जयपुर। केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026–27 को जहां केंद्र सरकार आम आदमी, महिलाओं, किसानों और युवाओं के लिए लाभकारी बता रही है, वहीं राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस बजट को प्रदेश के लिए निराशाजनक करार दिया है।
अशोक गहलोत ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान का बजट भाषण में कहीं उल्लेख तक नहीं किया जाना प्रदेश के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार को दर्शाता है।
ERCP, रेलवे और मेट्रो पर चुप्पी
गहलोत ने कहा कि राजस्थान के लिए बेहद अहम ईआरसीपी (ERCP) परियोजना का बजट में कोई जिक्र नहीं किया गया। इसके अलावा राज्य में किसी नई रेलवे परियोजना या मेट्रो विस्तार को लेकर भी कोई घोषणा नहीं की गई, जिससे प्रदेश की जनता को निराशा हाथ लगी है।
उन्होंने कहा कि गरीब, श्रमिक और असंगठित क्षेत्र से जुड़े लोगों की बड़ी आबादी के लिए भी बजट में किसी बड़े राहत पैकेज की घोषणा नहीं हुई है।
‘डबल इंजन’ के बावजूद निराशा
पूर्व मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार होने के बावजूद राजस्थान को बजट में अपेक्षित महत्व नहीं मिला। गहलोत ने बजट को राजस्थान के लिए “damp squib” बताते हुए कहा कि यह बजट “ऊंची दुकान, फीका पकवान” साबित हुआ है।
गहलोत के इस बयान के बाद बजट को लेकर प्रदेश की राजनीति में बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इसे लेकर सियासी बयानबाजी और बढ़ने की संभावना है।











