आरटीआई से हुआ मामले का खुलासा:अन्तर्जातीय विवाह योजना में तथ्यों को छुपा हुए लाखों रुपयों से लाभाविंत

हनुमानगढ़। अन्तर्जातीय विवाह योजना के तहत साक्ष्यों को छुपाकर समाज कल्याण विभाग से षडय़ंत्र पुर्वक लाखों रुपयों का लाभ लेने का खुलासा सूचना का अधिकार जागृति मंच द्वारा शनिवार को मंच के जिला कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में किया गया। जिलाध्यक्ष प्रवीण मेहन ने बताया कि इस योजना के तहत लडक़ा अथवा लडक़ी में से कोई एक आवेदनकर्ता अनुसूचित जाति का हो तथा लडक़े अथवा लडक़ी में से कोई एक स्वर्ण होना चाहिए। जिसमें वर की आयु 21 वर्ष एवं वधू की आयु 18 वर्ष से कम न हो। ये प्रोत्साहन राशि भी तभी दी जाती है जब आवेदक समस्त औपचारिकताएं पूरी करता हो। इस ताजा प्रकरण में विभाग द्वारा उपलब्ध करवाई गई सूचना अनुसार तलवाड़ा झील निवासी मोहित अग्रवाल और हनुमानगढ़ निवासी अंजलि वाल्मिकी ने अन्तर्जातीय विवाह किया और समाज कल्याण विभाग में दस्तावेज प्रस्तुत कर पांच लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर ली। मूल आवेदन में मोहित की शैक्षणिक योग्यता सिर्फ साक्षर  (प्राथमिक) दिखाई गई है जबकि मोहित कक्षा दस तक पढ़ा- लिखा है और इसी तरह राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अनुसार मोहित की जन्मतिथि 7 जुलाई 1994 है और नायब तहसीलदार कि अभिशंषा पर तलवाड़ा झील ग्राम पंचायत से जारी जन्म प्रमाण पत्र में जन्मतिथि 7 जुलाई 1993 बताई गई है। यानि कि नियमानुसार विवाह की निर्धारित आयु को पूर्ण कर लाभाविंत होने के लिए आवेदनकर्ता द्वारा समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत कर से सब किया गया।  मंच के उपाध्यक्ष अनिल जांदू ने बताया कि विभाग द्वारा अंजलि वाल्मिकी के शैक्षणिक योग्यता के साथ साथ अन्य सभी दस्तावेजों कि गहनता से पड़ताल की गई जो औपचारिकताएं पूरी करते हो। जबकि वर पक्ष यानि मोहित अग्रवाल के द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों कि प्रारंभिक जांच ही नहीं की गई।  मोहित की शैक्षणिक योग्यता प्राथमिक स्तर पर साक्षर होने का कोई मूल प्रमाण नहीं दिया गया। इस तरह से सब गोलमाल कर लाखों रूपये ले लिए गए।

विधि सलाहाकार ललित चड्ढा और नितिन छाबड़ा ने बताया कि मंच का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार और सरकारी धन व पद का दुरुपयोग रोकना है। सुचना मिलने और उसके पुख्ता होने पर मंच के दस सदस्यों ने एक साथ आरटीआई लगाई गई। इस प्रकरण में चौंकाने वाला पहलु ये रहा कि शहर कि कई सामाजिक संस्थाओं और राजनैतिक पार्टियों के पदाधिकारियो द्वारा सूचना नहीं लेने का दबाव लगातार बनाये रखा। लेकिन मंच सदस्य अपने उद्देश्य पर कायम रहे। आखिर ना चाहते हुए भी विभाग को मजबूरन जानकारी देनी पड़ी। पत्रकार वार्ता में जिलाध्यक्ष प्रवीण मेहन, उपाध्यक्ष अशोक नारंग व अनिल जांदू, विधि सलाहाकार ललित चड्ढा व नितिन छाबड़ा, प्रचार मंत्री गुरसेवक सिंह, सदस्य रमेश बैनीवाल, रामचन्द्र गुप्ता, रामकुमार शर्मा, राजकुमार मित्तल आदि उपस्थित थे।