वेटरनरी विश्वविद्यालय प्रशिक्षण तथा अनुसंधान केन्द्र टोंक की स्थापना के लिए 50 एकड़ भूमि हस्तांतरित

बीकानेर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने केन्द्रीय भेड़ और ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर तहसील मालपुरा (जिला टोंक) की 50 एकड़ भूमि वेटरनरी विश्वविद्यालय के लिए राजस्थान सरकार को हस्तांतरित करने को मंजूरी प्रदान की है। वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए.के. गहलोत ने बताया कि यह जमीन लागत मुक्त आधार पर राजस्थान पशुचिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर को पशुचिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशिक्षण तथा अनुसंधान केन्द्र की स्थापना के लिए दी गई है। उन्होंने बताया कि अविकानगर में रिर्सच एण्ड टेªनिंग सेंटर स्थापित करने के लिए राज्य सरकार एवं यूनिवर्सिटी ने पहले से रूपरेखा तैयार कर रखी है। वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए.के. गहलोत बताया कि यहां दो अनुसंधान प्रयोगशाला बनाई जाएगी। एक लैब में पशुओं की बीमारियों की जांच होगी वहीं दूसरी लैब में पशु आहार, दूध व गोबर का परीक्षण होगा। विश्वविद्यालय यहां पशुपालन की उन्नत तकनीक से पशुपालकों को प्रशिक्षित भी करेगी। इसके साथ ही प्रदर्शन फार्म हाउस तैयार होगा। इस फार्म हाउस में पौष्टिक एवं उन्नत किस्म के हरे चारे उत्पादन का प्रदर्शन करने के साथ ही इसके बीज उत्पादन का काम भी प्रस्तावित है। पशुओं खासतौर पर बकरी और भैंस की उन्नत नस्लें तैयार कर उन्हें पशुपालकों तक पहुँचाने की दिशा में काम होगा। अविकानगर में केन्द्र की स्थापना से पारस्परिक लाभ के लिए विश्वविद्यालय और सीएसडब्यूआरआई के बीच सहयोग और मजबूत होगा। यह केन्द्र ग्रामीण लोगों विशेषकर महिलाओं को आजीविका सुरक्षा और लैंगिक समानता बढ़ाने का प्रशिक्षण देगा, ताकि ग्रामीण लोगों विशेषकर महिलाओं को सशक्त बनाया जा सके। साथ-साथ यह केन्द्र उत्पादकता बढ़ाने और पशु धन से लाभ कमाने के लिए कम लागत की पर्यावरण सहज तकनीकी भी प्रदर्शित करेगा।