मुख्यमंत्री ने बाड़मेर, जैसलमेर एवं जोधपुर जाकर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

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मुख्यमंत्री ने बाड़मेर, जैसलमेर एवं जोधपुर जाकर शहीदों को दी श्रद्धांजलि 1जयपुर। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने सोमवार को बाड़मेर जिले के शहर गांव, जैसलमेर के लोंगासर गांव (भोपाल सिंह की ढाणी) एवं जोधपुर जिले की शेरगढ़ तहसील के खिरजाखास गांव में जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके परिजनों को सांत्वना देते हुए पूरी मदद देने का विश्वास दिलाया। मुख्यमंत्री ने बाड़मेर जिले के शहर गांव जाकर जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए प्रेमसिंह की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने शहीद के पिता कुम्भाराम, माता पेम्पोदेवी, पत्नी रैना एवं परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि शहीद प्रेमसिंह ने अपने गांव का ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है और उन पर पूरे देश को गर्व है। उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर शहीद प्रेमसिंह के स्मारक के लिए जमीन उपलब्ध कराने के संबंध में जिला कलक्टर सुधीर शर्मा को कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इस दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री सुरेन्द्र गोयल, सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी, विधायक कैलाश चौधरी,हमीरसिंह भायल, यूआईटी चैयरमैन डॉ. प्रियंका चौधरी सहित अन्य जन प्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। श्रीमती राजे ने जैसलमेर जिले की भणियाणा तहसील के लोंगासर गांव (भोपालसिंह की ढाणी) जाकर शहीद नरपत सिंह को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीद के वृद्ध एवं अस्वस्थ पिता सवाई सिंह से कुशलक्षेम पूछी और उन्हें सम्बल देते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में हम सब आपके साथ हैं। उन्होंने शहीद की माता उदय कंवर, पत्नी भंवर कंवर व परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि शहीद की माता धन्य हैं, जिनकी कोख से देश के लिए शहादत देने वाले नरपतसिंह जैसे सपूत पैदा हुए।  मुख्यमंत्री ने जब शहीद के आठ वर्षीय पुत्र फूलसिंह से पूछा कि वह बड़ा होकर क्या बनेगा तो उसने कहा कि मैं भी सेना में भर्ती होकर अपने देश की रक्षा करूंगा। इस पर मुख्यमंत्री ने शहीद की पत्नी से कहा कि वह अपने पुत्र एवं पुत्रियों को अच्छी शिक्षा दिलाएं और उनकी अच्छी परवरिश करें। विधायक शैतान सिंह राठौड़ ने कहा कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजमथाई में शहीद नरपत सिंह का स्मारक बनाया जा रहा है। जिस पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय विधायकों एवं ग्रामीणों से कहा कि वे शहीद स्मारक के लिए सहयोग करें। जिला कलेक्टर मातादीन शर्मा ने बताया कि शहीद की धर्मपत्नी को सहायता के रूप में 20 लाख रूपये का चैक प्रदान कर दिया गया है। नियमानुसार अन्य सहायता पैकेज के लिए भी आवेदन ले लिया गया है। इस दौरान जैसलमेर जिले के प्रभारी मंत्री अमराराम चौधरी, राज्य बीज निगम के अध्यक्ष  शम्भूसिंह खेतासर, विधायक छोटूसिंह भाटी, नगर विकास न्यास जैसलमेर के अध्यक्ष डॉ. जितेन्द्रसिंह, नगर परिषद् जैसलमेर की अध्यक्ष  कविता खत्री के साथ ही अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। श्रीमती राजे जोधपुर जिले की शेरगढ़ तहसील के खिरजाखास गांव में शहीद प्रभूसिंह के पैतृक निवास पर गई तथा शहीद सपूत की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद उनके पिता चन्द्रसिंह, माता राजू कंवर, भाइयों एवं परिजनों को ढाढस बंधाया। शहीद की पत्नी श्रीमती ओम कंवर अस्वस्थ हैं। उन्होंने परिजनों से कहा कि शहीद प्रभूसिंह के परिवार के और भी कई सदस्य फौज में हैं तथा पूर्व में भी इनकी पीढ़ियां फौज में रही हैं। देश के लिए जो भी शहीद हुआ है वह बहादुरी से गया है और इन्हीं लोगों के बल पर हमारा कल है। मुख्यमंत्री के साथ राजस्थान राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री शंभूसिंह खेतासर, विधि राज्य मंत्री अर्जुनलाल गर्ग, राजसीको के अध्यक्ष मेघराज लोहिया, विधायक बाबूसिंह राठौड़ व  पब्बाराम विश्नोई सहित प्रधान, सरपंच व अन्य जनप्रतिनिधगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने शहीद प्रभूसिंह के घर डॉ. लक्ष्मणसिंह गढ़ा की लिखी पुस्तक ’शहीद प्रभूसिंह देश भक्ति की मिसाल’ की स्वहस्ताक्षरित प्रति शहीद के पिता को प्रदान की।  

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