देशभर में तंबाकू उत्पादेां पर 85 प्रतिशत सचित्र चेतावनी लागू

pcजयपुर। देशभर में1 अप्रेल 2016 से तंबाकू उत्पादों पर 85 प्रतिशत सचित्र चेतावनी को लागू किया गया है। राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एस.के.मितल और मोहम्मद रफीक ने शुक्रवार को सभी प्रकार के तंबाकू उत्पादों पर वैधानिक चेतावनी 85 प्रतिशत करने के आदेश कर दिए है। केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने न्यायालय में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि आज से  देशभर में 85 प्रतिशत सचित्र चेतावनी लागू है।

याचिकाकर्ता राहुल जोशी ने बताया कि बाजार में अभी भी 40 प्रतिशत सचित्र चेतावनी वाले तंबाकू उत्पाद आसानी से उपलब्ध है। जबकि तंबाकू निर्माताअेां को इसके लिए पूर्व में पर्याप्त समय भी दिया गया था। जिसमें इनको अपना पुराना स्टॉक खपत करना था। इस पर न्यायालय ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अभी तक तंबाकू उत्पादों पर 85 प्रतिशत सचित्र चेतावनी को लागू क्यों नही किया। इसके साथ ही उन्होने इसकी जागरुकता पर भी जोर देने को कहा। न्यायालय ने स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार को कहा कि इस सचित्र चेतावनी को तुंरत लागू करें। इस मामले में अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी।

तंबाकू कंपनियां कर रही नियमों  का उल्लंघन

देशभर में तंबाकू उत्पादों पर 85 प्रतिशत सचित्र चेतावनी को तंबाकू कंपनियों से लागू करने के लिए सरकार को बाध्य करना चाहिए, ताकि बाजार में नई चेतावनी के उत्पाद उपलब्ध हो। स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा छह पूर्व जारी अधिसूचना को भी तंबाकू कंपनियां लागू नही कर पाई है। जबकि इन्हे इसके लिए पर्याप्त समय दिया गया था।20150108_001240

वायॅस ऑफ टोबेको विक्टमस (वीओटीवी) के संजय सेठ ने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट और स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय का यह निर्णय आमजन के स्वाथ्य हित में है। भारत में करीब 12 लाख लोग प्रतिवर्ष मर रहे है यह सचित्र चेतावनी इन आंकड़ों में कमी लाएगी। राजस्थान के करीब 350 नए तंबाकू उपभोक्ताओं को भी हत्तोत्साहित करेगी। अब देश में सभी प्रकार की तंबाकू कंपनियों को अपने अपने तंबाकू उत्पादेां पर दोनों और 85 प्रतिशत सचित्र चेतावनी को लागू करने का आदेश तो पूर्व में हो गया था लेकिन अब न्यायालय ने अंतिम निर्णय दे दिया है। अब सरकार को तंबाकू कंपनियों से इसे कड़ाई से लागू करना होगा।

इंडियन अस्थमा के20150108_001354यर सोसायटी  व वीओटीवी के धर्मवीर कटेवा ने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा तंबाकू उत्पादों  पर सचित्र चेतावनी को लागू करना आमजन के लिए हितकारी है। इससे तंबाकू उपयोगकर्ताअेां मे कमी आएगी। बाजार में जो 40प्रतिशत सचित्र चेतावनी वाले तंबाकू उत्पाद मिल रहे है जो कि  कानूनी रुप से अवैध है। इस पर सरकार को काम करने की जरुरत है।

सुनीता कैंसर पीड़िता की 1 अप्रेल2015 में मौत हो गई थी। उन्होने सरकार से सभी तंबाकू उत्पादों पर 85 सचित्र चेतावनी लागू करने की मांग की थी। हालांकि उसका 1अप्रेल 2015 को निधन हो गया था।

याचिकाकर्ता राहुल जोशी की और से उनके अधिवक्ता जी.एस.बाफना एंव अधिवक्ता एस.आर.जोशी ने मामले की पैरवी की।