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भावी लेखक से बागी तक का सफर है बिच्छु का खेल : दिव्येंदु शर्मा (आईएएनएस साक्षात्कार)

भावी लेखक से बागी तक का सफर है बिच्छु का खेल : दिव्येंदु शर्मा (आईएएनएस साक्षात्कार)

नई दिल्ली, 16 नवंबर (आईएएनएस)। अभिनेता दिव्येंदु शर्मा मिर्जापुर वेब सीरीज में अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों में अपनी एक खास जगह बना चुके हैं। अभिनय के प्रति गहरी समझ रखने वाले दिव्येंदु की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कैमरे के सामने आते ही वह खुद को अपने किरदार के अनुरूप ढाल लेते हैं।

प्रशंसकों के बीच मुन्ना भइया के नाम से लोकप्रिय हुए दिव्येंदु आने वाले समय में एक और नई वेब सीरीज बिच्छु का खेल में नजर आने वाले हैं। यह वेब सीरीज 18 नवम्बर को ऑल्ट बालाजी और जी5 क्लब पर रिलीज हो रही है। इस रिलीज से पहले आईएएनएस संग उनकी खास बातचीत हुई जिसमें इस युवा अभिनेता ने पिछली और मौजूदा सीरीज सहित अपनी कुछ आगामी परियोजनाओं के बारे में बातें कीं।

सीरीज बिच्छु का खेल में उनके किरदार के बारे में पूछे जाने पर दिव्येंदु ने कहा, यह एक साधारण से लड़के की कहानी है, जिसे जिंदगी में कुछ असाधारण घटनाओं का सामना करना पड़ता है, जो उसे पूरी तरह से बदल कर रख देता है। अखिल श्रीवातस्व (सीरीज में अभिनेता के किरदार का नाम) अपने पिता के साथ रहता है। उसे एक दिन अपने बाबू (अखिल के पिता) की मौत की खबर मिलती है। अखिल को पता चलता कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि साजिशन हत्या है। इसके बाद इस मौैत की सच्चाई का पता लगाने की उसकी मुहिम की शुरुआत होती है।

दिव्येंदु आगे कहते हैं, साधारण सी जिंदगी जीने वाला अखिल लेखक बनना चाहता है। पिता की दर्दनाक मौत के बाद वह बिखर जाता है। मौत की गुत्थी को सुलझाते हुए उसके व्यक्तित्व में परिवर्तन आता है और धीरे-धीरे एक आम लड़का बागी बनने की राह पर चल पड़ता है। इसका कारण यह है कि वह उस सिस्टम से बैर लेता है, जिस सिस्टम ने उसके पिता की हत्या को आत्महत्या बताया था।

अखिल और मुन्ना (मिर्जापुर में अभिनेता के किरदार का नाम) के बीच समानता या असमानता के होने के बारे में पूछे जाने पर अभिनेता बताते हैं, समानता नहीं है क्योंकि मुन्ना पैदायशी बागी है और अखिल को हालतों ने ऐसा बनने को मजबूर किया है। दोनों काफी अलग हैं क्योंकि मुन्ना अगर दिमाग से सोचता है, तो अखिल दिल से सोचता है। लेखक बनने की ख्वाहिश रखने वाले अखिल को किताबों में लिखी कहानियों से बेहद लगाव रहता है, हालांकि उसे यह नहीं पता रहता है कि उसकी जिंदगी भी एक ऐसी ही कहानी बनकर रह जाएगी।

दिव्येंदु से बिच्छु का खेल के लिए हामी भरने की वजह को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इस पर कहा, यह सीरीज कुछ फिल्मी है। पिता की मौत का बदला लेना, दमदार संवाद, 80 व 90 के दशक के फिल्मों की एक छाप, बैकग्राउंड स्कोर में उस दौर के यादगार गानों को शामिल किया जाना, ये सारी बातें मुझे काफी पसंद आई। इसके अलावा, हमेशा किताबों में खोए रहने वाले नवोदित लेखक के जीवन को किताबी घटनाओं से जोड़कर दिखाए जाने का कॉन्सेप्ट मुझे काफी अच्छा लगा था और इसी के चलते मैंने सीरीज में काम करने का मन बनाया था।

वेब स्पेस में अपने अभिनय के दम पर खास पहचान बनाने वाले दिव्येंदु बड़े पर्दे पर फिर से कब नजर आएंगे? इस पर उन्होंने कहा, मेरी एक फिल्म मेरे देश की धरती बनकर तैयार है। इसे सिनेमाघरों में रिलीज किए जाने पर बात चल रही है। यह शहर में रहने वाले एक इंजीनियर की कहानी है, जो किन्हीं हालातों के चलते एक गांव पहुंच जाता है। वहां किसानों को देखकर उसके मन में इंजीनियरिंग के माध्यम से उनकी मदद करने का ख्याल आता है और यही से कहानी की शुरुआत होती है।

अखिल के रूप में दिव्येंदु को देखने का लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और इस इंतजार पर अब जल्द ही विराम लगने वाला है क्योंकि सीरीज बिच्छु का खेल इस महीने की 18 तारीख से ऑल्ट बालाजी और जी5 क्लब पर स्ट्रीमिंग के लिए तैयार है।

--आईएएनएस

एएसएन/जेएनएस

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