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किसानों के लिए खुशखबरी ! देशभर में 31 जुलाई से पहले रजिस्ट्रेशन कराने वालों को इस स्कीम का मिलेगा लाभ

किसानों के लिए खुशखबरी ! देशभर में 31 जुलाई से पहले रजिस्ट्रेशन कराने वालों को इस स्कीम का मिलेगा लाभ

नई दिल्ली। देशभर के किसानों को उनकी फसल खराब (Crop Insurance) हेाने पर पहले किसी तरह का बीमा नही मिलता था लेकिन अब सरकार की और से उन्हे बीमा की सुविधा दी जा रही है। जिससे किसान को किसी भी तरह से फसल खराब होने पर उसकी फसल का उचित मुआवजा मिलता है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार (PM Narendra Modi Government) की स्कीम प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) के लिए खरीफ फसलों के बीमा की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2020 है।

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इसमें जो ऋणी किसान बीमा सुविधा नहीं चाहते है, उनको अंतिम तिथि के 7 दिन पूर्व लिखित रूप से अपनी बैंक शाखा को सूचना करनी होगी। अन्य गैर ऋणी किसान सी एस सी, बैंक, एजेंट अथवा बीमा पोर्टल पर फसल बीमा स्वयं कर सकते हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जरिए बेमौसम बारिश या जरूरत से ज्यादा बारिश से फसल को होने वाले नुकसान की भरपाई की जाती है। देशभर में किसानों की इसी समस्या को देखते हुए क्रेंद्र सरकार ने इसे 13 जनवरी 2016 को शुरू किया गया था।

फसल बीमा योजना में इन परिस्थितियेां में मिलता है भुगतान

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर (Minister of Agriculture & Farmers Welfare and Minister of Rural Development, Narendra Singh Tomar) बतातें है कि इस योजना के अंतर्गत किसान को उसकी फसल पर ओले पड़ना, जमीन धसना, जल भराव, बादल फटना और प्राकृतिक आग से नुकसान पर खेतवार नुकसान का आंकलन कर भुगतान किया जाता है। प्राकृतिक आपदा में फसलों को नुकसान पहुंचने पर केंद्र सरकार ने किसानों को उसकी भरपाई के लिए फरवरी 2016 में अति महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ की शुरुआत की थी।

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इस तरह से मिलेगा लाभ

इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान को निर्धारित समय पर अपनी फसल का बीमा कराना होता है। जिसके लिए बुआई के 10 दिन के अंदर किसान को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का आवेदन करना होता है। बीमा की रकम का लाभ तभी मिलेगा जब आपकी फसल किसी प्राकृतिक आपदा की वजह से ही खराब हुई हो। बुवाई से कटाई के बीच खड़ी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं, रोगों व कीटों से हुए नुकसान की भरपाई, खड़ी फसलों को स्थानीय आपदाओं, ओलावृष्टि, भू-स्खलन, बादल फटने, आकाशीय बिजली से जो नुकसान होता है, उसका फसल कटाई के बाद अगले 14 दिन तक खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसलों को बेमौसम चक्रवाती बारिश, ओलावृष्टि और आंधी से हुई क्षति की स्थिति में व्यक्तिगत आधार पर क्षति का आकलन कर बीमा कंपनी भरपाई करेगी। प्रतिकूल मौसमी स्थितियों के कारण फसल की बुवाई न कर पाने पर भी लाभ मिलता है।

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किसान को इतना देना होगा प्रीमियम

देशभर में खरीफ की फसल के लिये 2 फीसदी प्रीमियम और रबी की फसल के लिये 1.5 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कॅमर्शियल और बागवानी फसलों के लिए भी बीमा सुरक्षा प्रदान करती है। इसमें किसानों को 5 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है।

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ये दस्तावेज है जरुरी - प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए किसान की एक फोटो, आईडी कार्ड, एड्रेस प्रूफ, खेत का, खसरा नंबर, खेत में फसल का सबूत देना होता है, तभी वह आवेदन के लिए उपयुक्त माना जायेगा।

यहां से मिलेगी जानकारी

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसान क्लेम हेतु (Crop insurance scheme) बीमा कम्पनी (insurance Company Toll Free Number) के टोल-फ्री नम्बर 18002005142 या फिर 1800120909090 पर या बीमा कंपनी और कृषि विभाग विशेषज्ञ (Agriculture Department) से सम्पर्क कर सकते हैं। इसके लिए 72 घंटे का समय निर्धारित है, नुकसान होने पर खेतवार नुकसान का आकलन कर भुगतान किया जाता है। यहां पर किसान को सभी तरह की जानकारियां मिल सकेगी।

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