स्वदेशी की भावना जागृत करने के लिए चलाया जाए व्यापक अभियान

स्वदेशी जागरण मंच के प्रदेश संयोजक ने ली बैठक, कार्यकर्ताओं को दिए दायित्व निर्वहन के निर्देश

स्वदेशी की भावना जागृत करने के लिए चलाया जाए व्यापक अभियान 1बीकानेर। स्वदेशी जागरण मंच की बैठक रविवार को रानी बाजार स्थित शकुंतला भवन में मंच के प्रदेश संयोजक धर्मेन्द्र दुबे की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इस अवसर पर दुबे ने कहा कि आमजन में स्वदेशी की भावना को जागृत करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए। विभाग, जिला, महानगर और नगर स्तर पर दायित्ववान कार्यकर्ताओं की टीम तैयार की जाए। कार्यकर्ता अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता से करें, जिससे मंच के उद्देश्यों की प्राप्ति हो सके। उन्होंने विभिन्न स्तर पर संयोजक, सहसंयोजक, कोष प्रमुख, संपर्क तथा संघर्ष वाहिनी प्रमुख सहित अन्य पदों पर दायित्ववान कार्यकर्ताओं को नियुक्त करने के निर्देश दिए तथा प्रत्येक माह ‘विचार वर्ग’ आयोजित करने के निर्देश दिए तथा कहा कि विभिन्न वर्गों के लोगों को मंच के कार्यों से जोड़ा जाए।

दुबे ने कहा कि राजस्थान में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में असीम संभावनाएं विद्यमान हैं। इसे देखते हुए मंच द्वारा आमजन को सौलर प्लांट स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए बीकानेर सहित चार जिलों में संगोष्ठियां आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत की छोटी-छोटी कंपनियां आर्थिक रूप से सशक्त बनें तथा देश के विकास में उनका योगदान रहे, इसके लिए मंच सदैव प्रयासरत रहता है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी की अवधारणा केवल स्वदेशी वस्तुओं के क्रय अथवा विक्रय तक सीमित नहीं है, बल्कि इस संगठन का मूल उद्देश्य सरकार द्वारा जनहित में बनाई जा रही नीतियों का अवलोकन करना तथा उनकी वस्तुस्थिति से आमजन को अवगत करवाना है।

प्रदेश संयोजक ने कहा कि मंच ‘स्वदेशी से स्वाभिमान और स्वाभिमान से स्वावलम्बन’ के सिद्धांत पर कार्य करता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जलसंरक्षण की स्थिति को देखते हुए इसके संरक्षण के लिए भी आमजन को जागरूक किया जाएगा। स्थानीय नगर पालिका के सहयोग से प्रत्येक नगरीय क्षेत्र में परम्परागत जल स्त्रोतों के संरक्षण के प्रयास किए जाएंगे। दुबे ने कहा कि स्थानीय स्तर पर स्वदेशी मेले आयोजित किए जाएं तथा इनके माध्यम से लघु उद्योगों को प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि नुक्कड़ सभाओं के अलावा प्रचार-प्रसार के पारम्परिक एवं सोशल मीडिया जैसे आधुनिकतम माध्यमों का उपयोग जनजागृति में किया जाए।

मंच के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य धरमप्रकाश शर्मा ने कहा कि स्वदेशी के संरक्षण एवं छोटे-छोटे उद्योगों के प्रोत्साहन से देश को आर्थिक दृष्टिकोण से सशक्त बनाने के उद्देश्य से 1992 में स्वदेशी जागरण मंच का गठन किया गया था। आज देश के प्रत्येक कोने में मंच के समर्पित कार्यकर्ता, जागृति के प्रयास कर रहे हैं। मंच के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। उन्होंनेे कहा कि स्वदेशी के प्रोत्साहन के लिए हमें सतत प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि मंच के कार्यक्रमों में अन्य आनुषांगिक संगठनो के कार्यकर्ताओं को भी आमंत्रित किया जाए।

जिला सहसंयोजक आर्य अतुलानंद ने कहा कि कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग को रोकने के लिए मंच द्वारा किसानों को जागरूक किया जाए। उन्होंने गौ आधारित अर्थव्यवस्था पर प्रकाश डाला तथा पंचगव्य उत्पादों के प्रोत्साहन की आवश्यकता जताई। महानगर संयोजक मधुसूदन व्यास ने रक्षाबंधन, स्वदेशी सप्ताह, दीपावली और होली के अवसर पर आयोजित किए गए कार्यक्रमों के बारे में बताया तथा कहा कि मंच द्वारा अक्षय तृतीया के अवसर पर चाइनीज मांझे के दुष्प्रभाव के संबंध में अभियान चलाया जाएगा। इस अवसर पर परमानंद ओझा, विष्णु दत्त व्यास, डा. पंकज कुमार जोशी, श्रीराम बिस्सा, प्रमेश कुमार अग्रवाल, पीयूष पुरोहित, मालाराम कुमावत, संतोष यादव, विनोद कुमार ओझा, गोरधन सारस्वत ने भी विचार रखे।

नए पदाधिकारी नियुक्त

इस अवसर पर महानगर कार्यकारिणी में नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई। प्रदेश संयोजक ने बताया कि डा. पंकज जोशी को महानगर संपर्क प्रमुख, डा. विजय शंकर आचार्य को विचार मंडल प्रमुख नियुक्त किया गया। वहीं गोरधन सारस्वत को गंगाशहर नगर तथा नंदकिशोर को बजरंग नगर संयोजक नियुक्त किया गया है। बैठक के दौरान प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को ‘विचार वर्ग’ आयोजित करने का निश्चय हुआ तथा डा. पंकज कुमार जोशी को इसका प्रभारी नियुक्त किया गया।