टीबी पर जागरुकता कार्यक्रम

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बीकानेर । जिला क्षय निवारण केन्द्र, बीकानेर और पी.एस.आई संस्था के द्वारा टी.बी (क्षय) रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण जनजागृति कार्यक्रम, प्राइवेट बस स्टैण्ड, उरमूल सर्किल, बीकानेर पर किया गया। जिला समन्वयक विक्रम सिंह राजावत ने बताया कि उरमूल सर्किल पर प्राइवेट बस स्टैण्ड होने के कारण यहां पर यात्रियों का आना-जाना अत्यधिक संख्या में होता है अतः यहां टी.बी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। आमजन में टी.बी रोग की जागरूकता आवश्यक है क्योकि क्षय रोग संक्रामक बीमारी है अतः इससे बचाव ही इसका प्रथम उपचार है चूंकि यह बीमारी माइकोबेक्टिरीयम टयूबरक्योलोसिस जीवाणु द्वारा हवा से फेलती है। इसीलिए टी.बी रोगी को खांसते, छिकते, थूकते समय सावधानी रखती चाहिए मूंह ठककर रखना चाहिए। विक्रम सिंह ने बताया कि टी.बी रोगी को नियमित दवाईयों का सेवन करना चाहिए। अगर सामान्यतय किसी को भी 2 सप्ताह से अधिक खांसी होतो चिकित्यक की सलाह से बलगम की जांच करवाए। टी.बी की जांच व इलाज बिलकुल निःशुल्क है। डाटस प्रणाली द्वारा टी.बी का इलाज किया जाता है।
पी.एस.आई संस्था के कारडिनेटर सुमित जोशी ने क्षय रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए बताया कि शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता कमजोर होने के कारण ही टी.बी रोग का मुख्य कारण बनता है। ध्रुमपान शराब तम्बाकु आदि के सेवन से फेफडो को नुकसान पहुंचता है जिसके कारण टी.बी की संभावना अत्यधिक बढ़ जाती है। इसलिए किसी भी प्रकार का नशा नही करने की सलाह दी गई। टी.बी रोगी को पोष्टिक आहार में फल, हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए। इस प्रकार समय-समय पर टी.बी रोग की रोकथाम एवं नियत्रण के लिए जागरूकता कार्यक्रम आवश्यक हैं इस कार्यक्रम में अधिक संख्या में लोगो ने उत्साह से जानकारी प्राप्त की साथ ही टी.बी रोग प्रचार प्रसार साम्रगी प्रदान की गई।