Top

राजस्थान : कोरोना में मसीहा बने करौली विधायक लाखनसिंह, निजी खर्चे से बांटी राशन सामग्री

राजस्थान : कोरोना में मसीहा बने करौली विधायक लाखनसिंह, निजी खर्चे से बांटी राशन सामग्री

- कोरोनाकाल में 10 लाख रुपये का 500 क्विंटल आटा, जरूरतमंद गरीब परिवारों में बांटा

- कोविड़-19 वायरस से बचाव के लिए गांवों में जन जागरुकता रथ भेजा, सीएम रिलीफ फंड सहित कलेक्टर राहत कोष में मास्क व सैनेटाइजर खरीद के लिए विधायक कोष से अलग 10 लाख की राशि दी

@सुखदेव सिंह डागुर

करौली(karauli news)। कोरोनाकाल (Corona Virus) में करौली विधायक लाखनसिंह (MLA Lakhan Singh) ने निजी खर्चे पर 10 लाख रुपए का 500 क्विंटल आटा क्षेत्र के साढ़े चार हजार जरूरतमंद गरीब परिवारों को घर-घर पहुंचाकर पॉलिटिक्स पटल पर जनसेवा की अनूठी लकीर खींचते हुए प्रेरणास्पद नजीर भी पेश की है। दरअसल, लॉकडाउन के दौरान ग्राम पंचायतों में विधायक (MLA) ने जनसुनवाई के दौरान एनएफएसए योजना से वंचित कई निराश्रित, असहाय व जरूरतमंद परिवाराें की परेशानी की पीड़ा आंखों देखी तो खुद की जेब से दस लाख रुपये खर्च कर 10 किलोग्राम पैकिंग के 5 हजार आटा बैग (कट्‌टा) निशुल्क वितरित कराने का संकल्प ले लिया। हालांकि, इन पांच हजार आटे के कट्‌टों के वितरण में निजी वर्कर्स की टीम के अलावा पंचायत स्तर पर गठित कोर ग्रुप की भी मदद ली गई। इस सेवाभाव के लिए गरीबों की दुआ के साथ उनको खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने प्रशंसनीय कार्य के लिए बधाई दी।

राजगढ़ पुलिस थानाधिकारी विष्णुदत बिश्नेाई मामले की होगी सीबीआई जांच

अक्सर राजनेताओं के प्रति "मुफ्त का चंदन,घिस मेरे नंदन' वाली छवि आमजन के जहन में रहती है, मगर इस कोरोना संकटकाल में करौली विधायक लाखनसिंह ने संकटमोचक के रूप में आमजन की पीड़ा निवारण का प्रयास किया। इतना ही नहीं, लॉकडाउन में नेता,अधिकारी व लोग सब होम आइसोलेशन में थे, वहीं इन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग के साथ प्रशासनिक अधिकारियों को साथ लेकर गांवों में जनसुनवाई की। जहां बिजली,पानी, चिकित्सा जैसी प्रमुख समस्याओं का मौके पर ही निराकरण भी कराया। कोरोना से बचाव के लिए खास डीवीडी के साथ जन जागरुकता रथ भेजा। वहीं विधायक कोष से 9 लाख रुपए सीएम रिलीफ फंड में तथा चिकित्सा सेवा सहायतार्थ मास्क,सैनेटाइजर खरीद के लिए एक लाख रुपये अलग से कलेक्टर कोविड़ फंड में दिए।

बीकानेर : छब्बीस साल बाद किसानों को फिर पढ़ सकेंगे ‘मरु कृषक’

कोविड़-19 अंतर्गत 70 दिनों में ज्यादात विधायक लाखनसिंह करौली निवास व विस क्षेत्र में दौरे पर रहे। संकटकाल से निजात पाने व आमजन की परेशानी को दूर कराने के लिए प्रशासनिक समंवय के साथ खाद्यान्न वितरण सहायता की धरातलीय निगरानी के लिए खुद ने मॉनिटरिंग भी की। इस सेवाभाव के लिए कई संगठनों ने उनको कोरोना योद्धा के रूप में सेल्यूट किया है।

