राजकीय सम्मान के साथ अटलजी को दी अंतिम सलामी, मंत्रोच्चार के साथ अंतिम संस्कार

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पुत्री नमिता भट्टाचार्य ने दी मुखाग्नि।
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय में शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अंतिम दर्शन के लिए विशिष्ट जनों और आम जनता का हुजूम उमड़ पड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, वरिष्ठ भाजपा नेता एल. के. आडवाणी और माकपा नेता सीताराम येचुरी सहित कई नेताओं और हजारों लोगों ने दिवंगत नेता को श्रद्धासुमन अर्पित किए। भाजपा मुख्यालय से स्मृति स्थल तक 5 किलोमीटर लम्बे मार्ग पर आज अटलजी की अंतिम यात्रा में पीएम नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित हजारों की तादाद में लोग पैदल चले। पहले से तय समय अनुसार वाजपेयीजी का पार्थीव शरीर शाम 4 बजे यमुना नदी किनारे स्थित राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर पहुंचा। स्मृति स्थल पर तीनो सेना प्रमुखों ने वाजपेयीजी को अंतिम श्रद्धांजलि दी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू सहित कई दिग्गज नेताओ ने अटल बिहारी वाजपेयी को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।

पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी का राजनीतिक जीवनराजकीय सम्मान के साथ अटलजी को दी अंतिम सलामी, मंत्रोच्चार के साथ अंतिम संस्कार 1
पूर्व पीएम अटलजी को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी देने के बाद मंत्रोच्चार के साथ उनके पार्थिव शरीर के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी। पुत्री नमिता भट्टाचार्य ने अटलजी के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। इन क्षणों में अटलजी के जयकारो से पूरा वातारण गूँज उठा। हर किसी ने नम आँखों से ष्अजात शत्रुष् अटल बिहारी वाजपेयी को विदाई दी।
अंतिम यात्रा में गूंजते रहे नारे
सुबह पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के आवास से सुबह नौ बजे जब भाजपा मुख्यालय के लिए उनका पार्थिव शरीर रवाना हुआ, तो देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोग जब तक सूरज चांद रहेगा, अटलजी का नाम रहेगा, भारत माता की जयश् और वंदे मातरम के नारे लगाते देखे गए।
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पूर्व प्रधानमंत्री के पार्थिव शरीर को उनके कृष्णा मेनन मार्ग स्थित आवास से फूलों से सजे सेना के एक ट्रक से भाजपा मुख्यालय तक लाया गया।
राजकीय सम्मान के साथ अटलजी को दी अंतिम सलामी, मंत्रोच्चार के साथ अंतिम संस्कार 2जब शव पहुंचा, उस समय मोदी, शाह, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गेट के पास मौन खड़े थे।
इन नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी। पार्थिव शरीर को वाजपेयी जी की मुस्कुराती हुई तस्वीर के सामने रखा गया था। तस्वीर के हर तरफ पार्टी का झंडा रखा हुआ था।
वाजपेयी के करीबी रहे आडवाणी के साथ ही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) नेता डी. राजा और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने भी दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी। वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने वालों में केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, राज्य मंत्रियों, सासंदों, विधायकों, भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ आम लोग भी शामिल रहे।खुशखबरी: ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य कागज डिजिटल रूप में भी होंगे वैध
जैसे ही वाजपेयी का पार्थिव शरीर पार्टी मुख्यालय पहुंचा, लोग भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गईं।
अपने चहेते नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही पार्टी कार्यालय के बाहर जुटने लगे थे। भीड़ को नियंत्रित करने में सुरक्षाकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। यहां तक कि दार्जिलिंग की एक महिला पार्टी कार्यालय के अंदर पहुंचने के लिए गेट से कूद गई।
वाजपेयी का अंतिम संस्कार शाम चार बजे यमुना नदी किनारे स्थित राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर होगा।
भारत रत्न से सम्मानित दिवंगत नेता के सम्मान में सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है और दिल्ली सरकार के कार्यालय, स्कूल और संस्थान शुक्रवार को बंद रखे गए हैं। केंद्र सरकार के कार्यालयों में मध्याह्न तक कामकाज हुआ।
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और तीनों सशस्त्र बलों के प्रमुखों ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनके आवास जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

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