पायलटों ने एयर इंडिया के दोहरे दावों को साबित करने पुरी संग बैठक का आग्रह किया

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नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। एयर इंडिया के पायलटों ने नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी से एयर इंडिया प्रबंधन के कथित दोहरी नीतियों वाले दावों और वास्तविक जमीनी हकीकत को साबित करने के लिए एक तत्काल बैठक का आग्रह किया है।

नागरिक उड्डयन मंत्री को शनिवार को लिखे पत्र में दो पायलट संघों- भारतीय वाणिज्यिक पायलट संघ (आईसीपीए) और इंडियन पायलट गिल्ड (आईपीजी) ने कहा, 31 जुलाई, 2020 को राष्ट्रीय टेलीविजन चैनल पर आपके साक्षात्कार से एक बार फिर स्पष्ट है कि एयर इंडिया के शीर्ष प्रबंधन के कुछ अधिकारी हमारे वेतन और वर्तमान बाजार परि²श्य के बारे में भ्रामक अर्धसत्य पर काम कर रहे हैं।

एक विसंगति को दोहराते हुए शनिवार को पायलटों ने कहा कि युक्तिकरण (रेशनलाइजेशन) के नाम पर प्रबंधन ने न केवल निर्धारित भत्तों में 40 प्रतिशत की कटौती की है, बल्कि इसी राशि से उड़ान प्रति घंटा की दर को भी घटाया है।

पायलटों ने कहा, इस मिश्रित कटौती ने हमारी मजदूरी को मौजूदा बाजार मानकों से काफी कम कर दिया है। उड़ान भरने के बाद यह असमानता और भी अधिक बढ़ जाएगी।

पायलटों ने कहा कि वे 60 से 70 प्रतिशत वेतन में कटौती का सामना कर रहे हैं, जबकि एयर इंडिया का वरिष्ठ प्रबंधन पूर्ण भत्तों और विशेषाधिकारों का आनंद ले रहा है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ प्रबंधन के लिए महज दिखावे के लिए 7.5 प्रतिशत की मामूली कटौती की गई है।

पायलटों को हालांकि सरकार पर भरोसा है कि वह उनके साथ अन्याय नहीं होने देगी। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि सरकार अग्रिम पंक्ति (फ्रंटलाइन) वर्कर्स और उनके परिवारों को निराश नहीं करेगी, जो इस महामारी के समय में देश के साथ खड़े रहे, जबकि इस समय दुनिया में कोई अन्य एयरलाइन उड़ानों का संचालन नहीं कर रही थी।

पायलटों ने मंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि हम एक बार फिर से आपसे अनुरोध करते हैं कि आप हमें एयर इंडिया प्रबंधन के दोहरे दावों और एयर इंडिया में वास्तविक जमीनी हकीकत को साबित करने के लिए तुलनात्मक दस्तावेजों के साथ आपको जानकारी देने का अवसर प्रदान करें।

उल्लेखनीय है कि एयर इंडिया के कर्मचारी ग्रेच्युटी एक्ट और पीएफ एक्ट का उल्लंघन करते हुए सेवानिवृत्ति की बकाया राशि और लाभ के वितरण में हो रही देरी पर विरोध जता रहे हैं।

एक दिन पहले ही एयर इंडिया के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक राजीव बंसल को लिखे एक पत्र में एविएशन इंडस्ट्री गिल्ड ने कहा, भविष्य निधि और ग्रेच्युटी जैसी बुनियादी हकदारियां, जो वैधानिक सामाजिक सुरक्षा योजनाएं हैं, जिनमें बिना किसी उचित कारणों के देरी हो रही है। यह ग्रेच्युटी एक्ट व पीएफ एक्ट का उल्लंघन है।

–आईएएनएस