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विकास का नया मॉडल चीन को बनाएगा समृद्ध

विकास का नया मॉडल चीन को बनाएगा समृद्ध

बीजिंग, 13 जनवरी (आईएएनएस)। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और सरकार पिछले कई दशकों से देश को प्रगति के रास्ते पर ले जाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में भी देश के नागरिकों का भविष्य बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं।

शी के सत्ता में आने के बाद गरीबी उन्मूलन की मुहिम बहुत तेज हुई। इसीका नतीजा है कि चीन ने करोड़ों लोगों को गरीबी के चंगुल से मुक्त कराने में सफलता हासिल की है। 13वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान देश को खुशहाल बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों और उपलब्धियों को नजरअंदाज करना आसान नहीं है। वह भी ऐसे वातावरण में, जब इस सदी की सबसे खतरनाक महामारी ने पूरे विश्व को बेहाल कर रखा है।

अब चीन 14वीं पंचवर्षीय योजना को लागू करने जा रहा है, जिसमें अर्थव्यवस्था की मजबूती पर ध्यान केंद्रित हुआ है। खासतौर पर चीन विकास के नए चरण में प्रवेश कर रहा है, जिसके तहत दोहरे चक्र वाली अर्थव्यवस्था पर जोर दिया जाएगा। इस नये मॉडल में न केवल खुलेपन पर ध्यान रहेगा, बल्कि देश के भीतर भी विकास के चक्र को घुमाने पर बल दिया जाएगा।

गौरतलब है कि चीन के सर्वोच्च नेता शी चिनफिंग ने हाल में नई विकास अवधारणा के महत्व पर प्रकाश डाला। जिसमें उन्होंने पूर्ण रूप से आधुनिक समाजवादी देश के निर्माण के लिए एक अच्छी शुरूआत करने का आह्वान किया। चीनी राष्ट्रपति के इस बयान से पता चलता है कि वह देश को आधुनिक मार्ग पर ले जाने के लिए कितने प्रतिबद्ध हैं। जैसा कि शी ने कहा कि अगले तीन दशक के दौरान चीन का विकास नए चरण में प्रविष्ट होगा। अगर इस अवधि में देश की जनता, सरकार व पार्टी ने मजबूत इच्छा शक्ति दिखाई तो चीन समृद्ध होने के साथ-साथ व्यापक परिवर्तन की प्रक्रिया से गुजरेगा।

यहां बता दें कि हाल में आयोजित एक महत्वपूर्ण पूर्णाधिवेशन में कहा गया है कि चीन व्यापक रूप से खुशहाल समाज के निर्माण और प्रथम सौ वर्षीय लक्ष्य को पूरा करेगा। इसके पश्चात व्यापक रूप से समाजवादी आधुनिक देश का निर्माण करने की ओर कदम बढ़ाये जाएंगे।

आने वाले वर्षों में चीन के सामने चुनौतियां तो होंगी, लेकिन अवसर भी कम नहीं होंगे। जैसा कि कहा जाता है कि चुनौतियों को अवसर में बदलना आना चाहिए।

उम्मीद की जानी चाहिए कि चीन में शहरों और गांवों के बीच का फासला कम होगा, साथ ही अमीरी व गरीबी की खाई को पाटने में कामयाबी मिलेगी। ऐसा होने पर चीन वास्तव में जन केंद्रित व्यवस्था को पूरी तरह से लागू कर पाएगा।

(लेखक - अनिल पांडेय, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

-- आईएएनएस

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