संभाग के चिकित्सा जगत में जुड़ा नया अध्याय

संभाग के चिकित्सा जगत में जुड़ा नया अध्याय 1बीकानेर। पीबीएम अस्पताल में बुधवार को कान, नाक, गला विभाग में कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी प्रारम्भ होने के साथ ही संभाग के चिकित्सा जगत में नया अध्याय जुड़ गया। कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी संभाग के प्राइवेट और सरकारी दोनांे क्षेत्रों में पहली बार पीबीएम अस्पताल में ही की गई है। इसके साथ ही सम्पूर्ण राजस्थान के राजकीय चिकित्सालयों में जयपुर और जोधपुर के बाद बीकानेर का पीबीएम अस्पताल ऐसी सुविधा वाला तीसरा संस्थान बन गया है। बुधवार को 5 वर्षीय मोनिका और मोहम्मद अलमास एवं 13 वर्षीय दिव्या का ऑपरेशन किया गया।

यह चिकित्सक थे शामिल

        ऑपरेशन टीम में दिल्ली के डॉ. अमित किशोर व जयपुर के डॉ. मोहनीश ग्रोवर के साथ पीबीएम अस्पताल के कान, नाक, गला विभाग के विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. दीपचंद के मार्गदर्शन में डॉ. गौरव गुप्ता, डॉ. विवेक सामौर और डॉ. एम.जी. भट्टर ने शामिल थे। निश्चेतना टीम में डॉ. अनिता पारीक, डॉ. सोनाली धवन, डॉ. लक्ष्मी तंवर तथा ऑडियोलॉजिस्ट टीम में सरावनन, आशीष सरोवा व फिरोज खान सम्मिलित थे।

क्या है कॉक्लियर इम्प्लांट ?

        चिकित्सा शिक्षा विभाग के विशिष्ट सचिव डॉ. पृथ्वीराज ने बताया कि जन्मजात गूंगे व बहरे बच्चे, जिनको दवाई या सुनने की मशीन से कोई फायदा नहीं होता, उनकी इस इम्प्लांट द्वारा सुनने की क्षमता पुनः हासिल की जा सकती है, जिससे बच्चा बोलना प्रारम्भ कर सकता है। अब से पहले इस प्रकार के बच्चों को ऑपरेशन के लिए दिल्ली अथवा जयपुर रैफर करना पड़ता था। राजस्थान सरकार की इस पहल से गरीब गूंगे और बहरे बच्चों के जीवन में आशा की नई किरण का संचार हुआ है। इस ऑपरेशन की लागत लगभग 5 लाख रूपये है, जिसका सम्पूर्ण वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन का सर्वाधिक फायदा 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को होता है।