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बाड़मेर में निर्माणाधीन अंडरग्राउंड वाटर टैंक ढह जाने से 3 मनरेगा मजदूरों की मौत

बाड़मेर में निर्माणाधीन अंडरग्राउंड वाटर टैंक ढह जाने से 3 मनरेगा मजदूरों की मौत

बाड़मेर। बाड़मेर जिले की पंचायत समिति गिड़ा की ग्राम पंचायत खारड़ा भारत सिंह के दर्जियों की ढाणी में (Barmer MNrega workers death) मनरेगा में निर्माणाधीन भूमिगत टंकी के ढहने से 3 मनरेगा मजदूरों की मलबे में दबने से दर्दनाक मौत हो गई। मिट्टी में दबे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए कई घंटों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, जिसके बाद मजदूरों को बाहर निकाला गया। पुलिस ने तीनों श्रमिकों (MNrega workers)के शवों को बायतु के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।

पुलिस से मिली जानकारी अनुसार खारड़ा भारत सिंह के दर्जियों की ढाणी में मनरेगा के तहत पानी के टांके (भूमिगत टंकी) का निर्माण कार्य चल रहा था तो दोपहर बाद अचानक यह निर्माणाधीन टांका ढह गया। जिसमें 3 श्रमिक दलाराम (35)पुत्र चंपालाल दर्जी निवासी खारड़ा चारणान, पेमाराम (60) पुत्र शंकरलाल सोनी निवासी खारड़ा चारणान व अचलदान(35) पुत्र रूपदान बारहठ मिट्टी के नीचे दब गए। इसका निर्माण करीब 20 फीट की गहराई तक किया जा चुका था। 20 फीट नीचे फर्मा ढहने से यह हादसा हुआ। हादसे के बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में ग्रामीण वंहा पर एकत्रित हो गए।

इस घटना की जानकारी मिलते ही गिड़ा उपखंड अधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक और तहसीलदार पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य शुरू करवाया।

प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस ने जेसीबी और ट्रैक्टरों की मदद से टांके में दबे श्रमिकों को निकालने का कार्य शुरू किया गया। पांच घंटों से अधिक समय तक चले राहत एंव बचाव कार्य में देर रात तीनों मजदूरों को मिट्टी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनका दम टूट चुका था। इस हादसे में मारे गये मजदूरों की पहचान अचलदान चारण, पेमाराम सोनी और दलाराम दर्जी के रूप में हुई है।

पुलिस व प्रशासन के अधिकारी इस हादसे की जांच कर रहे है।

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