Top

कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल की माता का हुआ निधन, कांग्रेस नेताओं ने जताया शोक

कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल की माता का हुआ निधन, कांग्रेस नेताओं ने जताया शोक

नई दिल्ली। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी( All India Congress Committee) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल की माता का मंगलवार को निधन हो गया। इसकी जानकारी उन्होंने खुद अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट के जरिए दी।

उन्होंने कहा कि आज मेरे जीवन की सबसे बड़ी क्षति हुई है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि मेरे सभी शुभचिंतकों की संवेदना हमारे परिवार के साथ है, कोरोना महामारी के चलते सभी से प्रार्थना है कि वो साक्षात न पधारें। बिहार कांग्रेस प्रभारी की माता के निधन की खबर सुनते ही सभी नेताओं ने शोक जताना शुरू कर दिया।

बिहार युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ललन कुमार ने कहा कि दुख की इस घड़ी में हमारी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। ईश्वर उनकी माता की आत्मा को शांति दे और उन्हें दुख सहने की शक्ति दे।

केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा ‘‘वोकल फॉर लोकल” का नारा निर्णायक साबित होगा

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, ललन कुमार के अलावा बिहार विधान परिषद के पूर्व उप नेता विजय शंकर मिश्रा, पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन प्रभारी बृजेश पांडेय, प्रवक्ता आजमी बारी, सचिव सुजीत कुमार सिन्हा उर्फ दीपू, पटना महानगर के पूर्व अध्यक्ष शाकिर अली, पटना जिला कांग्रेस के अध्यक्ष राजकुमार राजन, बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष गुंजन पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष दौलत इमाम, बिहार महिला कांग्रेस की पूर्व उपाध्यक्ष मंजूबाला पाठक, रानी पासवान सहित सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शोक व्यक्त किया है।

लॉकडाउन में बेरोजगार हुए लोगों को मिले पूरा वेतन: युवा कांग्रेस

विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह ने बिहार कांग्रेस के एआईसीसी प्रभारी शक्तिसिंह गोहिल की माता जी के निधन पर दुख एवं गहरी शोक संवेदनाएँ व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि गोहिल जी की माँ एक धर्म परायण महिला थीं। माँ, माँ होती है जो अपने औलाद से बिना कुछ अपेक्षा रखे हमेशा कुछ न कुछ देती ही रहती है। माँ के रिक्त स्थान को कोई पूरा नहीं कर सकता है।

ईश्वर उनकी आत्मा को चिर शांति प्रदान करें एवं उनके शोकाकुल परिवार को इस दारूण दुख की घडी में धैर्य धारण करने की शक्ति दें।

बीकानेर : छब्बीस साल बाद किसानों को फिर पढ़ सकेंगे ‘मरु कृषक’

www.hellorajasthan.com की ख़बरें फेसबुक, ट्वीटर और सोशल मीडिया पर पाने के लिए हमें Follow करें.

Next Story
Share it