मानसिक रोगियों के लिए वरदान साबित होगा परिवार स्वंय सहायता समूह कार्यक्रम

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पंचकूला । हरियाणा के मानसिक स्वास्थ्य रेाग विभाग के अतिरिक्त निदेशक डा. विश्वनीत सिंह ने कहा कि परिवार स्वंय सहायता समूह के माध्यम से मानसिक रोगियों को अपने व परिवार के बारे में आपसी चर्चा करने का सशक्त माध्यम है, जोकि आने वाले समय में इनके लिए वरदान साबित होगा। अतिरिक्त निदेशक डा.सिंह शनिवार को पंचकूला के जिला सिविल अस्पताल सेक्टर 6 में संबंध हेल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) व हरियाणा सरकार द्वारा आयेाजित परिवार स्वंय सहायता समूह की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

Family Self Help Group, mental health, District Civil Hospital, Sector-6, Panchkula, Directorate General of Health Sciences initiates, Mental health , Best hospital for mental health, Family Self Help Group news, Health news Haryana, Punjab health news, Panchkula hindi news, Haryana hindi news,उन्हेने बताया कि मानसिक हेल्थकेयर अधिनियम, 2017 के तहत यह अनिवार्य है कि राज्य मानसिक बीमारी और उनके परिवारों के साथ रहने वाले लोगों के लिए समुदाय आधारित सेवाएं प्रदान करेगा। एमएच अधिनियम की धारा 18 (4) (सी) के अनुसार हरियाणा सरकार की और से सेक्टर 31 में ऐसे परिवारेा के सदस्यों के लिए देखभाल करने वालों को घर आधारित पुनर्वास (आउटरीच सेवाओं) के लिए समर्थन प्रदान किया है। उन्होंने पुनर्वास सेवाएं भी प्रदान की हैं जो एमएच अधिनियम की धारा 18 (5) (बी) के अनुसार समुदाय में और उनके परिवारों के साथ मानसिक बीमारी वाले व्यक्तियों का समर्थन करती हैं।

हर माह हेागी बैठक
इस परिवार स्वंय सहायता समूह की बैठकें जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के साथ मिलकर होंगी। प्रोजेक्ट रिकवरी 2018 में हरियाणा सरकार के साथ मिलकर शुरु किया गया था, जोकि विशेष रुप से डिजाइन किया गया है। इसके तहत अभी तक 22 जिलों में बैठक हो चुकी है। पंचकूला व फरीदाबाद से इस कार्यक्रम की पहली शुरुआत की गई है। इस बैठक में मानसिक रोगी को अपने व परिवार के बारे में चर्चा, पैंशन सहित अन्य सरकार की कल्याणकारी योजनाअेां के बारे में जानकारी इत्यादि पर विस्तार से बातचीत के अवसर प्रदान किये जायेंगे।

मानसिक रोगियों के लिए खास कार्यक्रम
Family Self Help Group, mental health, District Civil Hospital, Sector-6, Panchkula, Directorate General of Health Sciences initiates, Mental health , Best hospital for mental health, Family Self Help Group news, Health news Haryana, Punjab health news, Panchkula hindi news, Haryana hindi news,हरियाणा सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं की निदेशक डॉ वीणा सिंह के निर्देशन में हरियाणा में मानसिक रोगियों के लिए खासातैार पर ऐसी सेवाएं प्रदान की जाएं। वर्ष 2014 से एसएचएफ और हरियाणा सरकार के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस एमओयू के अनुसार एसएचएफ स्किजोफ्रेनिया और द्वि-ध्रुवीय गंभीर मानसिक बीमारी वाले लोगों के लिए विभिन्न रिकवरी सेवाएं चला रहा है। हरियाणा शायद कुछ राज्यों में से एक है जो इस तरह की सामुदाय-आधारित सेवाओं का संचालन करता है।

खास कार्यक्रम से हो रहा बदलाव
हरियाणा सरकार ने जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम सिविल अस्पताल और एसएचएफ मिलकर समुदाय आधारित केंद्र चला रहे है। जिसमें विभिन्न तरह के मानसिक रोगो से स्वास्थ्य लाभ और जागरूकता के कार्यक्रम चलाए जा रहे है। जिसमें रिकवरी कार्यक्रम मुख्य है, इसमें योग, ध्यान इत्यादि से लेकर हमारी दिनचर्या के सारे काम शामिल है। जो एक सामान्य इंसान करता है।

इस रिकवरी कार्यक्रम से जरूरतमंद लोगों के जीवन में काफी परिवर्तन आया है। इस केन्द्र में रह रहे कई मानसिक रोगियों ने स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर अपना आत्मविश्वास दुबारा से प्राप्त किया है।

संबंध हेल्थ फाउंडेशन( एसएचएफ) की ट्रस्टी रीता सेठ ने कहा है कि लंबे समय तक तनाव में रहने के कारण मानसिक रोग के शिकार हो सकते है। हमारे शरीर पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है, जिस कारण डिप्रेशन सहित कई तरह की बीमारियेां से हम ग्रसित होते जा रहे है। इसमें खासतौर पर सिजोफे्रनियां और बायपोलर प्रमुख है।

उन्होने बताया कि वर्तमान में डिप्रेशन के प्रभाव में 25 से 40 पार आयु वर्ग आ रहा है। खासतौर पर इनमें महिलाअेां की अपेक्षा पुरुषों में मानसिक रोग की यह समस्या अधिक सामने आई है जो कि चिंता का विषय है। है।

निमहंस, बैंगलोर द्वारा किए गए नवीनतम मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण (2016) के अनुसार भारत में मानसिक बीमारी 15 करोड़ लोगों पीड़ित हैं। सर्वेक्षण के अनुसार पाया गया है कि इतनी भारी संख्या में मानसिक रागियों के इलाज और देखभाल के लिए सक्रिय रूप से हस्तक्षेप करने की आवश्यकता है। लेकिन इलाज की स्थिति का इसी से पता चलता है कि देश में लगभग 5,000 मनोचिकित्सक ही है। इसके अलावा देखभाल और अन्य कार्यों के लिए आवश्यक अन्य मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों की संख्या मनोचिकित्सकों की संख्या से काफी कम है। ऐसे हालात में समस्या का एकमात्र समाधान प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के साथ मानसिक स्वास्थ्य को जोड़ना है।

सिविल अस्पताल के मानसिक रोग चिकित्सक डा.मनोज कुमार ने कहा कि मानसिक रोगी व उनके परिजनेां को हमेशा धैर्य बनाये रखना चाहिए। जब किसी चिकित्सक से उपचार चल रहा हो तो वे धैर्य बनाये रखें और जल्दबाजी में चिकित्सक ना बदले। इस स्थिति में परिवार के लोग हमेशा धैर्य बनाये रखें।

इस बैठक में एसएचएफ की आकृति कपूर व सिविल अस्पताल के कर्मचारी, मानसिक रोगी व उनके परिजन व अधिकारी भी उपस्थित थे।

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