गूगल इंडिया ने जीता रैंडस्टैड अवार्ड

जयपुर। गूगल इंडिया लगातार दूसरी बार रैंडस्टैड अवार्ड 2016 के 6वें संस्करण के विजेता के रूप में उभरा और इसे भारत के ‘सबसे आकर्षक नियोक्ता’ का सम्मान मिला, जबकि मसिर्डिज – बेंज इंडिया उपविजेता रहा। इस वर्ष का विशेष खण्डवार सम्मान आईटी के लिए डेल इंडिया को, उपभोक्ता इलेक्ट्रोनिक्स के लिए सैमसंग इंडिया को और ई-कॉमर्स हेतु अमेजन इंडिया को मिला।

नियोक्ता ब्रांडिंग से जुड़े दुनिया के सबसे बड़े पब्लिक ओपिनियन सर्वेक्षण, रैंडस्टैड अवार्ड सर्वेक्षण द्वारा दुनिया के 25 देशों के 200,000 से अधिक प्रतिक्रियादाताओं पर स्वतंत्र रूप से कराये गये इस सर्वेक्षण में यह तथ्य भी उभरकर सामने आया कि वेतन एवं कर्मचारी लाभ (48 प्रतिशत) भारतीय कार्यबल द्वारा नियोक्ता का चुनाव करने में शीर्ष वाहक के रूप में बरकरार रहे, जिसके बाद दीर्घकालिक रोजगार सुरक्षा (46 प्रतिशत), कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य (43 प्रतिशत), खुशनुमा कार्य परिवेश (40 प्रतिशत) और बेहतर कार्य-जीवन संतुलन (38 प्रतिशत) का स्थान रहा। हालांकि, पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष वेतन का महत्व घटा है (वर्ष 2015 की तुलना में 6 प्रतिशत की कमी)।

सर्वेक्षण के निष्कर्षों में यह भी दिखा कि भारतीय कार्यबल को आईटी एवं कम्यूनिकेशन (70 प्रतिशत) जैसे क्षेत्रों के प्रति अधिक झुकाव है (70 प्रतिशत), जिसके बाद ऑटोमोबाइल्स (66 प्रतिशत) और एफएमसीजी, रिटेल एवं ई-कॉमर्स (64 प्रतिशत) का स्थान आता है।

सर्वे के निष्कर्षों को प्रस्तुत करते हुए, रैंडस्टैड इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, डॉ. मूर्ति के. उप्पालुरी ने कहा, ‘‘आज के बेहद प्रतिस्पर्द्धी रोजगार बाजार में, शीर्ष प्रतिभाओं की भर्ती करना, उन्हें नियुक्त करना एवं उन्हें बनाये रखना कंपनी के आगे बढ़ने की दृष्टि से अत्यावश्यक है। यह तथ्य भी साबित हो चुका है कि वे कंपनियां जो उपयुक्त नौकरी के लिए उपयुक्त प्रतिभा को आकर्षित करने में समर्थ हैं, वे बेहतर प्रदर्शन करती हैं। इस स्थिति में, एकसमान नियोक्ता ब्रांडिंग रणनीति कायम करना एवं उसे बनाये रखना संगठनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, चूंकि यह भीड़ से अलग अपनी विशिष्ट पहचान प्रदान कर प्रतिभा अधिग्रहण की संपूर्ण प्रक्रिया की समग्र एप्रोच प्रदान करता है, और इस प्रकार, अभ्यर्थियों को संगठन के साथ स्वयं को जोड़ने के लिए एक आकर्षक कारण प्रदान करता है।’’

डॉ. मूर्ति ने बताया, ‘‘यह भारत में रैंडस्टैड अवार्ड का 6वां और वैश्विक रूप से 16वां सफल वर्ष है। हर वर्ष, हमारे सर्वेक्षण के परिणाम देश की एचआर बिरादरी को शानदार मूल्य प्रदान करते हैं और कर्मचारियों की भावनाओं से जुड़े उनके विचारों को बाहर लाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाते हैं और इस प्रकार, उन्हें अपने नियोक्ता के ब्रांड का मूल्यांकन करने हेतु अवसर प्रदान करता है। संभावित नियोजकों के चुनाव में भारतीय कार्यबल की इच्छाओं एवं अपेक्षाओं और उनके द्वारा ध्यान रखे जाने वाले मानक सचमुच पिछले कुछ वर्षों में बदलते रहे हैं और मुझे खुशी है कि रैंडस्टैड का यह विचार नेतृत्व मंच निश्चित रूप से कुछ ऐसा है, जिसे देश के एचआर लीडर्स अपनेे प्रतिभा अधिग्रहण, अवधारण एवं जुड़ाव रणनीतियों को तैयार करते समय ध्यान में रख सकते हैं।’’

