विपक्ष के हंगामे के बावजूद जीएसटी बिल पारित

-तीन बार स्थगित हुई सदन की कार्रवाई
-विधानसभा का मानसून सत्र अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित
जयपुर। राजस्थान विधानसभा के सातवें मानसून सत्र ने इस बार एक साथ कई इतिहास रच दिये। जहां एक ओर ध्वनिमत के साथ जीएसटी बिल पारित कर दिया गया वहीं, मात्र दो दिन में ही सदन की कार्रवाई अनिश्चितकालीन समय तक के लिए स्थगित कर सत्तापक्ष ने सबको चौंका दिया। इसके अलावा शुक्रवार को सदन के दौरान शर्मनाक स्थिति देखने को मिली। सदन में प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष गायों की मौत पर हंगामा कर रहा था तो स्पीकर कैलाश मेघवाल के बुलाने पर मार्शल और उनके साथियों ने 6 विपक्षी विधायकों को टांगा टोली कर बाहर निकाल दिया। यही नहीं, मार्शल की टीम के सदस्यों ने नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी के साथ जमकर धक्का मुक्की की। यह विधानसभा सत्र वैसे तो रुटीन सत्र के रूप में आहूत किया गया था, लेकिन इसमें मुख्य रूप से जीएसटी बिल पारित कराया जाना था। जीएसटी बिल पारित कराने के बाद सत्र को स्थगित भी कर दिया गया। इससे पहले प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के सभी सदस्य गले में पट्टियां डालकर आए और वे हंगामा करने लगे। इस दौरान कांग्रेस के विधायकों के अलावा निर्दलीय हनुमान बेनीवाल वेल में आ गए। वे नारे लगाने लगे, हंगामा करने लगे। सरकारी उपमुख्य सचेतक खड़े होकर कांग्रेस कार्यकाल के दौरान की न्यूजपेपर कटिंग लेकर आए थे और गिनाने लगे कि उनके राज में कितनी गायें मरीं। इस दौरान कांग्रेस के रमेश मीणा विधानसभा के विशेष सचिव की चेयर तक पहुंच गए। इस पर स्पीकर ने उन्हें मना किया तो वे नहीं माने। बार-बार कहने के बावजूद नहीं उतरे तो स्पीकर ने मार्शल को निर्देश दिए। इस पर भी जब कई और सदस्य ऊपर चढ़ गए तो स्पीकर तैश में आ गए और मार्शल टीम को बुलाकर सभी को बाहर निकालने के आदेश दिए। स्पीकर विपक्ष पर जमकर बरसे। उन्होंने ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिस पर किसी को विश्वास नहीं हुआ। सदन के बाहर विपक्ष के नेता रामेश्वर डूडी ने कहा कि स्पीकर ने कई बार कहा कि ये गुंडे हैं, इन्हें बाहर निकालो। इससे पहले सदन में डूडी ने खुद को जबरदस्ती निकाले जाने से रोका तो मार्शलों ने उनके साथ जमकर धक्का-मुक्की की। डूडी ने आरोप लगाया कि मार्शल ने उन्हें मुक्के मारे। वहीं, कांग्रेस के धीरज गुर्जर, शकुंतला रावत, निर्दलीय हनुमान बेनीवाल, मनोज न्यांगली समेत कई सदस्यों को टांगा-टोली कर बाहर निकाल दिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही एक घंटे तक के लिए स्थगित कर दी। घंटेभर बाद सदन की कार्रवाई फिर शुरू हुई तो विपक्ष हिंगोनिया गोशाला व भ्रष्टाचार मामले में चर्चा कराने व सरकार से जवाब दिलाने की मांग को लेकर फिर से नारेबाजी करते हुए वैल में आ गए। विपक्ष के हंगामे के बीच स्पीकर ने जीएसटी पर चर्चा जारी रखी। करीब 15 मिनट तक शोर-शराबा होता रहा तो स्पीकर ने सदन की कार्रवाई फिर एक घंटे तक स्थगित कर दी। तीसरी बार जब सदन की कार्रवाई शुरू हुई तो विपक्ष फिर भी आक्रामक दिखा तो सदन की कार्रवाई 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। करीब सवा दो घंटे तक सदन की कार्रवाई में आए व्यवधान के बाद स्पीकर ने चौथी बार विपक्ष को अनसुना करते हुए जीएसटी पर चर्चा कर मुख्यमंत्री वसुंधराराजे के व्यक्तव्य के बाद ध्वनिमत से बिल पारित करवा दिया।
प्रतिपक्ष ने निकाला मार्च
कांग्रेस विधायकों ने गौशालाओं में गायों की मौतों के विरोध में ज्योति नगर विधायक आवास से लेकर विधानसभा तक मार्च भी किया। प्रदर्शन के दौरान विधायक अपने गलों में सरकार विरोधी नारों की तख्ती टांगे हुए थे। इन्हीं तख्तियों के साथ विधायक सदन में भी गए।