भलूरी में आगजनी प्रभावितों को लगभग चालीस लाख रूपये आर्थिक सहायता

जिला कलक्टर के निर्देश पर चौबीस घंटे के भीतर हुई कार्रवाई, अनेक संस्थाएं भी सहयोग के लिए आईं आगे
बीकानेर। भलूरी में आगजनी से पीड़ित 40 परिवारों को जिला प्रशासन द्वारा रविवार को 98 हजार 900 रूपये प्रति परिवार के हिसाब से कुल 39 लाख 56 हजार रूपये आर्थिक सहायता तथा प्रत्येक परिवार को गेहूं, दाल, तेल और मसाले आदि उपलब्ध करवाए गए हैं। जिला कलक्टर के निर्देश पर चौबीस घंटे के भीतर प्रभावी कार्रवाई करते हुए यह आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई गई है। वहीं अनेक स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा भी प्रभावित लोगों को सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
जिला कलक्टर पूनम ने बताया कि उन्होंने शनिवार को ही भलूरी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तथा प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने तथा खाने आदि की व्यवस्था करवाई गई। इसके बाद रविवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) तथा कोलायत के उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, बीडीओ, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौके पर रहे। जिला प्रशासन की ओर से 40 परिवारों को 98 हजार 900 रूपये की सहायता राशि स्टेट डिजास्टर रिसपोंस फंड (एसडीआरएफ) के प्रावधानों के अनुसार प्रति परिवार को रविवार को ही उपलब्ध करवा दी गई।
उन्होंने बताया कि रसद विभाग के माध्यम से पचास किलो गेहूं प्रति परिवार, एक-एक किलो तेल और दाल, मसाले, सब्जियां आदि भी ग्रामीणों को उपलब्ध करवाई गई हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आगजनी से प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए रविवार को अनेक स्वयंसेवी संस्थाएं भी प्रभावित क्षेत्रा में डटी रहीं। रविवार को व्यापार मंडल की ओर चालीस परिवारों को खाद्य एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाई गई, वहीं सीमाजन कल्याण समिति और उरमूल संस्थान सहित अन्य संस्थाओं ने भी राहत सामग्री उपलब्ध करवाई।
पूर्व मंत्री ने लिया जायजा, उपलब्ध करवाई सहायता सामग्री
पूर्व मंत्राी देवीसिंह भाटी, प्रधान जयवीर सिंह और पूर्व सरपंच रामकिसन आचार्य ने भी रविवार को भलूरी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तथा ग्रामीणों से बातचीत की। पूर्व मंत्राी ने इस अवसर पर आगजनी प्रभावित परिवारों को सहायता राशि के चैक सौंपे तथा प्रभावित लोगों को अपनी ओर से पलंग, कपड़े, थाली, कटोरी, बिस्तर, तकिया, चद्दर, दरी और खाद्य सामग्री के सौ सेट उपलब्ध करवाए। उन्होंने कहा कि वे प्रत्येक ग्रामीण के सुख-दुःख के साथी हैं तथा दुःख की इस घड़ी में उनके साथ है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी तथा उन्हंे प्रत्येक जरूरी चीज सहायता स्वरूप पूर्ण प्राथमिकता से उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने उपखण्ड प्रशासन द्वारा की व्यवस्थाओं को देखा तथा उपखण्ड अधिकारी को सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए।