गणगौर-उत्सव में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम

बीकानेर। समाजसेवी बलदेव शर्मा ने कहा है कि जिस समाज में नारी शक्ति जागृत हो, उस समाज का विकास अपेक्षाकृत तेजी से होता है। सूरत निवासी शर्मा ने शुक्रवार को शिवशक्ति सदन में गणगौर-उत्सव के दौरान यह विचार रखे। यह कार्यक्रम शाकद्वीपीय ब्राह्मण गणगौर महिला समिति की ओर आयोजित किया गया था।  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उन्होंने कहा कि एक स्त्री ही घर-परिवार में संस्कार, शिक्षा और स्नेह का माहौल बनाकर रख सकती है।

कार्यक्रम के अध्यक्ष व्यवसायी बजरंगलाल शर्मा ने कहा कि गणगौर समिति की गतिविधियों को और विस्तार दिया जाना चाहिए। उन्होंने समाज की महिलाओं के समुचित विकास के लिए केंद्र चलाने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि आज के वक्त में महिलाओं को पुरुष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा, तब ही हम सही अर्थों में विकास को प्राप्त  कर सकते हैं।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पाली से आए दिलीप शर्मा थे। शर्मा ने इस मौके पर कहा कि गणगौर समिति का कार्यक्षेत्र समूचा राजस्थान होना चाहिए और महिलाओं को सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए आगे आकर काम करना चाहिए।  विशिष्ट अतिथि नोखा के मूलचंद सेवग ने कहा कि गणगौर समिति के माध्यम से बीकानेर की महिलाओं ने जिस तरह से संगठित होकर कार्य किया है, एक मिसाल है।

स्वागत वक्तव्य में समिति की अध्यक्ष ऋतु शर्मा ने गणगौर समिति के कार्य और गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि महिलाओं के विकास और चेतना के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के लिए 30 संयोजिकाओं की एक पूरी टीम है, जो हर कार्य को बखूबी अंजाम देती है।

इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। गणगौर-ईसर प्रतियोगिता हुई जिसमें विजेता रहे। निर्णायक की भूमिका में रंगकर्मी सुधेश व्यास और समाजसेवी रेखा लोहिया और थी।

समिति की ओर से वरिष्ठ महिला सम्मान सजनीदेवी और सूरजदेवी को दिया गया। महासभा के पूर्व पदाधिकारियों के रूप में देवकृष्ण कौशिक, आर.के.शर्मा और कन्हैयालाल सेवग को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डालिमा शर्मा के निर्देशन में ‘गणगौर’ नाटिका प्रस्तुत की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम में गीत,लोकनृत्य और वैस्टर्न डांस सुहानी, प्रिषिता, जागृति, सौम्या, विनीता, देविका, महक, गुनगुन, मानू, गुनगुन, पूजा, गरिमा, तरुणा, रितिका, मीनाक्षी, दीक्षा, सलोनी, दीपशिखा, प्रतिभा, यशस्विनी, प्रियांशी, मोनिषा, कृतिका, जागृति, तपस्या ने प्रस्तुत किए। आभार समिति की उपाध्यक्ष ज्ञानवती शर्मा ने व्यक्त किया। इससे पहले सुबह 11 बजे गणगौर माता की सवारी भुजिया बाजार से रवाना हुई और शहर में घूमते हुए शाम को शिवशक्ति भवन पहुंची। सवारी का जगह-जगह स्वागत हुआ और खोळ भराई की रस्म भी हुई।