सेना की मदद करेंगे अभिलेखागार के दस्तावेज

बीकानेर। राजस्थान राज्य अभिलेखगार में सुरक्षित व संरक्षित दस्तावेज अब भारतीय सेना के लिए भी मददगार साबित होंगे। सेना के अधिकारियेां ने मंगलवार को यह जानकारी अभिलेखगार के निरीक्षण व अवलोकन के दौरान दी।

राजस्थान राज्य अभिलेखगार के निदेशक डा.महेंद्र खड़गावत ने बताया कि महाराजा गंगासिंह द्वारा स्थापित गंगा रिसाला जिसे कि आज भारतीय सेना में 13वीं ग्रेनेडियर के नाम से जाना जाता है, के वर्तमान कमाडिंग ऑफिसर कर्नल एस. प्रशान्त ने अपने सहयोगी मेजर विजय कुमार के साथ अभिलेखागार का अवलोकन किया। उन्होने अभिलेखागार मे प्रदर्शनी गंगा रिसाला का विशेष रूप से अवलोकन किया। गंगा रिसाला (कैमल कार्प)का 1889 में महाराज गंगासिंह के द्वारा गठन किया गया। 1914 व 1939-1942 तक हुए दो विश्व युद्व में भाग लिया। इससे पूर्व जम्मू कश्मीर से आरपेशन सद्भावना के तहत आए जवानों व सरहद पर बसे ग्रामीणेां ने भी अभिलेखगार का भ्रमण करवाया था।
इस दौरान कर्नल एस. प्रशान्त ने सेना की यूनिट के लिए बहुत ही उपयोगी बताते हुए सम्पूर्ण यूनिट को अभिलेखागार का अवलोकन के लिए भेजने की बात कही।
इस अवसर पर विभाग के निदेशक डॉ. महेन्द्र खड़गावत ने गंगा रिसाला प्रदर्शनी के दस्तावेजों की एक प्रति उन्हें भेंट की। इस अवसर पर गंगा रिसाला के सेवानिवृत कमाडिंग ब्रिगेडियर जगमाल सिंह एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।