स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने लाखों भारतीयों तक पहुंचने के लिए तम्बाकू-रोधी अभियान रेलवे तक पहुंचाया

जयपुर । स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने वैष्विक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, वाइटल स्टेटजीज के साथ मिल कर आज धुआंरहित तम्बाकू की हानियों के बारे में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए एक शक्तिशाली आऊटडोर अभियान की शुरूआत की। हाल ही में शुरू किए गए ‘टीयर्स यू अपार्ट’ तस्वीरें व संदेश सितम्बर, 2016 तक भारत के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में कुछ रेलगाडिय़ों के बाहरी हिस्सों पर प्रदर्शित किए जाएंगे। रेलवे विज्ञापन से संभवत: भारत के लाखों ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में धुआंरहित तम्बाकू का उपयोग करने वाले लोगों पर प्रीभाव पड़ेगा। यह अभियान दुनिया के सबसे अधिक प्रसारित रेलवे नेटवर्क को स्वास्थ्य प्रोत्साहन अभियानों के लिए प्रयोग करने का एक महत्वपूर्ण अभियान है। टीयर्स यू अपार्ट के संदेश और तस्वीरें 8 राज्यों (पंजाब दिल्ली महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, कर्नाटक, तमिलनाडु, ) के प्रमुख रेलमार्गों पर 14 रेलगाडिय़ों के बाहरी हिस्से पर प्रदर्षित की जाएंगी।
रेलवे विज्ञापन लाखों लोगों द्वारा प्रतिदिन उपयोग किए जाने वाले धुआंरहित तम्बाकू की स्वास्थ्य, सामाजिक एवं आर्थिक हानियों के बारे में लोगों को चेतावनी देने के लिए एक शक्तिशाली, बहुस्तरीय अभियान है। टीयर्स यू अपार्ट का फिल्मीकरण गुवाहाटी, आसाम के बी. भडू़च कैंसर इंस्टीट्यूट व मुम्बई, महाराष्ट्र के टाटा मैमोरियल हास्पिटल में किया गया था जिसमें उन वास्तविक पीडि़तों को दिखाया गया है जो भयानक कैंसर से पीडि़त हैं और तम्बाकू चबाने के कारण उनके चेहरे या अंग विकृत हो गए हैं। इसमें पीडि़तों के सम्बंधी भी शामिल किए गए हैं जो बताते हैं कि इन बीमारियों से किस तरह कॅरियर, पारिवारिक जीवन बर्बाद हुए हैं और वित्तीय बोझ किस तरह बढ़ गए हैं। रेलवे विज्ञापन उन लोगों तक पहुंच सकते हैं जिन्होने पहले यह प्रचार अभियान टीवी पर नहीं देखा है।
श्री सी.के. मिश्रा अतिरिक्त सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, के अनुसार, सरकार सभी भारतीयों को स्वास्थ्य देखभाल व सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जन प्रचार अभियानों, फिल्म नियमों और व्यवहार परिवर्तन सम्प्रेषण के अन्य सभी तरीकों का प्रयोग करके लोगों को तम्बाकू के खतरों के बारे में सतर्क करने की हमारी रणनीति का एक मुख्य हिस्सा है। टीयर्स यू अपार्ट से जुड़े कष्ट केवल रोग या रोगियों की अपंगता से ही जुड़े हुए नहीं हैं, बल्कि उनके प्रियजनों को भी गहन स्वास्थ्य, भावनात्मक पीड़ाओं व कमियों का भागीदार बनना पड़ता है। हमारे लिए अभियान में इस वास्तविकता को उजागर करना महत्वपूर्ण था।
जोस लुईस कास्त्रो, प्रेसिडेंट एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, वाइटल स्ट्रेटजीज़ ने टिप्पणी करते हुए कहा, हम इस अभियान पर भारत सरकार को बधाई देते हैं और हमें इस बात की प्रसन्नता है कि यह मीडिया के अनेक माध्यमों से भारतीयों तक बड़ी संख्या में पहुंचेंगे। यह बात विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि इसका प्रयोग फिल्मों व टीवी कार्यक्रमों में तम्बाकू उपयोग करने की तस्वीरों के विरूद्ध किया जाएगा। भारत गैर-संचारी रोग के बढ़ते हुए बोझ का सामना कर रहा है जिसके लिए तम्बाकू एक अग्रणी जोखिक कारक है और तम्बाकू से जुड़े रोगों के कारण हर साल 1.4 ट्रिलियन रू. का आर्थिक बोझ भी पड़ता है। यह शक्तिशाली भावनापूर्ण अभियान पीडि़तों व उनके परिवारों को यह प्रदर्शित करता है कि किस तरह धुआंरहित तम्बाकू जिंदगियों को उजाड़ता है। हमें आशा है कि भारत के लाखों धुआंरहित तम्बाकू उपयोक्ता इस अभियान में तम्बाकू के वास्तविक प्रभावों के बारे में जान जाएंगे और नई ग्राफिक पैक चेतावनियों से प्रभावित होंगे तथा इसे छोडऩे का निर्णय लेंगे।
प्रो. पंकज चतुर्वेदी, ऑनकालाजिस्ट, टाटा मैमोरियल हास्पिटल, मुम्बई ने कहा, ‘‘जन स्वास्थ्य प्रहरियों ने लगातार भारत सरकार से तम्बाकू उपयोग के कारण होने वाली मौतों और रोग के बोझ को कम करने के लिए प्रभावी उपाय करने की मांग की है। धुआंाहित तम्बाकू उपयोक्ताओं व उनके परिवारों तक पहुंचने के लिए भारत के विषाल रेलवे नेटवर्क का प्रयोग करना और फिल्म नियमावली और तम्बाकू पैकेटों पर हाल ही के 85 प्रतिषत चेतावनियों वाले कानूनों का पालन करना तम्बाकू नियंत्रण के क्षेत्र में भारत सरकार के सक्षम नेतृत्व का एक और उदाहरण है।’’