Tuesday, July 14, 2020

अब कमिश्नर व डीएम को मिला आरक्षण श्रेणी की भूमि का पुनर्ग्रहण का अधिकार

Must read

बीकानेर : एयरफोर्स कर्मचारी मृत अवस्था में मिला

@नवरतन सोनी  बीकानेर/नाल। जिले के नाल एयरफोर्स एरिया में मंगलवार को एक सहायककर्मी मृत अवस्था में मिला है। जिसकी सूचना वारंट आफिसर ने पुलिस को...

चीनी विदेश मंत्रालय का नववर्ष 2020 का सत्कार समारोह आयोजित

बीजिंग, 21 जनवरी (आईएएनएस)। चीनी विदेश मंत्रालय का नववर्ष 2020 सत्कार समारोह 20 जनवरी को पेइचिंग में आयोजन हुआ। चीन में स्थित विभिन्न देशों...

खेल-खेल में शुरू हुई बच्चों की लड़ाई में 3 महिलाओं सहित 12 जख्मी

गौतमबुद्ध नगर, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। दादरी कोतवाली इलाके के गांव बील अकबरपुर में बच्चों की खेल खेल में शुरू हुई लड़ाई में जब बड़े...

राजस्थान: आबकारी विभाग के सीआई रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफतार

श्रीगंगाानगर।  जिले के रायसिंहगर उपखंड मुख्यालय पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरों की टीम ने आबकारी विभाग के सीआई सहित तीन जनों को बुधवार को 35...
Vishal Rohiwal
Vishal Rohiwal
विशाल रोहिवाल पिछले दस वर्ष से कंटेट राईटिंग व स्वतंत्र पत्रकार के रुप में काम कर रहें है। वर्तमान में हैलो राजस्थान की वेब टीम में सीनियर कंटेंट एडिटर के रुप में अपनी सेवांए दे रहें है।
- Advertisement -

लखनऊ, 1 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में विकास की परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए प्रदेश सरकार ने ग्राम सभा की आरक्षित श्रेणी की भूमि के पुनग्र्रहण, श्रेणी परिवर्तन व विनिमय की अपनी शक्तियां जिलाधिकारियों व मंडलायुक्तों को हस्तांतरित करने का फैसला किया है।

इससे विकास से जुड़े सरकारी प्रोजेक्ट के लिए जमीन की व्यवस्था में तेजी आएगी।

- Advertisement -

सरकार ने आरक्षित श्रेणी की भूमियों के पुनर्ग्रहण, श्रेणी परिवर्तन और विनिमय के अधिकार मंडलायुक्त और कलेक्टर (डीएम) को देने का फैसला किया है। जिलाधिकारी 40 लाख रुपये मूल्य तक की भूमि का पुनर्ग्रहण कर सकेंगे। वहीं मंडलायुक्त को 40 लाख रुपये से अधिक मूल्य की भूमि के पुनर्ग्रहण का अधिकार होगा। अभी तक यह अधिकार शासन में निहित थे।

राजस्व विभाग के इस प्रस्ताव को बाई सकरुलेशन में मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले से एक्सप्रेसवे, डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के निर्माण तथा राजकीय मेडिकल कॉलेजों और महाविद्यालयों की स्थापना के लिए भूमि शीघ्रता से उपलब्ध कराई जा सकेगी।

अब सेवारत विभागों के लिए यदि सुरक्षित श्रेणी के चारागाह, कब्रिस्तान, खलिहान, चकरोड़, तालाब व आबादी स्थल के पुनर्ग्रहण की भी जरूरत होगी तो यह कार्रवाई भी जिलाधिकारी करेंगे। सरकार ने अपना यह अधिकार भी डीएम को हस्तांतरित कर दिया है।

सरकारी परियोजनाओं के लिए अधिगृहीत की गई भूमि के बीच में आरक्षित श्रेणी की कोई जमीन आ जाती है। इससे परियोजना में रुकावट आती है। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए सरकार को ऐसी जमीन की श्रेणी बदलनी पड़ती है और उसका पुनर्ग्रहण करना पड़ता है। बदले में उसी प्रयोजन के लिए उतनी ही जमीन अन्य स्थान पर उपलब्ध करानी पड़ती है। जमीन के पुनर्ग्रहण, श्रेणी परिवर्तन और विनिमय की शक्ति शासन के पास होने की वजह से ऐसे प्रस्ताव शासन को भेजे जाते थे।

- Advertisement -

इससे परियोजनाओं में विलंब होता था। इसलिए शासन ने अब यह अधिकार मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को दे दिए हैं। आरक्षित श्रेणी की भूमि के तहत खलिहान, चरागाह, खाद के गड्ढे, कब्रिस्तान या श्मशान, तालाब की जमीन और नदी के तल में स्थित भूमि आदि आती हैं।

–आईएएनएस

- Advertisement -

Latest article

सलमान खान ने किसान समर्थित पोस्ट साझा किया

मुंबई, 14 जुलाई (आईएएनएस)। सुपरस्टार सलमान खान ने मंगलवार को सभी किसानों के प्रति सम्मान जाहिर किया। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर...

बिहार में कोरोना के 1 दिन में 1,432 नए मामले, कुल संख्या 18,853 हुई

पटना, 14 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार में मंगलवार को पहली बार एक दिन में कोरोना के सबसे अधिक 1,432 नए मरीज मिले, जिससे कुल संक्रमितों...

ऑनलाइन शिक्षा के लिए प्रज्ञाता दिशा-निर्देश जारी

नई दिल्ली, 14 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को यहां ऑनलाइन माध्यम से डिजिटल शिक्षा पर प्रज्ञाता(पीआरएजीवाईएटीए)...

बिहार कांग्रेस ने शुरू की चुनावी तैयारी, सभी जिलों में पर्यवेक्षक मनोनीत

पटना, 14 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार में इस साल के अंत में होने वाले संभावित विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने तैयारी शुरू कर...

विद्युत, टोनी ने की हनुमान, गणेश और मार्शल आर्ट पर चर्चा

मुंबई, 14 जुलाई (आईएएनएस)। बॉलीवुड के एक्शन हीरो विद्युत जामवाल और थाईलैंड के मार्शल आर्ट सुपरस्टार टोनी जा ने एक वीडियो चैट पर इस...