‘राजस्थान टूरिज्म की आक्रामक तरीके से की जाएगी मार्केटिंग‘ – मुख्यमंत्री,

जयपुर।राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने आज कहा कि ‘राजस्थान टूरिज्म प्रोडक्ट‘ की विश्व भर में आक्रामक तरीके से मार्केटिंग की जाएगी। वे जयपुर के होटल द ललित में ग्रेट इंडियन ट्रेवल बाजार (जीआईटीबी) के 8वें संस्करण के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रही थीं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विदेशी टूर ऑपरेटर्स, ट्रेवल एजेंट एवं टूरिज्म प्रोडक्ट के भारतीय विक्रेता उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने व्यापार और उद्योग जगत के सदस्यों से भारत एवं विदेश भर में ‘राजस्थान पर्यटन‘ की उपलब्धियां बताने की अपील की। इस संदर्भ में उन्होंने बताया कि राज्य द्वारा एक मल्टी मॉडल एवं बहुभाषीय पर्यटन अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य राजस्थान में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी करना है। नये सर्किट तथा नये आयोजन पर्यटकों के अनुभव में नये मूल्य जोड़ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि तीर्थस्थान घरेलू पर्यटन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। पर्यटन सुविधाओं, साफ-सफाई एवं कनेक्टिविटी के सम्बंध में ‘टेम्पल सर्किटस‘ में और अधिक सुधार किया जा रहा है।

यह अंतरराष्ट्रीय मार्ट राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और फैडरेषन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (एच.आर.ए.आर.), इंडियन हेरिटेज होटल्स एसोसिएशन (आई.एच.एच.ए.) और राजस्थान एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (आर.ए.टी.ओ.) जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और क्षेत्रीय एसोसिएषन का सहयोग प्राप्त है।

मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि ‘पर्यटन इकाई नीति-2015‘ बेहद अच्छी नीति साबित हुई है। उन्होंने कहा कि रिसर्जेंट राजस्थान पार्टनरषिप समिट के दौरान एवं इसके पष्चात् पर्यटन विभाग द्वारा नई पर्यटन इकाइयों की स्थापना के लिए 10,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य के 220 एमओयू किए गये हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रोजेक्टस् के धरातल पर आने पर इनके जरिए 40,000 लोगों को रोजगार मिल सकेगा।

उद्घाटन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने नॉलेज पेपर ‘इंडियन इनबाउंड –  टैपिंग द पावर पैक्ड ग्रोथ इंजन‘ का विमोचन भी किया। यह फिक्की और एमआरएसएस द्वारा तैयार किया गया है। अपने की-नोट एड्रेस में भारत सरकार के पर्यटन सचिव विनोद जुत्शी ने कहा कि  भारत में वर्ष 2015 में घरेलू पर्यटन के क्षेत्र में 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और सरकार का उद्देष्य वर्ष 2018 तक इसमें 15 प्रतिशत की वृद्धि हासिल करना है। उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय मंत्रालय द्वारा राजस्थान में अनेक स्कीम्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसमें 65 करोड़ रुपये का डेजर्ट सर्किट और 40 करोड़ रुपये की अजमेर-पुष्कर परियोजना शामिल है। राज्य को स्पिरिचुअल टूरिज्म का भी लाभ मिलेगा। इसी प्रकार भारत भर में बौद्ध धर्म, रामायण और कृष्ण पर आधारित थिमेटिक सर्किट बनाए जाएंगे।

फिक्की की पूर्व प्रेसिडेंट एवं फिक्की पर्यटन समिति की चेयरपर्सन, डॉ ज्योत्सना सूरी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि भारत में विदेशी पर्यटकों के आगमन में गत वर्ष 4.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और विदेशी मुद्रा आय में 2.3 प्रतिषत की बढ़ोतरी हुई है। यह वृद्धि दर्षाती है कि इनबाउंड डेस्टिनेषन के रूप में भारत आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जीआईटीबी में बायर्स और सैलर्स द्वारा प्रदषर््िात रूझान की सराहना की, जिसके फलस्वरूप जीआईटीबी देष में अग्रणीय इनबाउंड टूरिज्म मार्ट के रूप उभरा है।

उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए राजस्थान सरकार के प्रमुख शासन सचिव (पर्यटन)  शैलेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा अगस्त माह तक जीआईटीबी की तरह घरेलू बायर्स, सैलर्स और टूर ऑपरेटरर्स के लिए एक डोमेस्टिक ट्रेवल मार्ट आयोजित करने की योजना है।

उल्लेखनीय है कि कल, 18 अप्रैल को सुबह सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कनवेंशन सेंटर (जेईसीसी) में भारत सरकार के पर्यटन सचिव विनोद जुत्शी और फिक्की पर्यटन समिति की चेयरपर्सन, डॉ ज्योत्सना सूरी द्वारा एग्जीबिशन का उद्घाटन किया जाएगा। फिक्की पर्यटन समिति के को-चेयरमेन दीपक देवा ने धन्यवाद भाषण दिया।