दुनिया के प्रमुख एचआर सेवा प्रदाताओं में से एक, रैंडस्टैड द्वारा वैश्विक रूप से स्थापित, रैंडस्टैड अवार्ड हर वर्ष दिया जाता है, ताकि प्रतिभाओं को आकर्षित करने और कंपनी के कथित आकर्षण के आधार पर देश के ‘सर्वोत्तम ब्रांड’ की पहचान करने हेतु सर्वश्रेष्ठ पद्धतियों को प्रोत्साहन मिल सके। इस वर्ष भारत में, इस सर्वेक्षण में लगभग 7500 प्रतिक्रियादाताओं के विचार लिये गये, जिन्होंने वर्ष 2016 के लिए देश के सबसे आकर्षक नियोक्ता ब्रांड का चुनाव किया।

नियोक्ता के चुनाव में निर्णय को प्रभावित करने वाले कारक

लिंग के आधार पर

यद्यपि वेतन एवं कर्मचारी लाभ, दीर्घकालिक रोजगार सुरक्षा एवं कंपनी की माली हालत पुरूषों एवं महिलाओं द्वारा नियोक्ता के चुनाव में समान रूप से शीर्ष 3 सबसे महत्वपूर्ण मानदंड बने हुए हैं, फिर भी हमारा सर्वेक्षण यह दर्शाता है कि भारत का पुरूष वर्ग नवप्रवर्तनशीलता, दमदार प्रबंधन एवं उत्पादों/सेवाओं की गुणवत्ता पर अधिक ध्यान दे रहा है।  दूसरी ओर, महिलाएं खुशनुमा कार्य परिवेश, कार्यस्थल की अच्छी सुलभता एवं कार्य करने के लचीले तरीके पर अधिक ध्यान दे रही है।

उम्र के आधार पर

भारत में 18 वर्ष से लेकर 24 वर्ष के आयु वर्ग का युवा कार्यबल अच्छे प्रशिक्षण, वैश्विक कॅरियर अवसर, नवप्रवर्तनशीलता एवं रोचक जॉब कंटेंट की ओर अधिक झुकाव रखता है। 25 वर्ष से लेकर 44 वर्ष तक का कार्यबल – एक ऐसा उम्र वर्ग जब अभिभावकों के रूप में जिम्मेवारी का निर्वहन उच्च प्राथमिकता ले लेता है – प्रायः ऐसी कंपनियों की तलाश में होते हैं जो कार्य-जीवन के बीच बेहतर संतुलन प्रदान करे।

45 वर्ष से लेकर 65 वर्ष तक की उम्र के भारत के परिपक्व कार्यबल जो अपने जीवन में कुछ हद तक दक्षता एवं स्थायित्व हासिल कर चुके हैं, उनके लिए, नियोक्ता की तलाश करते समय वेतन, माली हालत एवं खुशनुमा कार्य परिवेश प्रमुख वाहक बना हुआ है। चूंकि इस आयु समूह वालों को नई नौकरी की तलाश में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए वे स्पष्ट रूप से दीर्घकालिक रोजगार सुरक्षा को भी पर्याप्त तवज्जो देते हैं।

शिक्षा के आधार परः

स्नातक और परास्नातक की डिग्री के प्रतिक्रियादाता ऐसे नियोक्ता की तलाश कर रहे हैं, जो बेहतर कार्य-जीवन संतुलन, रोचक जॉब कंटेंट एवं कॅरियर प्रगति अवसर उपलब्ध कराते हैं, जबकि माध्यमिक एवं निम्न शिक्षा वाले कार्यबल के लिए, अच्छा प्रशिक्षण, दमदार प्रबंधन एवं अंतर्राष्ट्रीय कॅरियर संभावनाएं शीर्ष प्राथमिकताएं हैं।