अब किसी भी परिस्थिति में दुश्मन से निपटने की तैयारी

युद्वाभ्यास शत्रुजीत 2016:  समापन अवसर पर आर्मी चीफ आंएगे

20 rajh rajendera 3बीकानेर। भारत – पाकिस्तान अंर्तराष्ट्रीय सीमा से दूर महाजन स्थित फील्ड फायरिंग रेंज में पिछले डेढ़ माह से चल रहा युद्वाभ्यास अपने अंतिम चरण में है। इस तपती धूप और भीषण गर्मी में सेना के जवान व अधिकारी दिन रात बायोलोजिकल कैमिकल न्यक्लियर वार फेयर से संबधित पाकिस्तानी रणनीति का सफलतापूर्वक मुकाबला करने का अभ्यास कर नई तकनीक से रुबरु हेा रहें है। वंही इस युद्वाभ्यास के समापन की तैयारियंेा को भी अंतिम रुप दिया जा रहा है। युद्वाभ्यास के समापन पर आर्मी चीफ जनरल दलबीर सिंह सुहाग भी भाग लेकर जवानों ओर अधिकारियेंा का उत्साहवर्धन करंेगे। इस युद्वाभ्यास के बाद किसी भी दुश्मन देश से निटपने को तैयार है।

अब किसी भी परिस्थिति में दुश्मन से निपटने की तैयारी 1रक्षा के सूत्र बतातें है कि युद्वाभ्यास शत्रुजीत 2016 में स्ट्राइक कोर 1 के जाबांज दिन रात अभ्यास में दुश्मन के इलाके मे दूर तक प्रहार करना तथा एकीकृत हवाई-जमीनी लडाई के वातावरण में परीक्षण को परख रहें है। इस अभ्यास में टैंकों, तोपखाने और मिसाइलों की फायरिंग का मुख्य शामिल की गई। अभ्यास के दौरान तोपखाने और मिसाइल की फायरिंग से दुश्मन के ठिकानेां को किस प्रकार से नष्ट कर कब्जा किया इसका भी सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया।
सूत्र बतातें है कि छाताधारी सैनिक दुश्मन के क्षेत्र में उतरकर वंहा पर सफल्तापूर्वक भूमि पर कब्जा करने का भी अभ्यास भी इसमें शामिल रहा। अत्याधुनिक हथियार, साजो सामान, संचार माध्यम, मिसाइल, दिन रात फायरिंग,जासूसी उपकरणों के बारे में विस्तार से जानकारी इस अभ्यास के दौरान दी जा रही है। भारतीय थल सेना द्वारा नियमित अंतराल पर विभिन्न स्तरों पर इस तरह के युद्धाभ्यास का आयोजन किया जाता रहता है ये सुनिश्चित किया जाता हैअब किसी भी परिस्थिति में दुश्मन से निपटने की तैयारी 2 की लडाई ऐसी स्थिति प्रदान की जायें ताकि सेना लडाई के लिए सदैव तैयार रहें। पिछले दो महीनो से स्ट्राईक 1 के अधीनस्थ मुख्यालयों और रेजिमेन्टों द्वारा सामारिक यु़द्धाभ्यास किया जा रहा है, अब स्ट्राईक कोर समन्वित सामरिक युद्धाभ्यास का अन्तिम चरण पुष्टीकरण प्रक्रिया में है।
शत्रुजीत 2016 में कृत्रिम आणविक, जैविक और रसायनिक युद्ध क्षेत्र वाले माहौल में कई बख्तरबंद वाहनों, तोपों और सैनिकों को उच्च स्तरीय ऑपरेशन में लगाया गया है। यह सैन्य अभ्यास मथुरा बेस की वन कार्प्स के मार्गदर्शन में हो रहा है, जो सेना की तीन प्रमुख हमलावार कार्प्स में से एक है। स्ट्राइक कोर 1 के जाबांज जवान व अधिकारी दुश्मन देश के ठिकानेंा को कब्जा कर ध्वस्त करन और उस पर अपना कब्जा करने का अभ्यास इस भीषण गर्मी में मुख्य रुप से कर रहे है।