जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय बजट 2026-27 को नए भारत के सपनों और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की जरूरतों को पूरा करने वाला बजट बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश पिछले 12 वर्षों से वित्तीय अनुशासन और स्थायित्व के साथ विकास की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत की ओर ले जाने वाला रोडमैप है। इसमें युवाओं, महिलाओं, किसानों और उद्यमियों के लिए ठोस और दूरदर्शी प्रावधान किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि युवा शक्ति को केंद्र में रखते हुए रोजगार, स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप्स और सर्विस सेक्टर को बढ़ावा दिया गया है। एक लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स, डेढ़ लाख केयर गिवर्स और टूरिस्ट गाइड्स को कौशल प्रशिक्षण देने की घोषणा से युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहले से लागू एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसी के साथ अब कंटेंट क्रिएटर लैब्स की स्थापना से राजस्थान के युवाओं को दोहरा लाभ मिलेगा।
🔶 उद्योगों को मिलेगा वैश्विक मंच
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि बायो फार्मा, केमिकल्स, टेक्सटाइल, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट जैसे क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने से छोटे उद्योगों के लिए ग्लोबल बिजनेस हाउस बनने का रास्ता खुलेगा। उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि बजट में घोषित विशेष योजनाओं का लाभ उठाकर राजस्थान के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में निवेश करें।
☀️ सोलर सेक्टर को नई रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में अक्षय ऊर्जा के लिए 30 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी कर करीब 32,914 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पीएम सूर्यघर योजना के लिए 22 हजार करोड़ रुपये का आवंटन और सोलर ग्लास व लिथियम आयन बैटरी निर्माण में कस्टम ड्यूटी में छूट से राजस्थान का सोलर सेक्टर और मजबूत होगा।
💻 सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर हब बनने को तैयार राजस्थान
मुख्यमंत्री ने बताया कि सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज से जुड़े प्रोत्साहनों का लाभ उठाने के लिए राजस्थान पूरी तरह तैयार है। एसएमई ग्रोथ फंड, आत्मनिर्भर भारत टॉपअप और महात्मा गांधी स्वराज योजना से प्रदेश के छोटे उद्योगों को बड़ा सहारा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि अवसंरचना विकास के लिए 12.20 लाख करोड़ रुपये के प्रावधान से राजस्थान के शहरी और औद्योगिक ढांचे को मजबूती मिलेगी। इनविट बॉन्ड, आरईआईटी और म्युनिसिपल बॉन्ड्स से प्रदेश के शहरों को नई ऊर्जा मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।











