जनस्वास्थ्य के हित में तम्बाकू उत्पादों पर चेतावनी 85 प्रतिशत ही की जाये- गहलोत

जनस्वास्थ्य के हित में तम्बाकू उत्पादों पर चेतावनी 85 प्रतिशत ही की जाये- गहलोत 1जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तम्बाकू के सेवन से प्रतिवर्ष होने वाली लाखों लोगों की मृत्यु पर चिंता व्यक्त करते हुये इस बात पर अफसोस व्यक्त किया है कि संसद की सबोर्डिनेट लेजिस्लेशन समिति ने तम्बाकू उत्पादों के 85 प्रतिशत भाग पर दोनों तरफ चेतावनी अंकित करने के बजाय उसे घटाकर 50 प्रतिशत करने की सिफारिश की है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। श्री गहलोत ने आज यहा जारी अपने बयान में कहा कि दूनियाभर में सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पादों के सेवन से होने वाले कैंसर से लाखों लोग मौत के मुह में समा रहे है। ऐसे में जनस्वास्थ्य की ओर विशेष ध्यान देने के बजाय तम्बाकू उत्पादनकर्त्ताओं के उत्पाद को प्रोत्साहन देने का अधिक ध्यान रखा गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने तो तम्बाकू उत्पादों का सेवन करने वालों और इस उद्योग से जुडे किसानों एवं कामगारों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुये न सिर्फ 65 प्रतिशत टैक्स लगा दिया था बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर धुम्रपान करना प्रतिबंधित कर दिया था। वर्तमान भाजपा की राज्य सरकार ने तम्बाकू उत्पाद से जुड़े उद्योगपतियों को तरजीह देते हुये टैक्स को 15 से 25 प्रतिशत तक कम कर दिया है। श्री गहलोत ने कहा कि एक ओर भारत सरकार स्वच्छ भारत अभियान को चला रही है ताकि नागरिकों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव को रोका अथवा कम किया जा सके और दूसरी ओर संसदीय समिति ने जिस प्रकार तम्बाकू उत्पादो पर दोनों और अंकित की जाने वाली चेतावनी को कम किया है। जो किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि दूनिया के 198 देशों में भारत अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर तम्बाकू उत्पादों पर चेतावनी अंकित करने वालों में (वर्ष 2014)136वें स्थान पर है। जो देश 143वें स्थान से नीचे है वे तम्बाकू उत्पादों पर चेतावनी अंकित नहीं करते है। तम्बाकू उत्पादों पर चेतावनी की साईज को कम करने से आमजन को स्वास्थ्य के बारे में जागरूक बनाने के अभियान को गहरा धक्का लगेगा। भारत के पडोसी देश जिन में नेपाल (90 प्रतिशत), पाकिस्तान(85 प्रतिशत), श्रीलंका (80 प्रतिशत) और हाल ही में म्यांमार (75 प्रतिशत) ने इस चुनौती का सामना करने में पहल करते हुये बड़े आकार में चेतावनियां अंकित की है। श्री गहलोत ने आग्रह किया है कि देश एवं प्रदेश के लोगों के स्वास्थ्य हितों को ध्यान में रखते हुये एवं स्वच्छ भारत अभियान की मूल भावना को देखते हुये तमाम तम्बाकू उत्पादों पर 85 प्रतिशत चेतावनी तम्बाकू उत्पादों केे दोनों ओर अंकित करने का निर्णय किया जाये। यह निर्णय आगामी 1 अप्रैल लागू किया जाना है।