बीकानेर : बिजली और पानी की आपूर्ति हो सुनिश्चित- मेहता

Bikaner: Ensure supply of electricity and water- DM Mehta

बीकानेर(Bikaner News)। जिला कलक्टर (Collector) नमित मेहता  (Namit Mehta) ने कहा कि पानी और बिजली की उपलब्धता शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में व्यवस्थित रूप से होती रहे , इसमें किसी तरह की कोताही किसी भी स्तर पर नहीं होनी चाहिए। अगर कहीं भी पानी या बिजली का अवैध कनेक्शन हो रखा है तो उसे चिन्हित कर तत्काल हटाया जाए। सभी उपखंड अधिकारी अपने अपने क्षेत्र में भ्रमण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि पीने का पानी (Water) अंतिम उपभोक्ता तक सुगमता से पहुंचे ।

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उन्होंने इंदिरा गांधी नहर परियोजना (Indira Gandhi Canal) के अधीक्षण अभियंता से कहा कि पीने का पानी और सिंचाई के पानी का सिस्टम बेहतर तरीके से संभाले। पानी की आपूर्ति की गंभीरता  को समझे, इंदिरा गांधी नहर परियोजना के माध्यम से विशेषकर लूणकरणसर क्षेत्र के अभियंताओं द्वारा पानी की आपूर्ति में किसी भी स्तर पर ढिलाई बरती गई तो उनके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

मेहता गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के राजस्व अधिकारियों सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग तथा इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अभियंता आपस में समन्वय रखते हुए सिंचाई के पानी के साथ साथ पीने के पानी की आपूर्ति भी सुनिश्चित करेंगे। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सभी रिजर्ववायर तथा अन्य संसाधन में उचित मात्रा में पानी रहे यह सुनिश्चित कर लिया जाए।

Hello Rajasthanउन्होंने जलदाय विभाग के अभियंता से कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में पानी की आपूर्ति के जो सिस्टम है उन सब की साफ सफाई विशेषकर जीएलआर की सफाई बेहतर तरीके से हो और सफाई की दिनांक अंकित की जाए जिस दिन सफाई होती है।

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जिला कलक्टर ने कहा कि राजस्व अधिकारी ग्रामीण क्षेत्र में भूमि रूपान्तरण के बकाया मामलों का निर्धारित समयावधि में निस्तारण सुनिश्चित करें। साथ ही न्यायालयों के निर्णयों की पालना में इजराय प्रकरणों के मासिक मानचित्र में वास्तविक स्थिति दर्शाते हुए लम्बित प्रकरणों को भी शीघ्रता से निस्तारण किया जावे।

उन्होंने जिले में राजकीय भूमि पर हुए अतिक्रमण  मामलों की समीक्षा की और निर्देश दिए कि अतिक्रमण के मामले में धारा 91 एलआर एक्ट व 22 उपनिवेशन के स्थगन से प्रभावित प्रकरणों में संबंधित न्यायालयों में प्रभावी पैरवी कर स्थगन खारिज करवाया जाए।

जिला कलक्टर ने धारा 90 -ए की समीक्षा करते हुए कहा कि तहसीलदार निरीक्षण करें तथा अवैध निर्माण पाये जाने पर कार्यवाही की जाए। सीलिंग प्रकरणों में नजदीक तारीख देकर उनका शीघ्र निस्तारण करें। खाता विभाजन के मामले में खातेदारों की सहमति पर संयुक्त खातों की भूमि के बंटवारे के लिए प्रत्येक पटवारी को खाता विभाजन का लक्ष्य आवंटित करें। तहसीलदार इसकी माॅनिटरिंग करें। उन्होंने राजस्व अधिकारियों से कहा कि रोड़ा एक्ट के प्रकरणों को नियमित रूप से पेशी में लेकर सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए त्वरित निस्तारण करें।

जिला कलक्टर ने कहा कि सीमाज्ञान के सभी प्रकरणों का भी समयबद्ध निस्तारण हो ताकि कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिले सके। मुख्यमंत्री जनसुनवाई में भी इस सम्बंध में प्रकरण पहुंचते है, अतः इन्हें प्राथमिकता से देखें। उन्होंने कहा कि यदि कोई रास्ता देने की मांग करते हैं तो मौके पर जाकर प्रकरण को देखें, परम्परागत रास्ते खुलवाएं और नियमानुसार इन्हें अंकित कर दिया जाए ताकि विवाद नहीं हो।

पंचायत भवन के लिए भूमि का आबटन करे
जिला कलक्टर नमित मेहता ने कहा की जिले में पंचायत समितियों  में कुछ नई पंचायतों का भी गठन हुआ है, इन सभी पंचायतों में सभी राजकीय कार्य होने लगे इसके लिए नई बनी पंचायतों के भवन बन जाए। इसके लिए सभी उपखंड अधिकारी अपने अपने क्षेत्र के विकास अधिकारी से प्रस्ताव लेकर सभी नई बनी ग्राम पंचायतों को 15 अगस्त तक भूमि का आवंटन कर दें। साथ ही यह भी देखें कि अगर क्षेत्र में कोई सरकारी आवास खाली हो तो सरकारी आवास ही नई ग्राम पंचायत को आवंटित कर दिया जाए।

सभी उपखंड अधिकारी 10 से 15 मनरेगा कार्यों का करें निरीक्षण
जिला कलक्टर मेहता ने कहा कि सभी उपखंड अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में चल रहे मनरेगा कार्यों का प्रतिमाह कम से कम 10 से 15 कार्यों का निरीक्षण करेंगे। उपखंड क्षेत्र में चल रहे कार्यों की संपूर्ण सूची जिला परिषद द्वारा उपखंड अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान इस बात की सुनिश्चितता होनी चाहिये कि मनरेगा में श्रमिकों का नियोजन करने के उद्देश्य से कार्य प्रारंभ किया गया है। ऐसा ना हो कि किसी कार्यकारी एजेंसी द्वारा कार्य मशीनों के माध्यम से हो जाए और जरूरतमंद व्यक्ति को रोजगार ही नहीं मिले। साथ ही कार्यस्थल पर मनरेगा श्रमिकों के लिए छाया, पानी आदि की व्यवस्था को भी देखें।

बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) ए. एच. गौरी, जिला कलक्टर (शहर) सुनीता चैधरी सहित सभी उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, पानी, बिजली, चिकित्सा, इंदिरा गांधी नहर परियोजना व कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।