नेता प्रतिपक्ष ने सीबीआई जांच के लिए पीएम को लिखा पत्र

जयपुर। राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर बीकानेर के नोखा में हुए डेल्टा मेघवाल दुष्कर्म व हत्या के मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। डूडी ने डेल्टा मेघवाल हत्याकांड से जुड़े सभी तथ्य प्रधानमंत्री को भेजते हुए कहा है कि चूंकि प्रदेष की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया से लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी तक सभी आरोपियों को बचाने में लगे हैं। इसलिए प्रधानमंत्री को दलित वर्ग के एक पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच करानी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने सोमवार को अपने सरकारी निवास पर डेल्टा मेघवाल प्रकरण में पत्रकार वार्ता आयोजित कर कहा कि यह मामला उनके निर्वाचन क्षेत्र नोखा का है और वहां जिस तरह पुलिस आरोपियों को बचा रही है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री कटारिया और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष परनामी के दबाव में पुलिस निष्पक्ष जांच नहींे कर रही है। एक आरोपी ईश्वरचंद बैद चूंकि आरएसएस कार्यकर्ता है और भाजपा को आर्थिक सहयोग करता है। इसलिए उसे बचाने के लिए पूरी राज्य सरकार आरोपियों के पक्ष में खड़ी है। इसलिए कांग्रेस मानवीय आधार पर एक दलित व पीड़ित पिता की मदद कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने मांग की है कि गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी के 28 मार्च की रात से आज 18 अप्रैल तक के मोबाइल व दूरभाष की कॉल डिटेल्स राज्य सरकार को सार्वजनिक करनी चाहिए। जिससे यह खुलासा हो कि इन दोनों से इस अवधि में नोखा के किन-किन लोगों ने फोन पर बातचीत की और कटारिया व परनामी ने इस दौरान बीकानेर के किस-किस वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से बातचीत की।
रामेश्वर डूडी ने कहा कि प्रदेश के गृहमंत्री और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के दबाव में मृतका डेल्टा मेघवाल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ’’ रि-ओपिनियन ’’ कराया गया। जबकि पूर्व में मेडिकल बोर्ड ने यह माना था कि डेल्टा मेघवाल की मौत पानी के कुंड में डूबने से नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जैन आदर्ष शिक्षक-प्रशिक्षण संस्थान के प्रबंधक ईश्वरचंद बैद को आजाद छोड़ रखा है और वह कॉलेज व हॉस्टल में सबूत नष्ट करने में लगा है। यदि यह मामला तत्काल सीबीआई को नहीं सौंपा गया तो आरोपी इस संगीन मामले के साक्ष्य नष्ट कर सकते हैं। डूडी ने कहा कि जिस कॉलेज परिसर में डेल्टा मेघवाल के साथ दुष्कर्म हुआ और इसके साक्ष्य मिटाने के लिए इसकी हत्या की गई। उसे तत्काल सीज किया जाना चाहिए था। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जिस पानी के कुंड में डेल्टा मेघवाल की आत्महत्या करने का दावा पुलिस कर रही है, उसकी बनावट ऐसी नहीं है कि उसमें खुदकुशी की जा सके। हकीकत यह है कि डेल्टा की हत्या कर उसकी लाश कुंड में डाली गई है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पुलिस का रवैया शुरू से इस प्रकरण में लापरवाही भरा रहा है। मृतका की लाश को मृत पशु ढ़ोने वाले वाहन में अस्पताल तक लाया गया इससे अधिक लापरवाही और अमानवीयता और क्या हो सकती है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र में नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की भूमिका इस प्रकरण में सही नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि यदि डेल्टा के परिजन चाहेंगे तो वे सीबीआई जांच करा देंगी, लेकिन डेल्टा मेघवाल के पिता तो कई बार सीबीआई जांच की मांग कर चुके हैं। डेल्टा के पिता ने अप्रैल के पहले सप्ताह में जयपुर में सामाजिक संगठनों के साथ पत्रकार वार्ता में भी सीबीआई जांच की मांग की थी और 16 अप्रैल को बीकानेर में पत्रकार वार्ता कर फिर सीबीआई जांच की मांग की है। डूडी ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उल्लेखित किया है कि मृतका का पिता राज्य सरकार के रवैये से आतंकित है क्योंकि राज्य सरकार एक दलित व शोषित परिवार की पैरवी की बजाय आरोपियों को प्रश्रय दे रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 4 अप्रैल को जयपुर में विधानसभा में बाड़मेर से प्रमुख लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से डेल्टा हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर मिलने आया था। इस प्रतिनिधिमंडल में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों सहित दलित समाज के प्रमुख लोग शामिल थे। इस प्रतिनिधिमंडल से मुख्यमंत्री से ठीक तरीके से बात भी नहीं की और मृतका डेल्टा को लेकर अनर्गल टिप्पणियां की।
रामेश्वर डूडी ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह रवैया अमानवीय था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 और 2014 में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने डेल्टा मेघवाल के बनाये ’ ऊंट ’ के चित्र की बहुत सराहना करते हुए उसे पत्र लिखे थे। डेल्टा का बनाया यह चित्र मुख्यमंत्री सचिवालय में भी लगाया गया था। लेकिन मुख्यमंत्री अब इसी मेधावी छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या के संगीन मामले में मानवीय धर्म और संवेदना तक भूल रही हैं।