रा की हत्या और लाष को छुपाने में हॉस्टल की महिला वार्डन के भी लिप्त होने का आरोप मृतका के पिता ने लगाया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इतने संगीन मामले को स्थानीय पुलिस व प्रषासन दोनों ने ही गंभीरता से नहीं लिया। जिससे आम जनता में भारी आक्रोश है। बीकानेर देहात जिला कांग्रेस के अध्यक्ष महेन्द्र गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता और आम जनता ने नोखा में अस्पताल परिसर में धरना दे रखा है लेकिन पुलिस इनकी मांगें स्वीकार नहीं कर रही है। जिसकी वजह से मृतका का शव अभी भी नोखा के बागड़ी अस्पताल के मुर्दाघर में रखा हुआ है।

नेता प्रतिपक्ष ने इस प्रकरण को आज राजस्थान विधानसभा में दो बार उठाया और सरकार की संवेदनहीनता पर गहरी नाराजगी जताई। डूडी ने कहा कि प्रदेष में दलित वर्ग के साथ उत्पीड़न लगातार बढ़ रहा है और सरकार की कमजोरी से अपराधी बेखौफ हैं। नोखा की यह घटना मानवता को शर्मसार कर देने वाली है। पुलिस व प्रशासन इस मामले को जिस गैर-जिम्मेदारना तरीके से ले रहे हैं, वह अत्यंत शर्मनाक है। नोखा पुलिस और प्रशासन मानवीय मूल्यों व संवेदनशीलता तक को भूल गये हैं। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म व हत्या के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने के साथ ही ऐसे गैर-जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

जयपुर। राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने बीकानेर जिले के नोखा कस्बे में 29 मार्च को एक दलित छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना को लेकर गहरा रोष जताया है। डूडी ने इस मामले को राजस्थान विधानसभा में भी सदन में उठाया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि दलित छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या के इस संगीन मामले में उसके कॉलेज के संचालक और पीटीआई तथा हॉस्टल की वार्डन के खिलाफ नामजद एफआईआर मृतका के पिता ने दर्ज कराई है। इसके बावजूद पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। नेता प्रतिपक्ष ने मृतका के परिजनों को मुआवजा देने और इस प्रकरण में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के निलंबन की भी मांग की है।

नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र नोखा के श्री जैन आदर्ष बीएड कॉलेज में बाड़मेर जिले की निवासी नाबालिग दलित छात्रा बीएससी द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत थी। होली के बाद जब वह गांव से लौटी तो उसके पष्चात हॉस्टल में दुष्कर्म किया गया। जिसकी शिकायत छात्रा ने अपने पिता को फोन पर की और कॉलेज संचालक व पीटीआई सहित हॉस्टल वार्डन से अपनी जान के खतरे का अंदेशा जताया। डूडी ने कहा कि मामले का राज खुलने के भय से इस छात्रा की हत्या कर दी गई। छात्रा की लाश कॉलेज परिसर में स्थित जलकुण्ड में मिली है। छात्रा की हत्या और लाष को छुपाने में हॉस्टल की महिला वार्डन के भी लिप्त होने का आरोप मृतका के पिता ने लगाया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इतने संगीन मामले को स्थानीय पुलिस व प्रषासन दोनों ने ही गंभीरता से नहीं लिया। जिससे आम जनता में भारी आक्रोश है। बीकानेर देहात जिला कांग्रेस के अध्यक्ष महेन्द्र गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता और आम जनता ने नोखा में अस्पताल परिसर में धरना दे रखा है लेकिन पुलिस इनकी मांगें स्वीकार नहीं कर रही है। जिसकी वजह से मृतका का शव अभी भी नोखा के बागड़ी अस्पताल के मुर्दाघर में रखा हुआ है।

नेता प्रतिपक्ष ने इस प्रकरण को आज राजस्थान विधानसभा में दो बार उठाया और सरकार की संवेदनहीनता पर गहरी नाराजगी जताई। डूडी ने कहा कि प्रदेष में दलित वर्ग के साथ उत्पीड़न लगातार बढ़ रहा है और सरकार की कमजोरी से अपराधी बेखौफ हैं। नोखा की यह घटना मानवता को शर्मसार कर देने वाली है। पुलिस व प्रशासन इस मामले को जिस गैर-जिम्मेदारना तरीके से ले रहे हैं, वह अत्यंत शर्मनाक है। नोखा पुलिस और प्रशासन मानवीय मूल्यों व संवेदनशीलता तक को भूल गये हैं। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म व हत्या के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने के साथ ही ऐसे गैर-जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।