आटा वितरण में पारदर्शिता का रखा ध्यान

विधायक लाखनसिंह ने कोरोना से बचाव एवं शासन व प्रशासनिक स्तर पर सहायता के बारे में आमजन को अधिकाधिक जानकारी के लिए जागरुकता पर बल दिया। पारदर्शिता के लिए पहले खुद ने गांवों में दौरा कर गरीब,निराश्रित,असहाय व जरूरतमंद परिवारों का चिह्नीकरण किया,फिर निजी खर्च पर दो हजार रुपये प्रति क्विंटल की रेट पर 5 हजार आटे के कट्‌टे खरीदकर गरीबों में बंटवाए। साथ ही अत्यंत निर्धन परिवारों को सूखी रसद सामग्री की किट भी मुहैया कराईं। यही वजह है कि 20 मई को जन जागरुकता रथ के साथ ही उन्होंने कलेक्ट्रेट से निशुल्क खाद्यान वितरण की गाडी को कलेक्टर व एसपी की मौजूदगी में हरी झंडी दिखाकर गांवों के लिए रवाना किया। ताकि, लोगों को आटा वितरण का पता लग सके और संकट की घडी में अधिकाधिक गरीब लोग लाभांवित हो सकें। करौली निवास के पास गोदाम से गाडियों में भरकर शहरी वार्डों व गांवों में निशुल्क आटा पहुंचवाया।

राजस्थान: 1 जून से उपज रहन ऋण योजना,3 प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा रहन ऋण

पंचायतवार लाभांवित जरूरतंद परिवार

ब्लॉक करौली की 16 ग्राम पंचायतों में 547, मासलपुर की 17 में 367, हिंडौन क्षेत्र की 9 में 349, तथा बेघर,गाडिया लुहारों के 104 परिवारों के साथ करौली शहर के 40 वार्डों में 2189 गरीब परिवारों को विधायक की ओर से निशुल्क आटा वितरण किया। वहीं कई परिवारों की सदस्य संख्या ज्यादा होने पर डबल तो कईयों को गोदाम से सीधा राशन बांटा गया। विधायक के निजी सचिव रामेश्वर मीना के अनुसार ग्राम पंचायत मांची 46, गुडला 54, रौंडकला 32, बझेडा 21, भंगो 28, खरैटा 25, मोठियापुरा 38, कोटरी 28, पालनपुर 68, गांवड़ा मीना 16, टोडूपुरा 14, कटकड 124, गुनसार 30, खेडा 25, कांचरौली 56, शेरपुर 19, चिनायटा 6, जगर 59, गुनेसरा 58, सायपुर 18,रामपुर धावाई 36, बरखेडा 14, रघुवंशी 49, परीता 15,तुलसीपुरा 10, सौरया 61, ससेडी 28, खूबनगर 34, हरनगर 47, सैंगरपुरा 21,कोंडर 24, पिपरानी 17, जमूरा 9, मासलपुर 22, रूंधकापुरा 30, सीलौती 27,कंचनपुर 14, डुकावली 15, खूंडा 13, डांडा 10, खेडिया 20, नारायणा 20, चैनपुर गाधौली 52,गुवरेंडा 33, भावली 16,फतेहपुर 6, रतियापुरा 29, कोटा छाबर 31 परिवारों को आटा बैग बांटे गए।

किसानों के लिए खुशखबरी ! देशभर में 31 जुलाई से पहले रजिस्ट्रेशन कराने वालों को इस स्कीम का मिलेगा लाभ

कोई भूखा नहीं रहे

कोरोना संकटकाल में कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहे, इसी मंशा से सरकार व जिला प्रशासन ने काम किया। फिर भी, जरूरतमंद गरीबों की पीड़ा को देख मैंने भी निजी खर्चे से पांच हजार आटे के कट्‌टे शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में बंटवाए, ये मेरा फर्ज था। गंभीर नदी में पांचना का पानी छुडवाया, परिंडे लगाए, प्रवासी श्रमिकों की घर वापिसी व मदद के प्रयास किए तथा गांवों में पेयजल,बिजली,सड़क व चिकित्सा जैसी समस्याओं का निराकरण भी कराया। शहर में फल-सब्जी ठेला वालों की हडताल समाप्त कराकर कोरोना को हराने के लिए सबको साथ खडा किया,तभी कोविड जंग जीतना संभव है।

-लाखनसिंह, विधायक, करौली।

चुरु: कांग्रेस विधायक से परेशान राजगढ़ पुलिसथाना के समस्त स्टाफ ने मांगा स्वैच्छिक ट्रांसफर

www.hellorajasthan.com की ख़बरें फेसबुक, ट्वीटर और सोशल मीडिया पर पाने के लिए हमें Follow करें.

Next Story
Share it