युद्वाभ्यास शत्रुजीत 2016: दुश्मनों के ठिकानेां को ध्वस्त कर कब्जा करने की तैयारी

बीकानेर । भारतीय सेना के जाबांज इस भीषण गर्मी में दिन रात किस प्रकार सेे दुश्मन के ठिकानेां  को ध्वस्त कर कब्जा किया जाए इसके गुर एशिया की सबसे बड़ी फायरिंग रेंज में सीख रहे है। भारत – पाकिस्तान अंर्तराष्ट्रीय सीमा से दूर महाजन स्थित फील्ड फायरिंग रेंज में सेना के अह्म युद्वाभ्यास शत्रुजीत 2016 में स्ट्राइक कोर 1 के जाबांज दिन रात अभ्यास में दुश्मन के 4इलाके मे दूर तक प्रहार करना तथा एकीकृत हवाई-जमीनी लडाई के वातावरण में परीक्षण को परख रहें है। सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग इस सैन्य अभ्यास के अंतिम चरण का निरीक्षण भी करेंगे।

संसद पर हमले के बाद हुए आपरेशन पराक्रम के नतीजों पर जो सामरिक नीति में परिवर्तन किया गया इसी के तहत राजधानी जयपुर में दक्षिणी पश्चिम कमान 15 अगस्त 2015 को स्थापित की गई। ताकि भविष्य में कभी भी दुश्मन देश से मुकाबला करना पड़े तो वे शीघ्र अग्रिम कार्यवाही कर सकें।

रक्षा प्रवक्ता लेफिटनेंट कर्नल मनीष ओझा ने बताया कि इस सामरिक निर्देशित यु़द्धाभ्यास के मुख्य बिन्दु आधुनिक युग के तकनीकीए हथियार प्रणाली और परिवर्तीत युद्ध व्यवस्था व थिएटर लडाई की अवधारणाओं को एकीकृत करके सामंजस्य स्थापित कर6ना है।

भारतीय थल सेना द्वारा नियमित अंतराल पर विभिन्न स्तरों पर इस तरह के युद्धाभ्यास का आयोजन किया जाता रहता है ये सुनिश्चित किया जाता है की लडाई ऐसी स्थिति प्रदान की जायें ताकि सेना लडाई के लिए सदैव तैयार रहें। पिछले दो महीनो से स्ट्राईक 1 के
अधीनस्थ मुख्यालयों और रेजिमेन्टों द्वारा सामारिक यु़द्धाभ्यास किया जा रहा है, अब स्ट्राईक कोर समन्वित सामरिक युद्धाभ्यास का अन्तिम चरण पुष्टीकरण प्रक्रिया में है। शत्रुजीत 2016 में कृत्रिम आणविक, जैविक और रसायनिक युद्ध क्षेत्र वाले माहौल में कई बख्तरबंद वाहनों, तोपों और सैनिकों को उच्च स्तरीय ऑपरेशन में लगाया गया है। यह सैन्य अभ्यास मथुरा बेस की वन कार्प्स के मार्गदर्शन में हो रहा है, जो सेना की तीन प्रमुख हमलावार कार्प्स में से एक है।7

स्ट्राइक कोर 1 के जाबांज जवान व अधिकारी दुश्मन देश के ठिकानेां को कब्जा कर ध्वस्त करन और उस पर अपना कब्जा करने का अभ्यास इस भीषण गर्मी में मुख्य रुप से कर रहे है। इस अभियान में सेना की उस क्षमता को परखना है, जिसमें वायु सेना और लंबी दूरी के तोपों की मदद से पहले हमला करने और फिर निरंतरता बनाए रखने की अत्यंत आक्रामक कौशल शामिल है। इससे पूर्व दिंसबर 2015 में स्ट्राइक कोर 21 ने सर्दी में यंहा पर युद्वाभ्यास किया वंही 5 दिसंबर 2015 को पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर व जैसमेर सीमा क्षेत्र में भी आपरेशन द्वढ़ संकल्प हुआ जिसमें भोपाल में स्थित स्ट्राइक कोर ने भाग लिया।