कश्मीर सांस्कृतिक केंद्र स्थापित करने के लिए अमेरिका में चर्च खरीद रहे कश्मीरी दंपति

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श्रीनगर, 7 जुलाई (आईएएनएस)। एक कश्मीरी दंपति अमेरिका में 97 साल पुराने खाली चर्च को खरीदने की तैयारी में है और वह इसे एक संग्रहालय और पुस्तकालय में बदलना चाहते हैं, जहां कश्मीरी कला, संस्कृति और इतिहास की झलक देखी जा सकेगी।

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि रोबोटिक सर्जन डॉ. खुर्शीद गुरु और उनकी पत्नी डॉ. लुबना गुरु नियाग्रा फॉल्स में 650 पार्क प्लेस में 97 साल पुराना एक खाली चर्च खरीद रहे हैं।

परिवार के करीबी सूत्रों ने बताया कि दंपति इस जगह को कश्मीरी कला, संस्कृति और इतिहास के संग्रहालय में बदल देंगे, जिसमें 1500 से ज्यादा कश्मीर से जुड़ी पेंटिंग, किताबें और कश्मीरी कलाकृतियां होंगी, जो कि दंपति ने पिछले कुछ वर्षो के दौरान संजोकर रखी हैं।

डॉ. खुर्शीद गुरु कश्मीर के बारामूला जिले के सोपोर शहर के रहने वाले हैं, जो प्रसिद्ध कश्मीरी कार्डियो-थोरेसिक सर्जन दिवंगत अब्दुल अहद गुरु के बेटे हैं।

बता दें कि दिवंगत अब्दुल अहद गुरु को एक अप्रैल, 1993 को श्रीनगर शहर में रहस्यमय परिस्थितियों में मार दिया गया था।

उन्हें जम्मू एंड कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) का करीबी माना जाता था।

सूत्रों ने बताया कि दंपति कश्मीरी कलाकारों, विद्वानों और योगदानकर्ताओं को आवासीय स्थान प्रदान करने के लिए दो अतिरिक्त घर भी खरीद रहे हैं।

सूत्रों ने यह भी कहा कि संग्रहालय एवं पुस्तकालय में प्रदर्शित किया जाने वाला संग्रह 20 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक का होगा।

पारिवारिक सूत्रों ने कहा, अमेरिका में कांग्रेस की लाइब्रेरी में या ब्रिटश संग्रहालय में जो कुछ उपलब्ध है, उसके अलावा यह संभवत: कश्मीर के बाहर के क्षेत्र में पुस्तकों का सबसे बड़ा संग्रह होगा।

परियोजना लागत में संपत्ति के अधिग्रहण के लिए दो लाख अमेरिकी डॉलर, निर्माण और सुधार के लिए 12.5 लाख अमेरिकी डॉलर, फर्नीचर और उपकरण के लिए 250000 अमेरिकी डॉलर और अन्य चीजों पर करीब तीन लाख अमेरिकी डॉलर शामिल हैं।

गुरु ने एलएसएनवाई होल्डिंग्स एलएलसी के माध्यम से नियाग्रा काउंटी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एजेंसी को 10 साल के प्रॉपर्टी टैक्स ब्रेक और बिक्री कर छूट के लिए आवेदन किया था, जिसने 30 जून को औपचारिक रूप से आवेदन स्वीकार कर लिया और अब 29 जुलाई 2020 को इस बारे में एक जन सुनवाई होगी।

–आईएएनएस