दिल्ली में भाजपा क्यों हुई फेल? नड्डा को पांच बड़े नेता देंगे रिपोर्ट (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

दिल्ली-में-भाजपा-क्यों-हुई-फेल?-नड्डा-को-पांच-बड़े-नेता-देंगे-रिपोर्ट-(आईएएनएस-एक्सक्लूसिव)

नई दिल्ली, 12 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आक्रामक कैंपेनिंग के बावजूद करारी हार के पीछे की वजहें तलाशने के लिए भाजपा के पांच वरिष्ठ नेता जुट गए हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव में पूरा दारोमदार अपने कंधे पर उठाने वाले ये पांच प्रमुख नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को रिपोर्ट देंगे। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा एक रिपोर्ट तैयार कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखेंगे। ऐसा भाजपा सूत्रों का कहना है।

दिल्ली में पार्टी की हार के कारणों की समीक्षा के लिए जिन नेताओं को रिपोर्ट देनी है, उनमें केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी और संगठन मंत्री सिद्धार्थन का नाम बताया जाता है।

प्रकाश जावड़ेकर जहां दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रभारी रहे वहीं श्याम जाजू राज्य के प्रभारी के तौर पर संगठन की गतिविधियां देखते रहे हैं। चुनाव के दौरान गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय जावड़ेकर के सहयोगी की भूमिका में रहे। जबकि प्रदेश संगठन में अध्यक्ष के तौर पर मनोज तिवारी और महामंत्री(संगठन) के तौर पर सिद्धार्थन की सबसे अहम भूमिका रही।

ऐसे में पार्टी का मानना है कि पूरे चुनाव में सबसे अहम भूमिका निभाने वाले ये पांच नेता ही हार के असली कारणों तक पहुंच सकते हैं। शीर्ष नेतृत्व ने एक रणनीति के तहत सभी से अलग-अलग रिपोर्ट पेश करने को कहा है। ताकि पार्टी यह देख सके कि क्या हर नेता के हिसाब से हार के अलग-अलग कारण सामने आते हैं या फिर कुछ कॉमन कारण मिलते हैं। पांचों नेताओं की रिपोर्ट के आधार पर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यालय एक समग्र रिपोर्ट तैयार करेगा। यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री मोदी के पास जाएगी।

भाजपा के दिल्ली प्रभारी श्याम जाजू ने मंगलवार को नतीजों के दिन आईएएनएस से कहा था कि पार्टी हार के कारणों की समीक्षा करेगी। सभी जिम्मेदार नेता साथ बैठेंगे और कमियों पर चर्चा करेंगे। समीक्षा के दौरान जो चीजें सामने आएंगी, उसी आधार पर आगे का कदम पार्टी उठाएगी। हालांकि श्याम जाजू का यह भी मानना है कि पार्टी ने 2015 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है। पार्टी ने सीटों के साथ वोट शेयर में खासी बढ़ोतरी की है।

— आईएएनएस