राज्य में 13 हजार नए व्याख्याताओं की भर्ती -शिक्षा राज्य मंत्री

जयपुर। शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा है कि राज्य में 13 हजार नए व्याख्याताओं की भर्ती जुलाई माह तक कर दी जाएगी। उन्हांेने कहा कि विद्यालयों में लैब असिस्टेन्ट के पदों पर भी प्रदेष में शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। इसके अलावा पदोन्नत किए गए द्वितीय श्रेणी शिक्षकों के 12 हजार पदों पर भी शीघ्र पदस्थापन आदेष जारी किए जा रहे हैं।

प्रो. देवनानी आज यहां पोद्दार स्कूल में राजस्थान शिक्षा सेवा प्राध्यापक संघ (रेसला), राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद् (प्रधानाचार्य) द्वारा ‘सशक्त राष्ट्र के निर्माण में सामाजिक समरसता अभिवृद्धि के लिए शिक्षा की भूमिका’ तथा ‘माध्यमिक शिक्षा में वर्तमान में हुई प्रगति’ विषयक ‘मंथन’ समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में 55 हजार शिक्षकों की रिकॉर्ड पदोन्नति की गई है। वर्ष 2016-17 की डीपीसी की भी तैयारी कर ली गई है, 15 अप्रैल से डीपीसी की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। आगामी सत्र से पहले-पहले सभी पात्रता रखने वाले शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि डीडी के सभी 33 पदों पर डीपीसी कर दी गई है, पदस्थापन से अब डीडी का कोई पद रिक्त नहीं रहेगा।

शिक्षा राज्य मंत्री ने इस मौके पर शिक्षकों का आह्वान किया कि वे प्रदेश में राजकीय विद्यालयों में नामांकित 68.5 लाख बच्चों की संख्या को बढ़ाकर 80 लाख तक पहुंचांए। उन्होंने कहा कि नामांकन के लिए घर-घर जाकर दस्तक दी जाए। हमारा यह प्रयास हो कि प्रदेष का हर बच्चा स्कूल में आए। इसके लिए उन्होंने राजकीय विद्यालयों में पढ़ाने के स्तर में वृद्धि करने, वहां के माहौल को बच्चों के अनुकूल करने आदि के गुणात्मक प्रयास करने के साथ ही बच्चों को श्रेष्ठ शिक्षा प्रदान करने के लिए निंरतर प्रयास किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यालयों में प्रातः वंदेमातरम्, ध्यान, योग और सूर्य नमस्कार कराने तथा विद्यार्थियों को नैतिकता और संस्कार प्रदान करने वाली शिक्षा दिए जाने का आह्वान किया।

प्रो. देवनानी ने बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की 125 वीं जयंती पर रेसला के आयोजन को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बाबा साहब दलितों के ही नहीं सभी समाजों के मसीहा थे। उन्होंने उनके आदर्षों को आत्मसात करते हुए समाज में छूआछूत, अश्पृष्यता के लिए जीवन में कोई स्थान नहीं रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता शिक्षा के द्वारा ही संभव है। उन्होंने रामनवमी पर भगवान श्रीराम की याद दिलाते हुए कहा कि उन्होंने सबरी के बैर खाकर अनूठा  उदाहरण पेष किया। उनके यह राम भाव जन-जन तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में हमारे यहां कोई जातिभाव नहीं है। दो ही जातियां है, शिक्षक और शिक्षार्थी। उन्होंने शिक्षा में समता और ममता के भाव सदा कायम रखे जाने के लिए भी शिक्षकों का आह्वान किया।

प्रदेश में शिक्षा के 209 अरब के बजट की चर्चा करते हुए शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि इस बड़ी राशि के प्रावधान के बदले हम समाज को क्या अपनी ओर से दे रहे हैं, इस पर भी शिक्षक विचार करें। उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी पढ़े और हर शिक्षक पढ़ाए। बच्चों को आगे बढ़ाएं और राजस्थान को देष के पांच अग्रणी राज्यों में सम्मिलित करने में षिक्षक अपना योगदान दें। उन्होंने प्राचार्यों को विद्यालयों में पांव मे चक्कर और मुंह में शक्कर रखते हुए अपने दायित्व का प्रभावी पालन किए जाने पर भी जोर दिया।

इससे पहले समारोह में शिक्षा मंत्री प्रो. देवनानी का रेसला की ओर से 21 किलो की पुष्पमाला पहनाकर अभिनंदन करते हुए संगठन के पदाधिकारों ने कहा कि राजस्थान में शिक्षकों के पदोन्नति का जो कार्य किया गया है वह आजादी के बाद इससे पहले कभी नहीं हुआ। उन्हांेने शैक्षिक विकास के लिए किए गए प्रयाासों की सराहना की तथा नामांकन वृद्धि तथा शैक्षिक गुणवत्ता के लिए निरंतर प्रयास किए जाने का संकल्प भी लिया।

विधायक गोवर्धन वर्मा ने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे बाबा सामहब अम्बेडकर के समरसता के संदेष को नई पीढ़ी में प्रसारित करें। समारोह में माध्यमिक शिक्षा के निदेशक बी.एल. स्वर्णकार, निदेषक, प्राथमिक शिक्षा जगदीश पुरोहित, माध्यमिक शिक्षा अभियान के आयुक्त बाबू लाल मीणा, अतिरिक्त आयुक्त जस्साराम चौधरी ने कहा कि गुणवत्ता की शिक्षा के लिए शिक्षक समुदाय प्रतिबद्ध होकर कार्य करे। रेसला के प्रदेशाध्यक्ष मोहन सियाग ने संगठन से संबंधित कार्यो के बारे में जानकारी दी। संरक्षक श्री पाटीदार ने कहा कि शिक्षक नया दर्शन, नई विचारधारा देकर समाज को आलोकित करते हैं। प्रातीय अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने सभी का स्वागत किया।